राजनांदगांव
अपने आईएएस बनने का लक्ष्य दीवारों पर लिखें, जो आपको संकल्प याद दिलाएं : डॉ. रमन सिंह
राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज जिला प्रशासन द्वारा पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, सोच एवं धैर्य की आवश्यकता होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने अध्ययन कक्ष की दीवारों पर लिखें कि आईएएस अधिकारी बनना है, तो प्रतिदिन इसे देखकर मन में विश्वास जाग्रत होगा कि मन में जो संकल्प लिया है, वह पूरा करना है। उन्होंने कार्यक्रम में आए यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी ने जीवन में इस ऊंचाई तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है और धरातल से उपर उठकर रोल मॉडल बने हैं। उन्होंने यूपीएससी 2025 में चयनित संजय संजय डहरिया का जिक्र करते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष करते हुए यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना उनकी जीवटता एवं दृढ़ इच्छाशक्ति का अद्भूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित सभी सफल अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत एवं इच्छाशक्ति से सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यदि कभी असफलता मिले तो उसे चुनौती मानकर जीत की तैयारी करें और आगे बढ़े, तो सफलता जरूर हासिल होगी। भारत रत्न, मिसाईल मैन एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम पायलट बनना चाहते थे, लेकिन वे असफल रहे। बाद में वे वैज्ञानिक एवं मिसाईल मैन तथा देश के राष्ट्रपति बने और उनकी पायलट बनने की इच्छा भी पूरी हुई। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन, हैरी पॉटर किताब की लेखिका जेके रोलिंग्स एवं थॉमस एडिशन का उदाहरण देते हुए बताया कि असफलता के बावजूद उन्होंने बाद में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने सभी युवाओं से कहा कि अपनी ऊर्जा एवं क्षमता से परीक्षा की तैयारी करें, सफलता जरूर मिलेगी।
पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव ने कहा कि यूपीएससी की कठिन परीक्षा में एकाग्रचित होकर पढ़ाई करें। आपकी सफलता के पीछे, अभिभावक, शिक्षक एवं मित्रों का योगदान होता है। तैयारी के दौरान अनिश्चिता भरे जीवन में दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संकल्प आपको मजबूत बनाते हैं और इस प्रक्रिया से गुजरते हुए जिम्मेदार पदों पर पहुंचते हैं, जिससे दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ पढ़ने के लिए कहा।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए युवाओं की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। यूपीएससी की तैयारी के लिए आज यहां ऐसे युवा अभ्यर्थी मौजूद है, जिन्होंने अपने जुनून एवं जज्बे से अपने सपने को साकार किया है तथा सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए है। उन्होंने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा खुबसूरत एवं विभिन्नता लिए हुए है। युवा इस परीक्षा के लिए शिद्दत के साथ मेहनत करें। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी हार नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में होने के बावजूद, ऐसे चयनित अभ्यर्थी भी हैं, जिन्हें सीमित संसाधन होने के बावजूद बेहतरीन परिणाम मिले हैं। केवल मेहनत करना पर्याप्त नहीं है, सही रणनीति के साथ अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि एक पंक्ति इंसान के जीवन को बदल सकती है। हमेशा सकारात्मक रहते हुए अच्छे विचारों से प्रेरित होकर अध्ययन करें।
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने कहा कि अनुकुलता में सभी सफल होते हैं, योद्धा वही है जो प्रतिकूलता में सफल होते हैं। उन्होंने अपने पिता का स्मरण करते हुए कहा कि वह अपने पिताजी का नाम रौशन करना चाहती थी। तैयारी के दौरान जेहन में यह विचार था कि किसी भी कार्य के लिए कोई न कोई व्यक्ति पहला होता है, तो क्यों न आईपीएस ऑफिसर बनकर पहला मैं बनूं।
