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खेल

कमला कॉलेज में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण का आयोजन

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राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 6 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में योग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कबड्डी और कराटे का प्रशिक्षण स्कूली छात्राओं और महाविद्यालय की छात्राओं को दिया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजली अवधिया ने छात्राओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि खेल हार का सामना करना सिखाते हैं और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ाधिकारी डॉ. नीता एस. नायर ने किया। उन्होंने छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए अपनी रुचि के अनुसार किसी एक खेल को अपनाने और नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
इस वर्ष महाविद्यालय ने जिला कबड्डी संघ, जिला बैडमिंटन संघ और मार्शल आर्ट एकेडमी के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत तीनों संघों के सहयोग से यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसमें बैडमिंटन प्रशिक्षक यशलोक, कराटे प्रशिक्षक दुर्गेश और जयदीप सोनी, योग प्रशिक्षक खिलेन्द्र सोनी तथा कु. अन्नपूर्णा द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की पूर्व कबड्डी खिलाड़ी कु. छाया चन्द्रवंशी, जिन्होंने अहमदाबाद में एशियन खेलों के प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया, और कु. संतोपी चन्द्रवंशी एवं कु. संगीता, जो खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की विजेता टीम की सदस्य रही, का सम्मान प्राचार्य ने किया। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि पूर्व छात्राओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कार्यक्रम में जिला कबड्डी संघ के सचिव ललित साहू, जिला बैडमिंटन संघ के सचिव शिरीश जैन, महाविद्यालय क्रीड़ा समिति के संयोजक आलोक कुमार जोशी, सदस्य चंदन साहू और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।

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खेल

छत्तीसगढ़ के अवि मानिकपुरी का अंडर-18 भारतीय टीम में चयन

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राजनांदगांव। भोपाल एनसीओई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रदेश के अवि मानिकपुरी का चयन अंडर-18 एशिया कप जो कि काकामिगहारा, (जापान) में दिनांक 29 मई से 06 जून 2026 तक आयोजित है किया गया है। अवि का चयन दिनांक 15 से 20 मई तक भोपाल में आयोजित इंडिया-आस्ट्रेलिया सीरिज में उत्कृष्ट खेल के प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।
छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने बताया कि एफआईएच ने इस नए फार्मेट की नई शुरूआत की है।पूर्व में केवल जूनियर व सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों का ही एशिया कप आयोजित होता था, इस ग्रुप के खिलाड़ियों को मौका देने हॉकी इंडिया ने एक नई शुरूआत की है, जिससे नए एवं युवा खिलाड़ियों को एक नया प्लेटफार्म मिलेगा, जिससे वो अपने खेल को और अच्छे से निखार सके।
उन्होंने बाताया कि अवि छत्तीसगढ़ हॉकी के ओर से विगत 4 वर्षो से सब जूनियर व जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले रहा है। वर्तमान में वह एनसीओई भोपाल में ओलंपिंयन समीर दाद से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है।
छत्तीसगढ हॉकी के महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि यह बड़े ही गर्व का विषय है कि प्रदेश का बेटा देश के लिए खेलने जा रहा है।
बिलासपुर का रहने वाला अवी ने शुरूवाती दौर में बिलासपुर के पुलिस हॉकी ग्राउंड में हॉकी के गुण और हॉकी की बारीकियां सीखकर अपनी पहचान बनाई, उसके बाद उसका चयन खेलो इंडिया सेंटर बहतराई बिलासपुर के लिए हुआ था। अवि मानिकपुरी विगत कई वर्षो तक छत्तीसगढ़ हॉकी की ओर से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुका है, उनकी इस उपलब्धि पर पूरा प्रदेश गौराविंत है। अवि मानिकपुर का अंडर-18 एशिया कप में चयन होने पर विष्णु देव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, अरुण साव उप मुख्यमंत्री व खेल मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, डा. रमन सिंह सिंह विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शासन, संतोष पांडे सांसद राजनंदगांव, सुशांत शुक्ला विधायक कोटा, श्रीमती तनुजा सलामे निर्देशक खेल एवं युवा कल्याण विभाग, महापौर मधुसूदन यादव, फिरोज अंसारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हॉकी, मनीष श्रीवास्तव महासचिव छत्तीसगढ़ हॉकी, एडी रविशंकर वरिष्ठ उपाध्यक्ष, हरिंदर सिंग, एमवाय कुरैशी, विनीत नावघरे, मंजुला बिस्वास, गोपेश्वर कहरा, राजेश मंडावी, वर्षा शर्मा, रीना बोरकर, आशा थॉमस, नीलम चंद जैन, अमिताभ मानिकपुरी, गजेंद्र शर्मा, अंसार अहमद सहित सभी हॉकी खिलाड़ियों ने प्रसन्नता व्यक्त की और अवि मानिकपुरी को अच्छा प्रदर्शन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।

