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कोरोना ठीक करने वाली गोली हुई लॉन्च….महज 5 दिन का होगा कोर्स.. जानिए कितने रुपए में और कैसे खरीद सकते हैं आप…..

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Covid-19 के इलाज में उपयोग की जाने वाली एंटीवायरल गोली मोलनुपिरावीर को भारत में आपातकालीन मंजूरी मिलने के बाद लॉन्च कर दिया गया है। मोलनुपिरावीर के अलावा कोवोवैक्स और कॉर्बेवैक्स को भी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने मंजूदी दी है।

क्या है एंटीवायरल गोली मोलनुपिरावीर?

मोलनुपिरावीर का इस्तेमाल कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जाता है। ये एक पुनर्निर्माण दवा है, जिसे गोली का आकार दिया गया है। मरीज इसे आसानी से ले सकते है। ये गोली वायरस को शरीर में फैलने से रोकती है और जल्दी रिकवर होने में मदद करती है।संक्रमित मरीज को 12 घंटे के अंदर इसकी 4 गोलियां लेनी होंगी। इलाज के दौरान मोलनुपिरावीर की गोलियों का 5 दिनों तक कोर्स लेना जरुरी है।

यह दवा कितने रुपए में मिलेगी?

सोमवार को पूरे 5 दिन के कोर्स के साथ मोलनुपिरावीर को 1399 रु. में लॉन्च किया गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन आरसी जूनेजा ने बताया कि, ये दवा अब तक की सबसे सस्ती एंटीवायरल दवा है, जिसकी एक गोली 35 रुपए की मिलेगी और 5 दिन का कोर्स 1399 रुपए में मिलेगा।

मोलनुपिरावीर नाम की यह दवा कहां से खरीद सकते हैं?
माना जा रहा है कि मोलनुपिरावीर की गोलियां बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी। दरअसल, मेडिकल स्टोर्स पर इसे बेचने की सिफारिश की गई है, लेकिन दुकानदारों को कुछ निर्देश भी दिए जा सकते हैं।इस दवा का इस्तेमाल उन मरीजों के लिए किया जाएगा, जो गंभीर कोरोना के शिकार हैं और अस्पताल में भर्ती हों।

दवा खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची की जरूरत होगी या नहीं?

आने वाले दिनों में मोलनुपिरावीर के 5 दिन का कोर्स आपको भले ही मेडिकल स्टोर पर मिल जाएं, लेकिन इसे खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी है। केंद्र सरकार ने मोलनुपिरावीर के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है, जिसका साफ मतलब है कि इसकी नियंत्रित बिक्री की जा सकती है।कोई भी अपने मन से इस दवा को नहीं खरीद सकता है। जब तक डॉक्टर किसी मरीज के लिए इस दवा को पर्ची पर नहीं लिख देता, तब तक इसे नहीं खरीदा जा सकता है।

यह दवा काम कैसे करती है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि RNA मैकेनिज्म के जरिए कोरोना वायरस हमारे शरीर में दस्तक देता है और संक्रमण फैलने लगता है। जैसे-जैसे वायरस और संक्रमण फैलता है वैसे-वैसे मरीज की हालात गंभीर होते जाती है। मोलनुपिरावीर की गोलियां RNA मैकेनिज्म को ठीक करती हैं और वायरस को शरीर में फैलने से रोकती हैं।जब दवा का असर शुरू होता है और वायरस कमजोर पड़ता है तो मरीज की हालात सामान्य हो जाती है। वो गंभीर संक्रमण से बच जाता है।

यह दवा किस देश में और किसने बनाई है?

मोलनुपिरावीर को इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए अमेरिका के जॉर्जिया स्थित इमॉरी यूनिवर्सिटी में तैयार किया गया था। जिसे नवंबर 2021 में यूनाइटेड किंगडम ने और दिसंबर 2021 में अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मान्यता दी थी।भारत में 28 दिसंबर को ड्रग कन्ट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मान्यता दे दी। सोमवार को इसे भारत में लॉन्च किया गया।

भारत में कौन-कौन सी कंपनियां मोलनुपिरावीर दवा बना रही हैं?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक भारत की लगभग 13 दवा निर्माता कंपनियां घरेलू स्तर पर मोलनुपिरावीर बनाएंगी। इन कंपनियों में डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज, नैटको फार्मा, सिप्ला, स्ट्राइड्स, हेटेरो और ऑप्टिमस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।क्या इस दवा का पहले भी इस्तेमाल किया जा चुका है? मोलनुपिरावीर को सबसे पहले इन्फ्लूएंजा के इलाज में इस्तेमाल किया गया था।

क्या यह दवा कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ काम करती है?

