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रायपुर

ओमिक्रॉन संक्रमण के शिकार हुए थे स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव…. जिन 4 में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई, उनमें स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी……

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रायपुर। रायपुर के चार लोगों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। जिन लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई है उनमें स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी एक हैं। सिंहदेव 2 जनवरी को कोरोना पाॅजिटिव पाए गए थे। चार में से दो तो यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) से लौटे थे। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री और एक अन्य को बीमारी यहीं लग गई। टीएस सिंहदेव ने कहा कि वे भी ‘ओमिक्रॉन से ग्रसित थे। उन्होंने कहा कि वे उन पांच लोगों में शामिल हैं, जिनकी रिपोर्ट ओमिक्रोन संक्रमित आई है। लेकिन अब वे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि अब कोरोना की रफ्तार 200 गुना से ज्यादा हो गई है। तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है। सावधानी बरतने की जरूरत है।

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रायपुर

प्रधान का प्रस्थान करना युवाओं की आधी जीत : तोमर

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने केंद्रीय शिक्षा मँत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आँदोलनरत युवाओं की आधी लेकिन महत्वपूर्ण जीत बताया है. उन्होंने कहा कि युवाओं की पूरी जीत तब होगी जब शिक्षा व्यवस्था में “आमूल – चूल ” (जड़ से चोटी तक या पूर्ण और बुनियादी बदलाव होता है) परिवर्तन नज़र आने लगेगा.

सेना के प्रदेश अध्यक्ष भाई तोमर ने कहा कि कलम देश की बड़ी शक्ति है, भाव जगाने वाली, दिल की नहीं दिमागों में भी आग लगाने वाली लेकिन शायद यह सरकार भूल गई थी. तभी तो एक के बाद एक पेपरलीक होते गए.

पेपरलीक के चलते कई युवा विद्यार्थियों को समय से पहले खोने पर शोक जताते हुए तोमर कहते हैं कि जँतर मँतर बीते कई हफ्तों से युवाओं की कर्मभूमि बना हुआ है. उनकी माँग भी जायज थी और है.

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी युवा जाति – धर्म – भाषा – राज्य से परे महज हिंदुस्तानी होने के नाते अपनी माँग उठा रहे थे और निर्दयी सरकार अपनी पुलिस के सहारे उन्हें दबाने पीटने पर आतुर थी. इसके बावजूद युवाओं ने सँयम रखा. वह पुलिसकर्मियों का स्वागत करते नज़र आए.

दुष्यँत कुमार के प्रसिद्ध शेर…

“हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,

इस हिमालय से कोई गँगा निकलनी चाहिए.

सिर्फ हँगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,

मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए.

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,

हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए.”

का उल्लेख करते हुए वह कहते हैं कि युवाओं ने आज देश को एक नई दिशा दी है. प्रधान का प्रस्थान करना बताता है कि जनता जिंदा है, सत्ता कायर है ! घर से नहीं, डर से बाहर निकले युवा अब हिंदुस्तान की बाकी समस्याओं का भी उपचार कर ही लेंगे यह भरोसा हम सभी में जगा है.

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रायपुर

वीरेंद्र सिंह का बिछड़ना हम सभी के लिए दुखद : तोमर

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने परपोडी़ (धमधा) निवासी श्री वीरेंद्र सिंह राजपूत के निधन पर शोक जताया है. वह बुधवार को स्वर्गीय राजपूत के तेरहवीं के कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

अपनी शोक सँवेदना व्यक्त करते हुए क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि श्री राजपूत ने हमेशा समाज की चिंता की. वह सदैव सुख दुख के अवसर पर समाज के साथ खडे़ नज़र आते थे.

श्री तोमर ने राजपूत परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें अपनी ओर से हिम्मत बटाई. स्वर्गीय श्री राजपूत की धर्मपत्नी श्रीमती शारदा राजपूत व सुपुत्रों देवेंद्र व नागेंद्र सिंह राजपूत से वह पूरी आत्मीयता से मिले.

श्री तोमर सहित उनके साथ पहुँचे क्षत्रिय करणी सेना के राजसिंह हाडा़, प्रभात सिंह, अमित सिंह ने भी स्वर्गीय श्री राजपूत के चित्र के समक्ष अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए. सभी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से उनकी कुशलक्षेम भी जानी.

क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने खेलावन सिंह, गौकरण सिंह, भोला सिंह, सोनू सिंह, रमेश सिंह, योगेश सिंह, पिंटू सिंह, रौनक सिंह, लक्की सिंह सहित बैस परिवार के अन्य सदस्यों से भी मुलाक़ात की.

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रायपुर

काश रामनामी सम्प्रदाय से कुछ सीख लेते श्री राममँदिर के चँदा चोर : वीरेन्द्र सिंह तोमर

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने रामनामी सम्प्रदाय को बधाई दी है. इस सम्प्रदाय पर बनी डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने पर श्री तोमर बेहद प्रसन्नता के साथ ही दुखी भी हैं.

दरअसल, सारा मसला प्रभु श्रीराम से जुडा़ हुआ है. इसी से एक तरफ प्रसन्नता हो रही है तो दूसरी तरफ दुख का प्रस्फोट भी उभर कर सामने आ रहा है.

0 क्यूँ चर्चा में आए रामनामी…

रामनामी सम्प्रदाय यूँ अचानक चर्चा में नहीं आया है. इस पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने इसे लोगों की जुबान पर लाया है. यह सम्प्रदाय अपनी अनूठी भक्ति पद्धति के लिए विश्व में जाना जाता है.

इस समाज के लोग अपने पूरे शरीर पर ‘राम-नाम’ का गोदना (टैटू) गुदवाते हैं. रामनामी वस्त्र ओढ़ते हैं और घरों की दीवारों पर भी राम-नाम लिखते हैं.

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर कहते हैं कि रामनामी सम्प्रदाय का सँघर्ष दो शताब्दियों का है. जब प्रभु श्रीराम के दर्शन पूजन से रोका गया तो इस सम्प्रदाय के लोगों ने अपने शरीर को, अपने घरों को ही राममय कर लिया.

तोमर बताते हैं कि उनके दिलों में, उनकी त्वचा पर, उनके होंठों पर एक ही नाम है और वह प्रभु श्रीराम का है. राम मँदिर में प्रवेश से रोक दिए जाने के बाद सम्प्रदाय के लोगों ने अपने शरीर को ही अपना मँदिर बना लिया.

क्षत्रिय करणी सेना ने एक तरफ रामनामी सम्प्रदाय को लेकर खुशी जाहिर की है तो दूसरी तरफ चँदा चोरी पर खिन्नता प्रकट की है. सेना के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष भाई तोमर कहते हैं कि काश रामनामी सम्प्रदाय से ही कुछ सीख आस्था पर डाका डालने वाले ले लेते.

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