वनमंडाधिकारी आयुष जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वनमंडलाधिकारी वन के संरक्षक होते हैं। यह सौभाग्य की बात है कि मुझे प्रकृति के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिताजी के प्रेरित करने पर आईएफएस की तैयारी की। अपनी इस यात्रा के दौरान कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण रहा है।
यूपीएससी सीएसई 2025 में प्रथम रैंक प्राप्त करने वाले अनुज अग्निहोत्री वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने बताया कि वे डॉक्टर है और सिविल सेवा के लिए उन्होंने लगातार तैयारी की और तीसरे प्रयास में सफल हुए और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप इस सेवा में क्यों और कैसे आना चाहते है, इसके लिए विचार स्पष्ट होना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास से सफलता मिलती है। सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी से अध्ययन करेंगे तो भाग्य भी साथ देता है।
यूपीएससी सीएसई 2025 में चौथा रैंक प्राप्त करने वाले राघव झुनझुनवाला ने बताया कि कि वित्तीय समावेशन के लिए कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने कार्य से संतोष मिला और सिविल सेवा के प्रति उनका झुकाव बढ़ा। उन्होंने कहा कि अनुशासन का चयन करें प्रेरणा का नहीं क्योंकि प्रेरणा अस्थायी होती है। रियल टाईम में अपने आप को अपग्रेड करते हुए अनुशासन एवं प्रेरित होकर कार्य किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ यूपीएससी ही नहीं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दें सकते हैं। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, रतन कर, सुंदर पचाई जैसे विभिन्न हस्तियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अपने कैरियर चयन के लिए ईमानदार रहें।
यूपीएससी सीएसई 2025 में 19वां रैंक प्राप्त करने वाले दिशांत निसार ने बताया कि सिविल सेवा की तैयारी में अधिक प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कच्छ जिले से हैं और उन्होंने कौशल विकास तथा कृषि के क्षेत्र में जमीन से जुड़कर कार्य किया। जिससे उन्हें वास्तविक तौर पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद मिली। इस दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा एवं संभावनाओं की तलाश की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के पहले आपकी सोच स्पष्ट एवं विकसित होनी चाहिए। इसके साथ ही अपनी ताकत एवं कमजोरी का चिन्हांकन करते हुए पढ़ाई के लिए सही रणनीति से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चैट जीपीटी में कंटेट बहुत अधिक होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति होती है तथा एआई के माध्यम से सभी विषय की तैयारी नहीं की जा सकती, इसलिए चयनित किताबों से अध्ययन करें।
यूपीएससी सीएसई 2025 में 35वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री वैभवी अग्रवाल ने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए डेली रूटीन महत्वपूर्ण है। जिसके माध्यम से प्रतिदिन की दिनचर्या में हम अपने विचारों को क्रियान्वित कर सकते हैं तथा पढ़ाई को अनुशासन से सही दिशा में ले जा सकते है। परीक्षाओं की परिणाममूलक तैयारी से सफलता मिलती है। उन्होंने युवाओं को अपने डेली रूटीन में अनुशासन का पालन करने, मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मार्निंग वॉक करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई का आनंद लीजिए तथा इसके लिए शत-प्रतिशत मेहनत कीजिए। उन्होंने कहा कि डरे नहीं डर के आगे जीत है। उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें पढ़ने कहा, विभिन्न विषयों के संबंध में जानकारी दी एवं स्वयं के नोट्स बनाने कहा।
यूपीएससी सीएसई 2025 में 32वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री सुष्मिता सिंह ने बताया कि उन्होंने कम्प्यूटर साईंस से इंजीनियरिंग किया है। उन्होंने बताया कि सही रणनीति एवं विचार के साथ सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि करेन्ट अफेयर्स के लिए उन्होंने सामाचार पत्र पढ़ना जारी रखा। यूपीएससी के पहले के प्रश्र पत्र को हल करना तथा मॉक टेस्ट मददगार रहे। उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास से कुशलता प्राप्त होती है और अपनी पढ़ाई का सतत विश्लेषण करें। अध्ययन के दौरान पढ़ाई के प्रति वैसी ही तीव्रता एवं जूनून होना चाहिए, जैसे अपने शुरूआती दौर में रहा था।