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खेल

अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ लेवल-1 कोर्स उत्तीर्ण कर छत्तीसगढ़ के प्रथम कोच बने मृणाल चौबे

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक मृणाल चौबे ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ लेवल-1 हॉकी कोचिंग कोर्स सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर प्रदेश को गौरवान्वित कर एक नया इतिहास रच दिया है। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले छत्तीसगढ़ के प्रथम हॉकी कोच बन गए हैं। इस उपलब्धि से उन्होंने न केवल अपने व्यक्तिगत करियर में नया आयाम जोड़ा है, बल्कि छत्तीसगढ़ हॉकी के विकास को भी नई दिशा प्रदान की है और प्रदेश का मान भी बढ़ाया है।
मृणाल चौबे इससे पूर्व राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान पटियाला से स्पोर्ट्स कोचिंग में डिप्लोमा प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल कर चुके हैं। वर्तमान में वे रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में युवा खिलाड़ियों को निःशुल्क हॉकी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिससे अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं।
मृणाल चौबे द्वारा प्रशिक्षित छत्तीसगढ़ बालिका हॉकी टीम ने अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता राउरकेला में आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कोच के रूप में टीम को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए मृणाल चौबे ने छत्तीसगढ़ की सब-जूनियर बालिका हॉकी टीम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर ए डिवीजन में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने तकनीकी दक्षता, खेल रणनीति एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन में उल्लेखनीय प्रगति की है, जो उनकी उत्कृष्ट कोचिंग क्षमता और खिलाड़ियों के प्रति समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मृणाल चौबे वर्तमान में महालेखाकार कार्यालय रायपुर में अपनी सेवाएँ देते हुए हॉकी खेल के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान प्रदान कर रहे हैं। वे प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को निखारने और प्रदेश में हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
मृणाल चौबे ने इस विशेष उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ हॉकी, हॉकी इंडिया, जिला हॉकी संघ राजनांदगांव एवं महालेखाकार कार्यालय रायपुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी एवं सचिव मनीष श्रीवास्तव द्वारा उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कोच के रूप में अवसर प्रदान किया गया, जिसने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षकों भूषण साव, अनुराज श्रीवास्तव, मनीष गौतम, एनथ्रेन्स मिंज एवं तनवीर अकील के मार्गदर्शन को भी अपनी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने बताया, एफआईएच कोर्स के दौरान मृणाल चौबे को एफआईएच एजुकेटर एवं भारत के प्रतिष्ठित हॉकी कोच हरेन्दर सिंह, राजदीप सिंह तथा विल मुरे (यूनाइटेड किंगडम) का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके अनुभव और विशेषज्ञ मार्गदर्शन ने मृणाल को आधुनिक अंतरराष्ट्रीय कोचिंग तकनीकों एवं प्रशिक्षण पद्धतियों को समझने और आत्मसात करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
छत्तीसगढ़ हॉकी के सचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया की अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ लेवल-1 कोचिंग कोर्स उत्तीर्ण करने से पूर्व मृणाल चौबे ने हॉकी इंडिया के बेसिक, लेवल-1 एवं लेवल-2 कोचिंग कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए, जिसके पश्चात वे एफआईएच के इस अंतरराष्ट्रीय कोर्स के लिए पात्र हुए। यह उनकी सतत सीखने की प्रतिबद्धता और कोचिंग क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
मृणाल चौबे को छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब सरकार के पटियाला हॉकी अकादमी, राउंडग्लास हॉकी अकादमी, मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी, ओडिशा स्टेट हॉकी टीम तथा नवल टाटा हॉकी अकादमी में गेस्ट कोच के रूप में कार्य करने का अनुभव प्राप्त है, उनके इस व्यापक अनुभव का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को निरंतर मिल रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने कहा, मृणाल चौबे की यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ हॉकी परिवार के लिए गर्व का विषय है। उनकी मेहनत, लगन और कोचिंग क्षमता प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं सचिव मनीष श्रीवास्तव ने कहा, मृणाल चौबे ने अपनी प्रतिभा और समर्पण से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमें विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में प्रदेश के खिलाड़ी नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे।
मृणाल चौबे ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए प्रेरणादायक है और वे भविष्य में भी लगातार सीखते हुए प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुओं, परिवारजनों एवं राजनांदगांव जिले के वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों को दिया।
खेल जगत एवं शुभचिंतकों ने उन्हें इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ हॉकी आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई सफलताएं अर्जित करेगा।

