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राजनांदगांव

खैरागढ़ उपचुनाव का राजनीतिक परिदृश्य, भाजपा समर्थित सरपंच आखिर क्यों पदमा देवी का कर रहे हैं समर्थन…???

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राजनांदगांव //जिले की राजनीति का परिदृश्य हमेशा शीर्ष पर रहा है चुकी 15 वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी के डॉ रमन सिंह प्रदेश के मुखिया के बतौर छत्तीसगढ़ प्रदेश में राज किए हुए है । उन्होंने अपने समय में अनेकों को सत्ता में भागीदारी का लाभ पहुंचाया इस मायने से राजनांदगांव विधानसभा से डॉ रमन सिंह आज भी विधायक है इसलिए भारतीय जनता पार्टी पहले पूरे प्रदेश का चुनाव बुरी तरह से हार चुकी पर राजनंदगांव में डॉ रमन सिंह ने अपनी कुर्सी बचा कर यह साबित कर दिया कि आज भी राजनांदगांव के लोग उनसे उतना ही प्यार करते हैं जितना मुख्यमंत्री रहते हुए किया । इससे आगे बढ़े तो अभी राजनांदगांव जिले में खैरागढ़ राज परिवार स्वर्गीय देवव्रत सिंह के निधन के पश्चात बड़ी चर्चा में है लड़ाई महल की सड़को व अखबारों तक पहुंच गई स्थिति यह रही की राजनांदगांव में राज परिवार के लोग अपने-अपने दावे मजबूत दिखाने के दृष्टिकोण से पत्रकार वार्ता कर अपनी बात रखी क्योंकि खैरागढ़ में उपचुनाव होना है इस मद्देनजर सारा दृष्टिकोण राजनीतिक गलियारे के इर्द-गिर्द ही घूम चुका है ऐसे में कुछ दिन पहले खैरागढ़ छुईखदान के सरपंच संघ के जनप्रतिनिधि पत्रकारवार्ता आहूत कर यह बताना चाहा की जो दावा पदमा देवी सिंह कर रही है कि उनके साथ सरपंचों का समर्थन हासिल है उस दावे को सरासर झूठा बताया और जनप्रतिनिधियों ने बताएं कि पदमा देवी सिंह के साथ कोई सरपंच संघ नहीं है ।स्थिति यह रही कि बाद में पदमा देवी सिंह को यह साबित करना पड़ा कि उनके साथ सरपंच संघ के जनप्रतिनिधि समर्थन में हैं पर ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी समर्थित ही उनके साथ दिखे इसलिए सबसे विचारणीय प्रश्र यह है कि आखिर भाजपा समर्थित सरपंचों को पदमा देवी सिंह का समर्थन करने की आवश्यकता क्यूं आन पड़ी क्या पदमा देवी सिंह को भारतीय जनता पार्टी टिकट देगी? और भारतीय जनता पार्टी पदमा देवी सिंह को अपना सदस्य भी नहीं मानती ऐसे में भाजपा के जनप्रतिनिधि आखिर भाजपा नेता के इशारे पर यह काम कर रहे हैं जिसमें पदमा देवी सिंह को जनप्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त होने का भ्रम पैदा हो रहा है क्योंकि अब महल की लड़ाई राजनीति और सत्ता में तब्दील होती नजर आ रही है ऐसे में कई तरह के राजनीतिक गुणा भाग चलते ही रहेंगे कमोबेश यह समझने की आवश्यकता है कि आखिर कौन भाजपा का नेता जो खैरागढ़ से राजनीति उठापटक मे अपने आप को चाणक्य समझता हो वह इस राजनीति के गुणा भाग में आखिर कौन सा अवसर ढूंढ रहा है ऐसे चेहरे को भाजपा को पहचानना होगा और आने वाले खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भाजपा की कलाई को कमजोर ना कर और मजबूत बनाने ज्यादा प्रयास करने होंगे। नहीं तो भाजपा की नैया को उपचुनाव में बचा पाना मुश्किल होगा!

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राजनांदगांव

स्मार्ट मीटर पर कानून बताए सरकार, नहीं तो रोके जबरन स्थापना : अनीस खान

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राजनांदगांव। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनीस खान ने स्मार्ट मीटर को लेकर राज्य सरकार और बिजली विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब केंद्र सरकार संसद में इसे वैकल्पिक (ऑप्शनल) बता चुकी है, तो छत्तीसगढ़ में इसे अनिवार्य रूप से किस कानून या आदेश के आधार पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट वैधानिक आदेश सार्वजनिक करने की मांग की है।

अनीस खान ने कहा कि 2 अप्रैल 2026 को लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर सभी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य नहीं हैं। इसके बावजूद प्रदेश में उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है, ऐसे में दोनों के रुख में विरोधाभास समझ से परे है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राजनांदगांव के कार्यपालन अभियंता से स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता का वैधानिक आदेश मांगा था, लेकिन विभाग कोई स्पष्ट आदेश प्रस्तुत नहीं कर सका और केवल भारत के राजपत्र का हवाला दिया। उनका दावा है कि विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) में भी प्रत्येक उपभोक्ता के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य किए जाने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार, बिजली विभाग या छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने किसी अधिसूचना, संशोधन, विनियम या शासनादेश के माध्यम से स्मार्ट मीटर अनिवार्य किए हैं, तो उसकी प्रति, आदेश संख्या और तिथि सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को वास्तविक कानूनी स्थिति की जानकारी मिल सके।

अनीस खान ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल दो से तीन गुना तक बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। साथ ही निजी एजेंसियों द्वारा बिना लिखित आदेश दिखाए उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी मिल रही हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में कबीरधाम जिले में बढ़े हुए बिजली बिलों से नाराज उपभोक्ताओं ने विरोध स्वरूप अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर विद्युत विभाग कार्यालय के सामने फेंक दिए थे। यदि यह व्यवस्था पूरी तरह जनहित में है, तो सरकार के ही जिले में इतना बड़ा जनविरोध क्यों देखने को मिला।

अनीस खान ने कहा कि यदि स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता का कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं है, तो सरकार इसे स्वैच्छिक रखे और जबरन मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली विभाग जल्द ही उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान नहीं करता, तो जिला कांग्रेस कमेटी आम जनता के हित में लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगी।

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राजनांदगांव

प्रयास आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों ने लगाया फूड स्टॉल, व्यवहारिक शिक्षा व कौशल का दिया परिचय

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राजनांदगांव। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष फूड स्टॉल का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए, बल्कि सामग्री प्रबंधन से लेकर ग्राहकों के साथ संवाद तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाली।

छात्रों ने तैयार किए कई लजीज व्यंजन
फूड स्टॉल में विद्यार्थियों द्वारा अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए नींबू पानी, फिंगर चिप्स, स्वीट डिश, स्वीट कॉर्न, सूप, भेल, आलू गोलगप्पा और करोंदा चाट सहित कई प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए थे। स्टॉल के संचालन के दौरान सामग्री का प्रबंधन, लागत का हिसाब-किताब और आए हुए अतिथियों से संवाद स्थापित करने का पूरा प्रबंधन विद्यार्थियों ने स्वयं किया।

व्यवहारिक ज्ञान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाना उद्देश्य
विद्यालय प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों में जीवनोपयोगी कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, आत्मविश्वास, बेहतर संचार कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए समय-समय पर इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

अधिकारियों व अभिभावकों ने बढ़ाया उत्साह
आयोजित फूड स्टॉल में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर व्यंजनों का स्वाद चखा और विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

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अपराध

गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज

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राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।

निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।

छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।

पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।

पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

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