यूपीएससी सीएसई 2025 में चयनित सुश्री दर्शना सिंह बघेल ने कहा कि उन्होंने आईआईटी कानपुर से बी-टेक किया है और वे ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों, मित्रों एवं सभी का सहयोग मिला। उन्होंने युवाओं से कहा कि सही तरीके से पढ़ाई करने के लिए शार्ट टर्म एवं लंाग टर्म प्लान होना चाहिए। आगामी छह माह तक पढ़ाई एवं रिविजन के लिए योजना होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ एवं तनाव मुक्त रहने के लिए विभिन्न गतिविधियों तथा अपने जीवन में हॉबी को अपनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक समय पर एक ही कार्य करें। तैयारी के दौरान यह याद रखें कि आप क्यों इस सेवा में आना चाहते है।
यूपीएससी सीएसई 2025 में 946 रैंक प्राप्त करने वाले संजय डहरिया ने बताया कि वे महासमुंद ग्राम बेलटुकरी के रहने वाले है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद जीवन में कई उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की और सफल हुए। एक समय मन में यह भी ख्याल आया की जिंदगी रहेगी कि नहीं। उन्होंने कहा कि नियत अच्छी रखें तो ईश्वर भी मदद करते है। जब हम किसी समस्या को अंदर से जीत लेते हैं, तो बाहर भी जीत जाते हैं। असफलता मिलने पर हताश न हो और अपने सपने को पूरा करने के लिए तैयारी जारी रखें। उन्होंने अर्जुन सिसोदिया की पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बहुत अभागे होंगे या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे होंगे।
रायगढ़ के यूपीएससी 2025 में 452 रैंक में चयनित अजय गुप्ता ने कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े लक्ष्य हासिल करना संभव है, बशर्ते व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, सही दिशा में मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा हो। उन्होंने बताया कि वे रायगढ़ जिले के हैं और ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े हैं। उच्च शिक्षा के दौरान मिले नए वातावरण और सफल लोगों के संपर्क ने उनके भीतर यह विश्वास जगाया और उन्हें महसूस हुआ कि अन्य लोग सफल हो सकते हैं तो वे भी अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी तैयारी को तथ्यों के आधार पर व्यवस्थित करें और समय का उपयोग प्राथमिकताओं के अनुसार करें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल ज्ञान की नहीं बल्कि विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय लेने की योग्यता और समस्या समाधान कौशल की भी परीक्षा होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को कॉलेज के आयोजनों में सक्रिय रहकर भाग लेना चाहिए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
एसडीएम डोंगरगढ़ एम. भार्गव ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत के साथ-साथ एक्सपोजर और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ और बाद के प्रयासों में भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर प्रयास और धैर्य के बल पर उन्हें सफलता मिली। उन्होंने कहा कि असफलताएं सीखने का अवसर देती हैं और कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दायरे से बाहर निकलकर नए लोगों और नए परिवेश से जुड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हम व्यापक अनुभव प्राप्त नहीं करेंगे, तब तक हमारी सोच सीमित रहेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच रहकर उन्हें यह समझ आया कि आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से कोई भी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए बड़ा सोचें, मानसिक बाधाओं को दूर करें और पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों एवं युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत सदस्य प्रशांत कोडापे, कोमल सिंह राजपूत, भरत वर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस श्रीमती वैशाली जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी व अभिभावक उपस्थित थे।
