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देश

महाभारत के कृष्ण’ बोले -‘तलाक मौत से ज्यादा दर्दनाक’….. ‘महाभारत’ के ‘कृष्ण’ ने IAS पत्नी को दिया तलाक…. 12 साल बाद हुए अलग…. छलका दर्द…. किया ये बड़ा खुलासा……

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महाभारत में श्रीकृष्ण का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए एक्टर नीतीश भारद्वाज ने श्रीकृष्ण के रूप में देश ही नहीं बल्कि विदेश में रह रहे लोगों के दिलों में भी अपनी खास जगह बनाई है। माइथोलॉजिकल शो ‘महाभारत’ से पॉप्युलैरिटी हासिल करने वाले एक्टर नितीश भारद्वाज ने खूब नाम, पैसा और शोहरत कमाई। उन्होंने शानदार ऐक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता, लेकिन टीवी स्क्रीन पर सभी को सकारात्मक संदेश देने वाले ‘कृष्ण’ यानी नितीश की खुद की लाइफ उतार-चढ़ाव से भरी रही है। शादी के 12 साल बाद वो और उनकी वाइफ स्मिता गाते अलग हो गए थे। 2019 में दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए थे। अब 2 साल बाद जमशेदपुर के पूर्व सांसद नीतीश ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ‘तलाक’ को ‘मौत’ से भी ज्यादा दर्दनाक बताया है।

1996 में नीतीश भारद्वाज भाजपा के टिकट पर जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र का चुनाव जीता था। मध्यप्रदेश के इंदौर के रहने वाले नीतिश भारद्वाज जहां पेशे से एक्टर हैं, वहीं स्मिता आइएएस अधिकारी हैं। पत्नी स्मिता अपनी जुड़वा बेटियों के साथ इंदौर में रहती है। नीतीश ने खुद खुलासा कर बताया कि स्मिता अपने माता पिता के साथ इंदौर में रह रही हैं। नीतीश ने ये भी रिवील किया कि उनका रिश्ता अभी नहीं बल्कि साल 2019 सितंबर के महीने में खत्म हो गया था। उन्होंने बताया कि डिवॉर्स से उन्हें काफी दुख पहुंचा है, इस वजह से वह अच्छा महसूस नहीं कर पा रहे हैं। शादी के पवित्र बंधन पर नीतीश ने कहा,”मैं शादी में विश्वास करता हूं, पर मैं इस रिश्ते में खुशकिस्मत नहीं रहा. मुझे लगता है कि शादी टूटने के कई कारण हो सकते हैं. जैसे कई बार हम अपने पार्टनर के बर्ताव के साथ एडजस्ट नहीं कर पाते हैं, तो कई बार हमारे एक-दूसरे के लिए कम्पैशन में कमी रह जाती है. हमारी ईगो और अलग-अलग साेच भी आड़े आ जाती है। इसके टूटने पर पति-पत्नी तो सफर करते ही हैं, पर सबसे ज्यादा बच्चे सफर करते हैं.”

 

जब अभिनेता से पूछा गया कि क्या वह अपनी बेटियों से बातचीत कर पाते हैं तो इसपर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। उन्होंने कहा,”मैं इसपर कुछ भी बोलना नहीं चाहता हूं.” नितीश की पहली शादी मोनिशा पाटिल के साथ 1991 में हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी। हालांकि, ये रिश्ता सालों बाद टूट गया और दोनों ने 2005 में तलाक ले लिया। इसके बाद नितीश ने 1992 बैच (मध्य प्रदेश कैडर) की आईएएस ऑफिसर स्मिता गाते से 2009 में शादी की, लेकिन अब ये रिश्ता भी खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, ‘हां, मैंने सितंबर 2019 में मुंबई में फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी थी। मैं उन कारणों में नहीं पड़ना चाहता कि हम अलग क्यों हुए। मामला अभी कोर्ट में है। मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि कभी-कभी तलाक मौत से ज्यादा दर्दनाक हो सकता है, क्योंकि आप एक कटे हुए हिस्से के साथ रहते हैं।’

 

 

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खेल

जूनियर नेशनल बास्केटबॉल : छत्तीसगढ़ की बेटियों ने जीता गोल्ड मेडल, फाइनल में केरल को दी शिकस्त

