Connect with us

राजनांदगांव

संत कबीर के विचार एवं संदेश आज भी मार्गदर्शक और प्रासंगिक : विष्णु देव साय

Published

on

राजनांदगांव। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज डोंगरगांव विकासखंड के कबीर मठ धाम नादिया (खुज्जी) में श्री कबीर साहेब मठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन में देशभर से पहुंचे सभी संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिवर्ष संत सम्मेलन के आयोजन के लिए 11 लाख रूपए की स्वीकृति दी। ग्राम नादिया में डोम के निर्माण, मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। राजनांदगांव में कबीर साहेब के नाम से प्रवेश द्वार होगा। उन्होंने कहा कि संत सम्मेलन के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फाल्गुन महोत्सव के रूप में कबीर मठ धाम नादिया में तीन दिवसीय अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन तथा चौका आरती, सात्विक महायज्ञ और भंडारा का बहुत अच्छा आयोजन हो रहा है। उन्होंने सम्मेलन में शामिल होने और संत समाज से मिलने का अवसर प्रदान करने के लिए आयोजन समिति को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत कबीरदास जी की प्रेरणास्थली में दानवीर भक्त मालगुजार मंगतू ठाकुर हल्बा आदिवासी समाज से हैं और उन्होंने स्वयं को कबीर पंथ को सांैप दिया है। हल्बा आदिवासी समाज का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। हल्बा समाज के शहीद गैंद सिंह ने आजादी के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। संत कबीर साहेब की वाणी का छत्तीसगढ़ में बहुत प्रभाव है। प्रदेश के एक जिले का नाम संत कबीर के नाम से कबीरधाम है। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के उनके गृह ग्राम बगिया में कबीर पंथ के अनुयायी है और कुनकुरी में उनका आश्रम है, इसलिए वे कबीर पंथ के रीति-रिवाजों से परिचित है। उन्होंने कहा कि संत कबीर के विचार एवं संदेश आज भी मार्गदर्शक और प्रासंगिक है। उन्होंने कबीर के दोहे का स्मरण करते हुए सदैव सद्गुरू के बताए मार्ग पर चलने कहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और यहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों को 10.324 करोड़ रूपए की राशि से लाभान्वित किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि का भुगतान समय पर किया जा रहा है। सरकार प्रदेश के किसानों एवं जनता के हित के लिए वचनबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो वादा किया था, उसे मोदी की गारंटी के तहत पूरा किया है। सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की गई तथा अब तक 8 लाख से ज्यादा आवास बन गये है। दो साल का बकाया बोनस किसानों को प्रदान किया गया। तेंदूपत्ता, चरण पादुका, श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना जैसी योजनाओं से जनमानस लाभान्वित हो रहे है। शासन की नवीन औद्योगिक नीति बहुत अच्छी है, जिसके माध्यम से युवाओं को रोजगार देने तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही 500 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सरकार द्वारा स्वच्छ प्रशासन देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाना है।
जिले के प्रभारी मंत्री एवं स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी कार्य विभाग मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविधता भरी संस्कृति का भाव कहीं अन्य देखने नहीं मिलता है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विगत वर्षों में आगे बढ़ा रहा है एवं अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उन्नति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री निवास में संत एवं साधु समाज उनसे भेंट करने हमेशा आते रहते है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भावों को व्यक्त करते हुए बताया कि कितने भी व्यस्त रहे, लेकिन सप्ताह में एक दिन अपने परिवार के साथ भोजन अवश्य करें। इससे अपने परिवार जनों के मन के भाव को जान सकेंगे। सत्संग का लाभ लें तथा अपने परिवार से जुड़ें।
सांसद संतोष पाण्डेय ने संत सद्गुरूओं के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि भारत की पवित्र धरती सदैव संतों, धर्माचार्यों और समाज को दिशा देने वाले महापुरूषों की जन्मस्थली रही है। समय-समय पर ऐसे संतों ने समाज को सत्य और धर्म का मार्ग दिखाया है। सदगुरू सेवा साहेब और उनका पुण्य प्रताप इतना अधिक था। सद्गुरू सेवा साहेब की पुण्य परंपरा आज भी समाज को प्रेरित कर रही है। उन्होंने बताया कि आदिवासी संत मंगतुराम ठाकुर ने अपना सर्वस्व समाज और धर्म के लिए अर्पित कर त्याग और सेवा का अद्भूत उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस योगदान को समाज हमेशा स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि संतों की यह परंपरा निरंतर समाज को सही दिशा देती रही है और यह मठ उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। संत कबीर साहेब की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनकी शिक्षाएं प्रासंगिक हैं। संतों की वाणी मानवता और समाज को प्रेम, संतोष और सदाचार का मार्ग एवं सही राह दिखाती है।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि संत कबीर साहेब के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत कबीर एक मध्य मार्गी संत थे। उन्होंने जीवन में सभी धर्मों के प्रति समभाव और समानता का संदेश दिया है। महापौर ने कहा कि संत कबीर ने मानव समाज को प्रेम, भाईचारा और सदाचार का जो संदेश दिया है, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि यदि संत कबीर साहेब के आदर्शों और शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य किया जाए, तो परिवारों में सुख-शांति बनी रहेगी। महापौर ने कहा कि संत कबीर साहेब का मार्गदर्शन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। कार्यक्रम को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी एवं धर्माधिकारी सत्येंद्र साहेब ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पंथ श्री हुजूर मंगल साहेब, संत श्री गिरवर साहेब, सुश्री साध्वी सुमेधा साहेब, संत श्री डॉ. हरीश दास, संत श्री डॉ. भागीरथी साहेब, संत श्री रतनस्वरूप साहेब, महात्मा लेखचंद साहेब, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल योगेश दत्त मिश्रा, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, उपाध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित भरत वर्मा, अध्यक्ष जनपद पंचायत डोंगरगांव श्रीमती रंजीता पड़ोती, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी, सरपंच ग्राम पंचायत नादिया श्रीमती वंदिता ठाकुर, पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव सोमावार, कलेक्टर जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोराम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में कबीर पंथ के अनुयायी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजनांदगांव

