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छत्तीसगढ़

जिले में अपूर्व उत्साह एवं हर्ष के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ध्वजारोहण

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राजनांदगांव। जिले में अपूर्व उत्साह एवं हर्ष के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय मुख्य समारोह दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ध्वजारोहण कर संयुक्त परेड की सलामी ली। विधानसभा अध्यक्ष ने उद्बोधन दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उल्लास एवं उमंग के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ध्वजारोहण के बाद समारोह में परेड का निरीक्षण किया। परेड द्वारा हर्ष फायर किया गया। परेड द्वारा तिरंगे को सलामी दी गई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशंसनीय कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया एवं उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारजनों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में आर्म्स प्लाटून के साथ-साथ एनसीसी और स्काउट-गाईड की टुकड़ियों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विजेता प्रतिभागियों एवं टीम को पुरस्कार वितरण किया। इस अवसर पर कलेक्टर कलेक्टर जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा उपस्थित थे।
गणतंत्र दिवस समारोह में परेड का नेतृत्व परेड कमांडर रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर ने किया। उप निरीक्षक थाना बसंतपुर राकेश पटेल ने परेड टूआईसी का दायित्व निभाया। परेड में 14 प्लाटून ने भाग लिया। परेड में आर्म्स पलाटून में 40वीं बटालियन आईटीबीपी, 8वी बटालियन सीएएफ, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस), जिला पुलिस बल महिला, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (महिला), नगर सेना महिला तथा अनार्म्स पलाटून में दिग्विजय महाविद्यालय नेवी (नेवल), दिग्विजय महाविद्यालय पुरूष, दिग्विजय महाविद्यालय महिला, कमला देवी महाविद्यालय, स्टेट कूल बालिका, स्टेट स्कूल बालक, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर नेवल, एमएलबी स्काउट-गाइड द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट का प्रदर्शन किया गया। समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मोहक प्रस्तुति दी गई। पीएमश्री सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों ने कर्मा नाचे हिलोरी…, नीरज बाजपेयी इंटरनेशनल स्कूल बोरी के बच्चों ने विकसित भारत है…, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेण्ड्री के बच्चों ने जन जागरूकता एवं देश भक्ति…, महारानी लक्ष्मी बाई आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों ने अनेकता में एकता…, प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ डोंगरगढ़ के बच्चों ने आत्मनिर्भर भारत प्राचीन गौरव… गीत पर मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में जिले के 13 विद्यालयों के 390 बच्चों द्वारा आकर्षक व्यायाम का प्रदर्शन किया गया। साथ ही 13 विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं से संबंधित आकर्षक झांकी का प्रदर्शन भी किया गया। नगर पालिक निगम राजनांदगांव, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित, जिला पंचायत, उद्यानिकी विभाग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, यातायात पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, जल संसाधन विभाग ने झांकी के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सचिन बघेल, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, प्रदीप गांधी, पूर्व विधायक रामजी भारती, खूबचंद पारख, कोमल सिंह राजपूत, भरत वर्मा, रमेश पटेल, संतोष अग्रवाल, सौरभ कोठारी, भावेश बैद, आईजी बालाजी राव, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम एम भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित परेड में श्रेष्ठ परेड के लिए आर्म्स प्लाटून वर्ग में पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (महिला) को प्रथम एवं 40वीं बटालियन आईटीबीपी को द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया। अनआर्म्स प्लाटून वर्ग में शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय (महिला) ने प्रथम एवं शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय (पुरूष) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा मोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। समारोह में पीएमश्री सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुति को प्रथम स्थान, प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ डोंगरगढ़ के बच्चों की प्रस्तुति को द्वितीय स्थान तथा महारानी लक्ष्मी बाई आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुति को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित झांकी में कृषि विभाग को प्रथम स्थान, वन विभाग की झांकी को द्वितीय स्थान तथा जिला पंचायत की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

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छत्तीसगढ़

‘आदि अमितान’ अभियान : पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के तहत घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

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खैरागढ़। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में छुईखदान विकासखंड नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल एवं बीपीएम बृजेश ताम्रकार के नेतृत्व में जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीव्हीटीजी) बैगा समुदाय के लिए संचालित आदि अमितान पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
विकासखंड छुईखदान के 38 ग्रामों में निवासरत 4,819 बैगा जनजाति के प्रत्येक परिवार तक आदि अमितान एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। अभियान का उद्देश्य बैगा समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति की समय पर स्वास्थ्य जांच कर गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करना है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही का व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सिकल सेल रोग, एनीमिया, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर, मोतियाबिंद, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग सहित अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। आवश्यकता अनुसार मरीजों को तत्काल उपचार एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए रेफर किया जा रहा है।
आदि अमितान द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी 0 से 2 वर्ष का बच्चा अथवा गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं एवं टीकाकरण से वंचित न रहे। एवं प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के दौरान छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण तथा गर्भवती महिलाओं की जांच भी की जा रही है।
गंभीर स्वास्थ्य समस्या वाले हितग्राहियों को जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क आदि आरोग्य रथ के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक अभियान के अंतर्गत 1,109 बैगा हितग्राहियों की स्वास्थ्य जांच कर उनका व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा चुका है। इनमें से 27 मरीजों को उच्च उपचार हेतु रेफर किया गया, जिनमें 18 उच्च रक्तचाप के मरीज, 1 पीएफ मलेरिया का मरीज तथा 8 एनीमिक गर्भवती महिलाएं शामिल हैंए जिन्हें समय पर भर्ती कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
आदि अमितान पहल के माध्यम से दूरस्थ बैगा बस्तियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को उनके घर के निकट ही समयबद्ध जांच, परामर्श, उपचार एवं रेफरल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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छत्तीसगढ़

