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मोहला-मानपुर में माओवादियों को बड़ा झटका, 25 वर्षों से सक्रिय मॉपोस कमांडर दंपत्ति ने किया आत्मसमर्पण

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मोहला/मानपुर। वामपंथी उग्रवाद से लंबे समय से प्रभावित मोहला-मानपुर अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले 25 वर्षों से नक्सल संगठन में सक्रिय माओवादी दंपत्ति ने पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

आत्मसमर्पण करने वालों में 8 लाख रुपए के इनामी जीवन तुलावी उर्फ राम तुलावी और उनकी पत्नी अगाशा उर्फ आरती कोर्राम शामिल हैं। आत्मसमर्पण की कार्रवाई राजनांदगांव रेंज आईजी अभिषेक शांडिल्य, एसपी वाय.पी. सिंह, आईटीबीपी 27वीं बटालियन के कमांडेंट विवेक कुमार पांडे और 44वीं बटालियन के अधिकारियों की मौजूदगी में सम्पन्न हुई।

शिक्षा इकाई का प्रमुख रहा जीवन, अबूझमाड़ में फैला रखा था नेटवर्क
45 वर्षीय जीवन तुलावी, ग्राम परवीडीह, थाना मोहला का निवासी है। वह डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) और माड़ डिवीजन की शिक्षा इकाई का कमांडर रहा है। वर्ष 2008 में नक्सल संगठन से जुड़ने के बाद उसने दक्षिण राजनांदगांव के पीएलजीए सैन्य दस्ते में काम किया। वर्ष 2012-13 से वह माड़ डिवीजन के मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल (MOPOS) में सक्रिय रहा और LWE विचारधारा का प्रशिक्षण देने वाले मोबाइल एकेडमिक स्कूल (MAS) के जरिए अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों तक नेटवर्क फैलाया।

पत्नी अगाशा रही चेतना नाट्य मंडली (CNM) की प्रमुख
जीवन की पत्नी 35 वर्षीय अगाशा उर्फ आरती कोर्राम, ग्राम तेलीटोला, थाना मोहला की निवासी है। वह एरिया कमेटी मेंबर (ACM) और माड़ डिवीजन की प्रेस टीम की सदस्य रही है। साथ ही चेतना नाट्य मंडली (CNM) की कमांडर के रूप में उसने संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। गायिका, नर्तकी, कवयित्री, वक्ता और गीतकार के रूप में सक्रिय अगाशा, माओवादियों की प्रेस विज्ञप्तियों के संपादन और कंप्यूटर संचालन का काम भी करती थी।

लगातार कार्रवाई से संगठन में मचा हड़कंप
बीते 15 वर्षों में आईटीबीपी और जिला पुलिस बल की सतत कार्रवाई से जिले में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिला, जो कि गढ़चिरौली और कांकेर जैसे संवेदनशील जिलों की सीमा से लगा हुआ है, वहां सुरक्षा बलों ने लगातार दबाव बनाए रखा। परिणामस्वरूप, पिछले 3 महीनों में 5 वरिष्ठ नक्सली कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है, जो संगठन के लिए बड़ा आघात है।

पुलिस का मानवीय रुख और पुनर्वास योजनाओं का असर
आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने अपील की कि जो भी माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनका स्वागत है।

एसपी वाय. पी. सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी, लगातार सर्च ऑपरेशन और क्षेत्रीय जागरूकता अभियानों का यह प्रतिफल है कि अब नक्सली भी संगठन से मोहभंग महसूस कर रहे हैं और समाज की ओर लौट रहे हैं।

माओवादियों की जमीन खिसक रही है
सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल जैसे प्रचार माध्यमों को संचालित करने वाले वरिष्ठ माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण संगठन के वैचारिक आधार को ही झकझोरने वाला है। इससे अबूझमाड़ समेत पूरे माड़ क्षेत्र में माओवादियों की जड़ें कमजोर होती दिख रही हैं।

नक्सलवाद से लौटे इस दंपत्ति का आत्मसमर्पण न सिर्फ कानून व्यवस्था की जीत है, बल्कि यह शांति की ओर बढ़ते कदमों की मजबूत बुनियाद भी है।

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अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़: 20.59 लाख का 41 किलो गांजा और पिकअप जब्त

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राजनांदगांव। जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के संयुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल राजनांदगांव और पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए टाटा योद्धा पिकअप से 41.195 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 20 लाख 59 हजार 750 रुपए आंकी गई है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। एनसीबी रायपुर से पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ को सूचना मिली थी कि ओडिशा के मलकानगिरी/कोरापुट क्षेत्र से भारी मात्रा में गांजा पिकअप वाहन (क्रमांक सीजी 04 एनएस 8967) में छिपाकर राजनांदगांव-तुमड़ीबोड़ मार्ग से आगरा (उत्तर प्रदेश) ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही एनसीबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेशनल हाईवे स्थित गुरुद्वारा चौक के पास घेराबंदी की।

पुलिस को देख 300 मीटर पहले रोका वाहन, अंधेरे में भागे आरोपी
घेराबंदी के दौरान पुलिस को आता देख संदिग्ध पिकअप चालक ने वाहन को गुरुद्वारा चौक से करीब 300 मीटर पहले ही रोक दिया। इसके बाद वाहन में सवार दो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया और आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तस्कर भागने में सफल रहे।

“मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है, जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।”
— पुलिस प्रशासन, राजनांदगांव

सीट के नीचे छिपे मिले 36 पैकेट, 28.65 लाख का मशरूका जब्त
जब पुलिस ने लावारिस हालत में छोड़े गए पिकअप वाहन की नियमानुसार तलाशी ली, तो सीट के पीछे और नीचे विशेष रूप से बनाए गए गुप्त स्थान से 36 पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर इनमें 41.195 किलोग्राम गांजा पाया गया। इसके अलावा वाहन से एक ओप्पो कंपनी का स्मार्टफोन भी जब्त किया गया है।

पुलिस ने गांजा, टाटा योद्धा पिकअप और मोबाइल सहित कुल 28 लाख 65 हजार 750 रुपए का मशरूका जब्त किया है। तुमड़ीबोड़ चौकी में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 319/26 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए एनसीबी रायपुर और राजनांदगांव पुलिस की संयुक्त टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज

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राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।

निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।

छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।

पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।

पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

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7 माह की गर्भावस्था से खुला दुष्कर्म का मामला, दिव्यांग युवती से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। डोंगरगांव थाना पुलिस ने दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी कमल नारायण साहू (24) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब युवती के पेट में सूजन आने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और जांच में उसके सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत पर 24 जुलाई को थाना डोंगरगांव में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(के) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता बोलने में असमर्थ है। ऐसे में उसका बयान सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (दुभाषिया) की मदद से दर्ज कराया गया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी कमल नारायण साहू, निवासी ग्राम तुमडीलेवा, थाना डोंगरगांव की पहचान कर उसे उसके घर से हिरासत में लिया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उपनिरीक्षक देवकुमार रावटे और प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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