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खेल

फिटनेस से फ्यूचर तक : बौद्धिक, शारीरिक और व्यक्तित्व विकास की नई पाठशाला बना चिखली मैदान : मधुसूदन यादव

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राजनांदगांव। पटरी पार क्षेत्र के चिखली स्कूल मैदान में करीब 200 बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ आयोजित निःशुल्क ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ महापौर मधुसूदन यादव ने किया। बच्चों के जोश, ऊर्जा और खेलों के प्रति समर्पण से पूरा मैदान उत्साह से सराबोर नजर आया। वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित समारोह में महापौर के द्वारा खिलाड़ियों को हॉकी स्टिक, स्किपिंग रोप, बॉल एवं अन्य खेल सामग्री वितरित की गई।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस निःशुल्क शिविर का संचालन जिला हॉकी संघ राजनांदगांव के मार्गदर्शन में रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है। शिविर में पटरी पार क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से लगभग 200 बच्चे प्रतिदिन भाग लेकर खेल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को खेलों की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है तथा उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
शिविर की शुरुआत क्रॉस कंट्री रनिंग से हुई, जिसके बाद बच्चों को हॉकी खेल की बुनियादी तकनीकों की जानकारी दी गई। खिलाड़ियों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए रिक्रिएशनल गेम्स कराए गए तथा अंत में लिम्बरिंग डाउन के माध्यम से प्रशिक्षण सत्र का समापन हुआ।
मुख्य अतिथि महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि चिखली मैदान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यहां पूरे वर्ष लगभग 200 बच्चों की नियमित उपस्थिति खेलों के प्रति उनकी गंभीरता और समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मृणाल चौबे के अथक प्रयासों से क्षेत्र के बच्चे खेल और फिटनेस के प्रति जागरूक हुए हैं।
उन्होंने उपस्थित अभिभावकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को खेलों के लिए प्रेरित करना उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। महापौर ने विश्वास दिलाया कि पटरी पार क्षेत्र को बहुत जल्द नया हॉकी मैदान मिलेगा, जिससे यहां की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस शिविर में अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एनआईएस गोल्ड मेडलिस्ट कोच मृणाल चौबे के मार्गदर्शन में बच्चों को हॉकी खेल के साथ साथ फिटनेस आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से पटरी पार क्षेत्र के बच्चे खेल, अनुशासन और शारीरिक दक्षता की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने बताया कि प्रस्तावित हॉकी मैदान को शीघ्र खेल योग्य बनाने हेतु आगामी शनिवार को वृहद सफाई अभियान चलाया जाएगा, जिसमें इस मैदान मे प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों के साथ-साथ इनके पालक और क्षेत्र के नागरिक भी बड़ी संख्या मे शामिल होंगे।
जिला हॉकी संघ एवं छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने कहा कि राजनांदगांव में लंबे समय से दूसरे हॉकी मैदान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि मृणाल चौबे एवं रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा विगत वर्षों में पटरी पार क्षेत्र में हॉकी खेल को बढ़ावा देने हेतु उल्लेखनीय कार्य किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप यहां हॉकी खेलने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नए हॉकी मैदान की सौगात के लिए महापौर, विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों ने भी महापौर मधुसूदन यादव का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मोतीपुर में आयोजित सुशासन तिहार में उनके प्रयासों से पटरी पार क्षेत्र को नए हॉकी मैदान की सौगात मिली है, जो क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सुनील साहू, श्रुति लोकेश जैन, मनोहर यादव, लोकेश जैन, ललित नायडू, जिला हॉकी संघ के सचिव शिव नारायण धकेता, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी अजय झा, नीलम जैन, भूषण साव, मनीष गौतम, ज्ञानचंद जैन, प्रिंस भाटिया, महेंद्र सिंह ठाकुर, गुणवंत पटेल, अब्दुल कादिर, संतोष साहू, गोविंद यादव, दीपक यादव, अशोक देवांगन, जावेद खान, रामदास यादव, शकील अहमद, सुखदेव निर्मलकर, राजेश निर्मलकर, तौफीक अहमद, कृष्णा यादव, रजनी मेश्राम, किशोर मेश्राम, विष्णु नंद चौबे, शिवा चौबे सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अभिभावक एवं खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

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