पीसीसी चीफ की दौड़ में गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद का नाम उभरा, सादगी और संगठनात्मक अनुभव बन सकता है प्लस पॉइंट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रही सियासी कवायद के बीच अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में आया है। गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक और वरिष्ठ नेता कुंवर सिंह निषाद को संगठन के मुखिया पद के लिए एक मजबूत, अनुभवी और जमीनी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि ओबीसी (OBC) वर्ग में मजबूत पकड़ और निर्विवाद छवि के कारण निषाद के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।

जिम्मेदारी मिली तो बूथ स्तर तक करेंगे काम: निषाद
नई जिम्मेदारी की चर्चाओं के बीच विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस हाईकमान और शीर्ष नेतृत्व उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपता है, तो वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे। उनका मुख्य फोकस संगठन को बूथ स्तर पर और अधिक सक्रिय व मजबूत करना होगा। निषाद ने जोर देकर कहा कि वे कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान व अवसर देंगे और कांग्रेस की मूल विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास करेंगे।

तीन दशक का सफर: युवा कांग्रेस से की थी शुरुआत
कुंवर सिंह निषाद का राजनीतिक सफर काफी लंबा और जमीनी रहा है। वे वर्ष 1995 से कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

शुरुआती सफर: उन्होंने जिला युवा कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।

संगठनात्मक अनुभव: वे प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, आधिकारिक प्रवक्ता और विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सदस्य जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभाल चुके हैं।

सामाजिक नेतृत्व: निषाद वर्तमान में विधायक होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ निषाद केवट समाज के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, जिससे उनकी सामाजिक स्वीकार्यता काफी व्यापक है।

क्यों मजबूत माना जा रहा है दावा?
राजनैतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि कुंवर सिंह निषाद की सबसे बड़ी खूबी उनकी सादगी, सहजता और सबको साथ लेकर चलने वाली कार्यशैली है। संगठन और समाज, दोनों ही मोर्चों पर उनका बेहतरीन समन्वय है। ऐसे समय में जब कांग्रेस को एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो गुटबाजी से दूर रहकर कार्यकर्ताओं में जोश भर सके, निषाद का नाम एक मजबूत और उपयुक्त विकल्प के रूप में उभरा है। अब अंतिम फैसला आलाकमान के पाले में है।

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छत्तीसगढ़

तोमर ने सिंधी समाज को चालीहा महोत्सव की दी बधाई

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने सिंधी भाई – बहनों को चालीहा महोत्सव की बधाई दी है. उन्होंने अपने बधाई सँदेश में कहा है कि चालीसा दिनों तक तप – तपस्या – भक्तिभाव सँग की जाने वाली आराधना शाँति और सुकून प्रदान करेगी.

ज्ञात हो कि चालीहा महोत्सव का शुभारँभ 16 जुलाई, दिन गुरुवार को हुआ है. महोत्सव के प्रारँभ होते ही रायपुर सहित देश विदेश में सिंधी समाज से जुडे़ सभी भाई बहन विशेष पूजापाठ में जुट गए हैं.

क्षत्रिय करणी सेना के राज्य के मुखिया तोमर ने चालीहा महोत्सव के दौरान किए जाने वाले व्रत की बात करते हुए कहा है कि तमाम तरह के व्यसनों से मुक्ति का मार्ग यह पर्व दिखाता है. छोटी बडी़ सभी नदियों के सँरक्षण सहित उन्हें पूजे जाने का भी सँदेश यह त्यौहार देता है.

0 क्या है महोत्सव?

उल्लेखनीय है कि इस महोत्सव के दौरान इसे मानने वाले न तो अपने बालों में कँघी करते हैं और न ही दाढ़ी – बाल कटवाते हैं. जूते चप्पल त्यागने के साथ ही जमीन पर सोते हैं.

चालीहा महोत्सव के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है. इस अवधि में शुरुआत के पहले नौ दिन अथवा महोत्सव के अँतिम नौ दिन व्रत रखने की भी परँपरा है. व्रती दिन में केवल एक समय सात्विक भोजन का प्रसाद ग्रहण करते हैं.

0 क्यों मनाते हैं महोत्सव?

चालीहा महोत्सव से जुडी़ हुई
पौराणिक कथा पर प्रकाश डालते हुए जानकार बताते हैं कि सिंधु प्राँत में आज से करीब एक हजार साल पहले मिरख बादशाह का शासन हुआ करता था. वह बेहद अत्याचारी था.

उसके अत्याचार से पीडित प्रभावित श्रद्धालुओं ने सिंधु नदी के किनारे 40 दिनों तक भगवान वरुण की प्रार्थना की थी. इसके ही फलस्वरूप तब नदी से ही एक विशिष्ट बालक के अवतरित होने की आकाशवाणी हुई थी.

मान्यता है कि वरूण देवता स्वयँ मछली पर सवार होकर अवतरित हुए थे. उन्होंने व्रतियों से कहा था कि ” चिंता न करो मैं बहुत जल्द रतन राय के घर जन्म लूँगा और तुम्हारे दुखों का अंत करूँगा. ”

भविष्यवाणी मुताबिक वर्ष 991 में सिंध प्राँत के नसरपुर नगर में रतन राय के घर चैत्र शुक्ल तृतीया को एक बालक का जन्म हुआ. इसका नामकरण उदय चँद के रूप में हुआ.

आगे चलकर इसी ने
मिरख बादशाह का अँत सिंधी समाज के भाई बहनों की पीडा़ हर ली थी. तब से ही यह पर्व मनाया जाता है.

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