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राजनांदगांव

केवाईसी के बहाने राशन से वंचित किए जा रहे लोग : इकरामुद्दीन सोलंकी

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राजनांदगांव। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री इकरामुद्दीन सोलंकी ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में पिछले पांच महीनों से राशन वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार राशन दुकानों तक नियमित रूप से चावल पहुंचाने में असफल रही है, जिसके कारण हितग्राहियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सोलंकी ने कहा कि पांच माह से राशन कार्ड धारकों को चावल नहीं मिला है, जबकि सरकार तीन महीने का चावल एकमुश्त देने का प्रचार कर “चावल उत्सव” मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में राशन दुकानों में मात्र 30 प्रतिशत चावल ही उपलब्ध है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब दुकानों तक पर्याप्त मात्रा में चावल नहीं पहुंचा, तो उपभोक्ताओं को वितरण कैसे होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवाईसी के नाम पर राशन वितरण रोक रही है। सोलंकी के अनुसार, करीब 32 लाख राशन कार्ड धारकों के कार्ड केवाईसी के नाम पर निरस्त कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह जनविरोधी कदम है और सरकार जानबूझकर पात्र हितग्राहियों को राशन से वंचित कर रही है।

सोलंकी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व जब राशन कार्ड बनाए गए थे, तब आधार कार्ड सहित सभी आवश्यक दस्तावेज लिए गए थे। इसके बावजूद अब अचानक केवाईसी के नाम पर कार्ड निरस्त करना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि आज भी लाखों परिवार राशन कार्ड के लिए भटक रहे हैं।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का हवाला देते हुए सोलंकी ने कहा कि उस समय एपीएल और बीपीएल सभी वर्गों के लिए पारदर्शी तरीके से राशन कार्ड बनाए गए थे। ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और नगर निगमों में सूची प्रकाशित कर दावा-आपत्ति के बाद ही कार्ड जारी किए गए थे, जिससे पीडीएस व्यवस्था की विश्वसनीयता पूरे देश में सराही गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पीडीएस स्टॉक का भौतिक सत्यापन नहीं हो रहा है। सहकारी समितियों और उपभोक्ता दुकानों में अनियमितताएं बढ़ी हैं और व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

सोलंकी ने मांग की है कि सरकार तत्काल राशन वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करे और केवाईसी के नाम पर निरस्त किए गए राशन कार्डों को पुनः बहाल कर पात्र हितग्राहियों को राहत प्रदान करे।

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राजनांदगांव

राजनांदगांव में कुपोषण पर बड़ी जीत : 299 आंगनबाड़ी केंद्र हुए पूरी तरह कुपोषण मुक्त, 1184 केंद्रों में एक भी गंभीर कुपोषित बच्चा नहीं

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राजनांदगांव। जिले ने कुपोषण के खिलाफ अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और पोट्ठ लईका अभियान के संयुक्त प्रयासों से जिले के 299 आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह कुपोषण मुक्त हो गए हैं। वहीं 1184 आंगनबाड़ी केंद्रों में अब एक भी गंभीर कुपोषित या गंभीर कम वजन वाला बच्चा नहीं है।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में बच्चों के सुपोषण के लिए मिशन मोड में चलाए गए अभियान का यह परिणाम माना जा रहा है। प्रशासन के अनुसार टीमवर्क, जनभागीदारी और लगातार निगरानी से यह सफलता मिली है।

घर-घर पहुंची पोषण मुहिम
प्रशासन ने गर्भवती और शिशुवती माताओं की नियमित काउंसलिंग कर उन्हें संतुलित आहार, स्तनपान और शिशु देखभाल की जानकारी दी। पोट्ठ लईका अभियान के तहत घर-घर जाकर बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, फॉलोअप और आवश्यक मार्गदर्शन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने टेक होम राशन का वितरण और पोषण शिक्षा सुनिश्चित की, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था की। एनआरएलएम की समूह दीदियों ने रेडी-टू-ईट पोषण आहार तैयार करने और पोषण जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

अब मध्यम कुपोषित बच्चों पर फोकस
जिले में वर्तमान में 1514 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। प्रशासन ने अब मध्यम कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। लक्ष्य 15 अगस्त 2026 तक 350 और तथा 2 अक्टूबर 2026 तक 551 अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्णतः कुपोषण मुक्त घोषित करने का रखा गया है। जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को कुपोषण मुक्त बनाना है।

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खेल

पहले ही प्रयास में चमकी संस्कार सिटी की हॉकी टीम, सीबीएसई ईस्ट जोन में बनी उपविजेता

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राजनांदगांव। संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल की अंडर-14 बालक हॉकी टीम ने पहली ही बार सीबीएसई फार ईस्ट जोन हॉकी चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर उपविजेता बनने का गौरव हासिल किया है। इस शानदार उपलब्धि से विद्यालय और जिले का नाम खेल जगत में रोशन हुआ है।
ओपी जिन्दल स्कूल, रायगढ़ में 20 से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित प्रतियोगिता में संस्कार सिटी की टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफरतय किया और द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पहली ही भागीदारी में टीम के उपविजेता बनने को विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कोच सौरभ कुमार श्रीवास के मार्गदर्शन में टीम के खिलाड़ियों पीवेद सिन्हा, वासु साहू, केशराज साहू, सतीश कुमार मंडावी, कृष्णा कंवर, देव कुमार, अनिश तेलाम, खिलेश कुमार धु्रवे, हरयांश कुमार दीवान, मोक्ष राज नागेश, मोहित कुमार सोना, शैलेश वेलादी, रुद्र प्रताप मंडावी, सार्थक गुप्ता, प्रियांशु राभा, वैभव देहरी, कनिष्क साहू एवं दिव्यांशु अदिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस सफलता पर विद्यालय के प्रबंधक अतुल देशलहरा, आदित्य अग्रवाल, श्रीमती ऊहा अग्रवाल तथा प्राचार्या श्रीमती रेखा तिवारी ने पूरी टीम और कोच को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और कोच के समर्पित प्रशिक्षण का यह परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यालय के खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर संस्थान और जिले का नाम गौरवान्वित करेंगे।

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खेल

सीबीएसई क्लस्टर बास्केटबॉल में डीपीएस राजनांदगांव का दबदबा, तीन आयु वर्ग में जीते स्वर्ण पदक

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राजनांदगांव। सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल अकादमी के खिलाड़ियों से सुसज्जित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) राजनांदगांव की बालिका टीमों ने सीबीएसई क्लस्टर बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 तीनों आयु वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए डीपीएस की पावनी कोडापे (अंडर-14), रूमी कोनवर (अंडर-17) और काम्या झा (अंडर-19) को अपने-अपने वर्ग का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।
विद्यालय की प्राचार्या ने बताया कि अंडर-14 बालिका टीम ने फाइनल में मदर पब्लिक स्कूल, भुवनेश्वर को 24-12 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं अंडर-17 टीम ने लक्ष्मी पथ सिंधानिया स्कूल को 26-04 अंकों से तथा अंडर-19 टीम ने मदर पब्लिक स्कूल, भुवनेश्वर को 25-09 अंकों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया।
तीनों विजेता टीमों को कोच कालवा राजेश्वर राव ने प्रशिक्षण दिया, जबकि मोहन राम साहू सहायक कोच और नेहाली देवांगन टीम मैनेजर की भूमिका में रहे। विद्यालय प्रबंधन ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास का परिणाम है।
विद्यालय ने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

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