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राजनांदगांव। पंडुचेरी में बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) द्वारा पंडुचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने इतिहास रच दिया है। छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में केरल की मजबूत टीम को बेहद रोमांचक संघर्ष में 55-51 अंकों से परास्त कर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) पर कब्जा जमाया।
खिताबी मुकाबले में छत्तीसगढ़ की ओर से दिव्या रंगारी ने शानदार खेल दिखाते हुए सर्वाधिक 22 अंक बटोरे। वहीं कप्तान अंजलि कोडापे ने 14 अंक, रूमी कोनवर और अंजनी ने 7-7 अंक, अदिति कोडापे ने 3 अंक तथा सारा सिंह ने 2 अंक का योगदान देकर टीम की जीत में महती भूमिका निभाई। मैच के दौरान सोफी सिका एवं नंदनी माधो प्रधान का भी रक्षात्मक और आक्रामक प्रदर्शन सराहनीय रहा।
स्वर्ण पदक के सफर में छत्तीसगढ़ की टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा। टीम ने सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में कर्नाटक को 67-62 से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया था। इससे पहले मर्टर फाइनल मैच में छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र की टीम को एकतरफा मुकाबले में 56-44 अंकों से धूल चटाई थी। लीग मैचों में भी छत्तीसगढ़ ने उलटफेर करते हुए पिछले कई सालों से लगातार गोल्ड मेडल जीत रही तमिलनाडु और कर्नाटक जैसी दिग्गज टीमों को शिकस्त दी थी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ में आपसी विवाद होने के कारण बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने यहां के खिलाड़ियों के भविष्य को देखते हुए एक एड हॉक कमेटी (तदर्थ समिति) बनाई है। इस राष्ट्रीय समिति ने बिना किसी स्थानीय पक्षपात और दखल के प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन किया।
इस टीम को बीएफआई की चयन समिति के चेयरमैन शक्ति सिंह गोहिल और देश के दिग्गज बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे ध्यानचंद अवार्ड (लाइफटाइम अचीवमेंट) से सम्मानित रामकुमार ने मिलकर चुना था। रामकुमार भारतीय टीम के कप्तान, रेलवे के कप्तान, कोच, चयनकर्ता और खेलो इंडिया टैलेंट आइडेंटिफिकेशन कमेटी के सदस्य भी हैं। निष्पक्ष चयन का ही नतीजा रहा कि वर्षों बाद छत्तीसगढ़ की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विजेता छत्तीसगढ़ की बालिका टीम में राजनांदगांव के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। टीम की रीढ़ माने जाने वाली खिलाड़ी अंजलि कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका और नंदनी माधो प्रधान राजनांदगांव की सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी की छात्राएं हैं। ये सभी खिलाड़ी दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) राजनांदगांव में पढ़ती हैं, जहां स्कूल प्रबंधन ने खेल को बढ़ावा देने के लिए इन्हें निःशुल्क प्रवेश दिया है।
अंजलि कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका, नंदनी माधो प्रधान (सभी सर्वज्ञ राव एकेडमी राजनांदगांव), नताशा प्रजापति (साई ट्रेनिंग सेंटर राजनांदगांव), दिव्या रंगारी (महासमुंद), पारूल वर्मा व नित्या पांडे (रायपुर), कलश झा एवं सारा सिंह (भिलाई), टीम के मुख्य कोच अंतर्राष्ट्रीय कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक कोच लुमेंद्र साहू (एसईसीआर) और टीम मैनेजर अनीता तिर्की (सरगुजा) रहीं। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

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छत्तीसगढ़

नीलू शर्मा ने बाबा बैद्यनाथ धाम में किए दर्शन, बंगाल चुनाव प्रचार के बीच प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना

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देवघर/रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन में कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने झारखंड के देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना कर दर्शन लाभ प्राप्त किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
धार्मिक नगरी देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम हिंदू धर्म का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नीलू शर्मा ने भी गहरी आस्था के साथ मंदिर में पूजा कर जनकल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति को नई प्रेरणा मिलती है।
दर्शन उपरांत उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा सभी पर बनी रहे और हर व्यक्ति का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। उन्होंने “हर हर महादेव” का उद्घोष करते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गौरतलब है कि नीलू शर्मा पिछले लगभग दो महीनों से पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान मानबाजार क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं। व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच उन्होंने देवघर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर उनके साथ अन्य श्रद्धालु भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से पूजा कर समाज और क्षेत्र की उन्नति की कामना की।

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खेल

बरेली में चमकी राजनांदगांव की कनक जोगी, राष्ट्रीय महिला हैंडबॉल में जीता कांस्य पदक

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राजनांदगांव। उत्तर प्रदेश के बरेली में आयोजित 54वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में राजनांदगांव की प्रतिभाशाली खिलाड़ी कनक जोगी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन से जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
प्रतियोगिता में देशभर की टीमों ने हिस्सा लिया। कनक जोगी ने अपनी टीम के लिए खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे उनकी टीम पदक जीतने में सफल रही। इस उपलब्धि से खेल जगत में हर्ष का माहौल है।
कनक जोगी की इस सफलता पर दैनिक दावा के संपादक सूरज बुद्धदेव, राजनांदगांव जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष सूर्यकांत जैन, सचिव प्रिंस भाटिया, कोच शबनम अंसारी, फिरोज खान, राजा कुरैशी और विष्णु सिन्हा सहित अन्य खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सूरज बुद्धदेव और सूर्यकांत जैन ने कहा कि कनक जोगी की यह उपलब्धि जिले के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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