राजनांदगांव
अपराधियों पर कसा शिकंजा : राजनांदगांव पुलिस की देर रात बड़ी कॉम्बिंग गश्त, गुंडे-बदमाशों की सघन जांच
राजनांदगांव। शहर में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस ने देर रात एक बड़ा अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के कड़े निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में जिलेभर में रात्रिकालीन कॉम्बिंग गश्त की गई। इस विशेष अभियान के तहत 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों ने एक साथ संवेदनशील इलाकों और अपराधियों के ठिकानों पर दबिश देकर हड़कंप मचा दिया।
चार विशेष टीमों ने संभाली कमान, होटलों और रिसोर्ट में चेकिंग
रात के सन्नाटे में कानून व्यवस्था का जायजा लेने के लिए अलग-अलग चार विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने थाना कोतवाली, बसंतपुर, चौकी चिखली सहित थाना सोमनी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मनगटा रिसोर्ट और विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर व्यापक सर्चिंग व सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान इलाके के पुराने गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों, आदतन अपराधियों तथा संदिग्ध घूम रहे व्यक्तियों की सघन जांच की गई। होटल और रिसोर्ट के कमरों व एंट्री रजिस्टरों को भी खंगाला गया।
सड़क पर उतरे आला अधिकारी, संदिग्धों से पूछताछ
इस बड़े कॉम्बिंग गश्त अभियान का नेतृत्व खुद फील्ड पर उतरकर नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन, नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज और डीएसपी एम्ब्रोस कुजूर ने किया। उनके साथ जिले के समस्त थाना प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा। गश्त के दौरान सड़क पर बेवजह घूमने वाले संदिग्धों को रोककर उनसे पूछताछ की गई और उनके पहचान दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।
निरंतर जारी रहेगा अभियान : पुलिस की अपील
राजनांदगांव पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर पूरी तरह से रोक लगाने तथा आम जनता के मन में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करने के लिए इस प्रकार के औचक कॉम्बिंग गश्त और चेकिंग अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास को बढ़ाना है।
अपराध
मनगटा युवती प्रकरण : जबरन शराब पिलाकर दुष्कर्म करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, ‘व्हाइसलिंगवुड’ रिसोर्ट सील
राजनांदगांव। थाना सोमनी अंतर्गत मनगटा के चर्चित युवती प्रकरण में राजनांदगांव पुलिस ने त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही वारदात के केंद्र रहे ‘व्हाइसलिंगवुड्स रिसोर्ट’ को पुलिस ने नियमानुसार सील कर दिया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने क्षेत्र के अन्य रिसोर्ट संचालकों को भी बड़ा संदेश दिया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी सहित उसके दो सहयोगी शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
अस्पताल से मिली सूचना के बाद खुला मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब बीती 18 जून को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेण्ड्री से सोमनी पुलिस को एक 24 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन और एएसपी कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में सोमनी थाना प्रभारी दिलीप पटेल व साइबर सेल प्रभारी विनय पम्मार के नेतृत्व में एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया।
मदहोशी का फायदा उठाकर किया दुष्कर्म