उद्योगों को कलेक्टर का अल्टीमेटम : एक माह में अपनाएं सोलर ऊर्जा, सीएसआर से गांवों के विकास में दें योगदान

Published

on

राजनांदगांव। जिले में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। उन्होंने सभी उद्योगों को एक माह के भीतर सोलर ऊर्जा अपनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसआर के तहत स्थानीय समुदायों के हित में अधिक से अधिक कार्य करने की अपील की।

बैठक में कलेक्टर ने उद्योग प्रतिनिधियों से उनकी बिजली खपत और ऊर्जा जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए उद्योगों को स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन बढ़ाना चाहिए। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और संचालन लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोलर संयंत्र लगाने में तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी आने पर जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।

कलेक्टर ने कहा कि उद्योग अपने परिसरों, कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्रों और अन्य भवनों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाएं तथा वर्चुअल नेट मीटरिंग जैसी सुविधाओं का भी लाभ लें। जिन उद्योगों में पहले से सोलर संयंत्र स्थापित हैं, वे अन्य उद्योगों को भी हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करें।

बैठक में सीएसआर गतिविधियों पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों के सबसे बड़े हितधारक आसपास के ग्रामीण और स्थानीय नागरिक हैं। इसलिए सीएसआर के तहत ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका सीधा लाभ स्थानीय समुदाय को मिले और उद्योगों व समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने संस्थानों में संचालित सोलर परियोजनाओं, ऊर्जा उत्पादन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कई उद्योगों ने सोलर क्षमता विस्तार और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने की बात कही, जबकि कुछ ने सर्वेक्षण पूरा होने के बाद जल्द काम शुरू करने की जानकारी दी।

बैठक में अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, सहायक श्रमायुक्त समीर मिश्रा सहित जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Continue Reading

राजनांदगांव

स्कूलों में यातायात जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की दी जानकारी

Published

on

राजनांदगांव। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के नियमों की जानकारी देने के साथ उनका पालन करने का संकल्प भी दिलाया गया।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात शाखा की टीम ने रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, गुरु नानक स्कूल, पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्कूल, वेसलियन स्कूल, वाइडनियर स्कूल तथा जेएमजे स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

यातायात अधिकारी सहायक उप निरीक्षक कुंज लाल साहू, शरद मसीह, प्रधान आरक्षक खम्हन सिन्हा तथा आरक्षक सोमेश सिंह, रविकांत देवांगन और संदीप कुर्रे ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी।

इसके अलावा विद्यार्थियों को सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने, यातायात संकेतों और सिग्नलों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

Continue Reading

राजनांदगांव

आयुक्त ने ली संकुल समन्वयकों की बैठक : शिक्षकों को मिलेगा ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ का लाभ

Published

on

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आम नागरिकों को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जादाता बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकाम ने टाउन हॉल में संकुल शैक्षिक समन्वयकों की विशेष बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत शिक्षकों को इस महत्वाकांक्षी योजना से जोड़ना और उन्हें अपने घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करना रहा।

शिक्षा विभाग के माध्यम से घर-घर तक पहुंचेगा संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त श्री मरकाम ने कहा कि शिक्षा विभाग प्रदेश का सबसे बड़ा विभाग है और निकाय क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिक्षक निवास करते हैं। संकुल समन्वयक नियमित रूप से शिक्षकों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनके माध्यम से इस योजना का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

आयुक्त ने बताया कि योजना को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है:

कलेक्टर द्वारा समीक्षा: अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की पहल: महापौर स्वयं वार्डों और सोसायटियों में बैठकें ले रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष का संवाद: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी जिले के ऐसे 400 लाभार्थियों से चर्चा की है, जिनका बिजली बिल शून्य हो चुका है।

1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल हुआ ‘जीरो’
बैठक में बिजली विभाग के सहायक अभियंता श्री रोहित मंडावी ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 4 हजार लोग सोलर पैनल लगवा चुके हैं, जिनमें से 1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल पूरी तरह शून्य आ रहा है। उन्होंने सोलर यूनिट उत्पादन, खपत और ऑनलाइन आवेदन की बिंदुवार प्रक्रिया की जानकारी दी।

सब्सिडी और लोन प्रक्रिया की दी गई जानकारी
लीड बैंक मैनेजर श्री मोनिस शर्मा ने केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी और बैंक ऋण प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यूनतम कागजी कार्रवाई और आसान किश्तों के माध्यम से शिक्षक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

बैठक में कार्यपालन अभियंता श्री दीपक खांडे, श्री यू.के. रामटेके, बीईओ श्री राजूराम साहू, बीआरसी श्री भगत सिंह सहित बिजली विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में संकुल शैक्षिक समन्वयक मौजूद रहे।

Continue Reading

Trending