जी हां, भारत में दवा बनाने वाली 13 फार्मा कंपनियों में से एक मैनकाइंड की तरफ से बताया गया है कि मोलनुपिरावीर कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ भी कारगर है।

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खेल

जूनियर नेशनल बास्केटबॉल : छत्तीसगढ़ की बेटियों ने जीता गोल्ड मेडल, फाइनल में केरल को दी शिकस्त

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राजनांदगांव। पंडुचेरी में बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) द्वारा पंडुचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने इतिहास रच दिया है। छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में केरल की मजबूत टीम को बेहद रोमांचक संघर्ष में 55-51 अंकों से परास्त कर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) पर कब्जा जमाया।
खिताबी मुकाबले में छत्तीसगढ़ की ओर से दिव्या रंगारी ने शानदार खेल दिखाते हुए सर्वाधिक 22 अंक बटोरे। वहीं कप्तान अंजलि कोडापे ने 14 अंक, रूमी कोनवर और अंजनी ने 7-7 अंक, अदिति कोडापे ने 3 अंक तथा सारा सिंह ने 2 अंक का योगदान देकर टीम की जीत में महती भूमिका निभाई। मैच के दौरान सोफी सिका एवं नंदनी माधो प्रधान का भी रक्षात्मक और आक्रामक प्रदर्शन सराहनीय रहा।
स्वर्ण पदक के सफर में छत्तीसगढ़ की टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा। टीम ने सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में कर्नाटक को 67-62 से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया था। इससे पहले मर्टर फाइनल मैच में छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र की टीम को एकतरफा मुकाबले में 56-44 अंकों से धूल चटाई थी। लीग मैचों में भी छत्तीसगढ़ ने उलटफेर करते हुए पिछले कई सालों से लगातार गोल्ड मेडल जीत रही तमिलनाडु और कर्नाटक जैसी दिग्गज टीमों को शिकस्त दी थी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ में आपसी विवाद होने के कारण बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने यहां के खिलाड़ियों के भविष्य को देखते हुए एक एड हॉक कमेटी (तदर्थ समिति) बनाई है। इस राष्ट्रीय समिति ने बिना किसी स्थानीय पक्षपात और दखल के प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन किया।
इस टीम को बीएफआई की चयन समिति के चेयरमैन शक्ति सिंह गोहिल और देश के दिग्गज बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे ध्यानचंद अवार्ड (लाइफटाइम अचीवमेंट) से सम्मानित रामकुमार ने मिलकर चुना था। रामकुमार भारतीय टीम के कप्तान, रेलवे के कप्तान, कोच, चयनकर्ता और खेलो इंडिया टैलेंट आइडेंटिफिकेशन कमेटी के सदस्य भी हैं। निष्पक्ष चयन का ही नतीजा रहा कि वर्षों बाद छत्तीसगढ़ की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विजेता छत्तीसगढ़ की बालिका टीम में राजनांदगांव के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। टीम की रीढ़ माने जाने वाली खिलाड़ी अंजलि कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका और नंदनी माधो प्रधान राजनांदगांव की सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी की छात्राएं हैं। ये सभी खिलाड़ी दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) राजनांदगांव में पढ़ती हैं, जहां स्कूल प्रबंधन ने खेल को बढ़ावा देने के लिए इन्हें निःशुल्क प्रवेश दिया है।
अंजलि कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका, नंदनी माधो प्रधान (सभी सर्वज्ञ राव एकेडमी राजनांदगांव), नताशा प्रजापति (साई ट्रेनिंग सेंटर राजनांदगांव), दिव्या रंगारी (महासमुंद), पारूल वर्मा व नित्या पांडे (रायपुर), कलश झा एवं सारा सिंह (भिलाई), टीम के मुख्य कोच अंतर्राष्ट्रीय कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक कोच लुमेंद्र साहू (एसईसीआर) और टीम मैनेजर अनीता तिर्की (सरगुजा) रहीं। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

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छत्तीसगढ़

नीलू शर्मा ने बाबा बैद्यनाथ धाम में किए दर्शन, बंगाल चुनाव प्रचार के बीच प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना

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देवघर/रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन में कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने झारखंड के देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना कर दर्शन लाभ प्राप्त किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
धार्मिक नगरी देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम हिंदू धर्म का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नीलू शर्मा ने भी गहरी आस्था के साथ मंदिर में पूजा कर जनकल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति को नई प्रेरणा मिलती है।
दर्शन उपरांत उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा सभी पर बनी रहे और हर व्यक्ति का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। उन्होंने “हर हर महादेव” का उद्घोष करते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गौरतलब है कि नीलू शर्मा पिछले लगभग दो महीनों से पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान मानबाजार क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं। व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच उन्होंने देवघर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर उनके साथ अन्य श्रद्धालु भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से पूजा कर समाज और क्षेत्र की उन्नति की कामना की।

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खेल

बरेली में चमकी राजनांदगांव की कनक जोगी, राष्ट्रीय महिला हैंडबॉल में जीता कांस्य पदक

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राजनांदगांव। उत्तर प्रदेश के बरेली में आयोजित 54वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में राजनांदगांव की प्रतिभाशाली खिलाड़ी कनक जोगी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन से जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
प्रतियोगिता में देशभर की टीमों ने हिस्सा लिया। कनक जोगी ने अपनी टीम के लिए खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे उनकी टीम पदक जीतने में सफल रही। इस उपलब्धि से खेल जगत में हर्ष का माहौल है।
कनक जोगी की इस सफलता पर दैनिक दावा के संपादक सूरज बुद्धदेव, राजनांदगांव जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष सूर्यकांत जैन, सचिव प्रिंस भाटिया, कोच शबनम अंसारी, फिरोज खान, राजा कुरैशी और विष्णु सिन्हा सहित अन्य खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सूरज बुद्धदेव और सूर्यकांत जैन ने कहा कि कनक जोगी की यह उपलब्धि जिले के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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