परिजनों से पूछताछ, घटनास्थल के निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारीकी से अध्ययन के बाद पुलिस को चौंकाने वाले तकनीकी साक्ष्य मिले। जांच में सामने आया कि आरोपी आशुतोष, छत्रपाल और घनश्याम ने एक राय होकर युवती को बहलाया-फुसलाया। रायपुर ले जाते समय रास्ते में उसे जबरन शराब पिलाई गई। इसके बाद वे उसे रायपुर क्लब लेकर गए और वहां से लौटते वक्त मनगटा स्थित व्हाइसलिंगवुड्स रिसोर्ट पहुंचे। युवती अत्यधिक मदहोशी की हालत में थी, जिसका फायदा उठाकर मुख्य आरोपी आशुतोष ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किया। इस बर्बरता के कारण युवती को गंभीर आंतरिक चोटें भी आईं, जो बाद में उसकी मौत का कारण बनीं।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 115(2) और 3(5) के तहत संगीन जुर्म दर्ज किया है। हिरासत में लेकर की गई कड़ी पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी:
आशुतोष हिरवानी उर्फ आशु (26 वर्ष) – निवासी बुचीभरदा, थाना बसंतपुर, राजनांदगांव (मुख्य आरोपी)
छत्रपाल उर्फ बल्लू देशमुख (25 वर्ष) – निवासी ग्राम टेड़ेसरा गुड़ीपारा, थाना सोमनी, राजनांदगांव
घनश्याम बेलचंदन (25 वर्ष) – निवासी ग्राम निकुम बाजारपारा, थाना अण्डा, जिला दुर्ग
वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता
इस अंधे कत्ल और दुष्कर्म की गुत्थी को सुलझाने में नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में साइबर टीम ने अहम भूमिका निभाई। मोबाइल लोकेशन, कॉल डीटेल्स और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है।
राजनांदगांव
वार्ड 15 में निरीक्षण पर निकले महापौर : गंदगी देख बिफरे, कुएं की सफाई व पंप सुधारने के निर्देश
राजनांदगांव। शहर की चरमराती सफाई व्यवस्था की ग्राउंड रिपोर्ट जानने शनिवार को महापौर मधुसूदन यादव अचानक वार्ड क्रमांक 15 (बीएनसी मिल कॉलोनी) पहुंच गए। उनके साथ वार्ड पार्षद प्रमोद झंझाड़े भी मौजूद थे। महापौर ने गली-मोहल्लों का पैदल दौरा किया और स्थानीय लोगों से सीधे रूबरू हुए। इस दौरान जय हनुमान व्यायाम शाला के पास स्थित कुएं की बदहाली और बंद पड़े सबमर्सिबल पंप की गंभीर समस्या सामने आई। महापौर ने मौके पर ही मौजूद सब-इंजीनियर तिलकराज ध्रुव को आड़े हाथों लेते हुए तत्काल कुएं की सफाई कराने और पंप को 24 घंटे के भीतर ठीक कराने का अल्टीमेटम दिया।
गंदगी फैलाने वालों पर होगी सीधी एफआईआर
व्यायाम शाला के संचालक आशु सिंह और स्थानीय नागरिकों ने महापौर को बताया कि इस कुएं के पानी से पूरा इलाका प्यास बुझाता है। व्यायाम शाला के अलावा एसएलआरएम सेंटर और आसपास के रहवासी इसी पर निर्भर हैं, लेकिन कुछ लोग इसमें कचरा फेंककर गंदगी फैला रहे हैं। पंप भी लंबे समय से खराब है। इस पर महापौर ने सख्त लहजे में कहा कि केवल सफाई से काम नहीं चलेगा, जो लोग सार्वजनिक कुएं में कचरा डालते हैं, उन्हें चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जर्जर कन्हारपुरी स्कूल पहुंचे महापौर : टॉयलेट की बदहाली पर अफसरों को लगाई फटकार
मिल कॉलोनी के बाद महापौर का काफिला सीधे शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कन्हारपुरी पहुंचा। स्कूल की इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और टॉयलेट की स्थिति बदतर है। इसे देखते हुए महापौर ने अफसरों पर नाराजगी जाहिर की और तुरंत शौचालय की मरम्मत शुरू कराने के निर्देश दिए।
नया स्कूल भवन हमारी प्राथमिकता : यादव
शिक्षकों और प्राचार्या श्रीमती संगीता खोब्रागडे से चर्चा करते हुए महापौर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। मौजूदा बिल्डिंग की रिपेयरिंग तुरंत होगी और शासन स्तर पर नए सर्वसुविधायुक्त स्कूल भवन के निर्माण की मंजूरी के लिए वे खुद पहल करेंगे।
मुस्कुराए नौनिहाल : बच्चों को बांटी ज्ञान की धरोहर
स्कूल में शाला प्रवेशोत्सव का माहौल था। महापौर मधुसूदन यादव ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें कॉपियां और पाठ्य सामग्रियां बांटी। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ रखकर कहा, “बेटा, खूब मन लगाकर पढ़ो, अच्छे नंबर लाओ और अपने माता-पिता के साथ इस स्कूल का नाम रोशन करो।”
मौके पर यह रही टीम:
इस औचक निरीक्षण के दौरान पार्षद प्रतिनिधि युवराज सिंह, पूर्व पार्षद महेश साहू, किशोर साहू, लोकराम साहू, सीताराम श्रीवास, सोहन साहू सहित स्कूल का स्टाफ और निगम का अमला मौजूद रहा।
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ब्रेकिंग न्यूज़ राजनांदगांव। धारा 144 लागू किसी प्रकार के आयोजन, रैली, सामाजिक तथा अन्य आयोजन प्रतिन्धित
