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राजनांदगांव

शक्तिधाम स्थापना दिवस पर भक्तों का उमड़ा हुजूम, 61 यूनिट रक्तदान कर दिया जनसेवा का संदेश

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राजनांदगांव। शहर के वार्ड नंबर 1 स्थित शक्तिधाम महाकाली मंदिर में आज 6वां स्थापना दिवस भक्तिमय माहौल में धूमधाम से मनाया गया। प्रातः मां काली की अघोर महाआरती पश्चात वृक्षारोपण, रक्तदान एवं आयुर्वेदिक स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया, जहां आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. प्रज्ञा सक्सेना एवं उनकी टीम ने सेवाएं दी। स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में ग्राम सहित दूर-दराज से आये लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ लिया, वहीं रक्तदान में दूर-दराज से आये माता के भक्तों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिए।
आज शहर के बाबुटोला वार्ड नंबर 1 स्थित शक्तिधाम महाकाली मंदिर में 6वां स्थापना दिवस भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में राजनांदगांव के महापौर मधुसूदन यादव, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री अनुप श्रीवास एवं शहर के प्रतिष्ठित अलौपैथीक विशेषज्ञ डॉ. उत्तम चावड़ा, भजन गायक व समाजसेवी चंद्रेश जैन उपस्थित रहे। उन्होंने मां काली की पूजा-अर्चना पश्चात मंदिर समिति के स्थापना दिवस पर शुभकामनायें दी एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मंदिर समिति के संस्थापक गुरुदेव हरीश यादव ने रक्तदान कर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। शक्तिधाम महाकाली मंदिर के प्रधान संस्थापक व मुख्या गुरुदेव हरीश यादव ने बताया कि इस वर्ष शक्तिधाम के स्थापना दिवस पर प्रातः मां महाकाली की आरती पश्चात छाया प्रदान करने वाले वृक्षों का रोपण किया गया। समिति के सदस्यों सहित दूर-दराज से आये माता के भक्तों ने 61 यूनिट ब्लड डोनेट किये। समिति द्वारा आयुर्वेद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसे लोगों का अच्छा प्रतिफल मिला।
इस अवसर पर महापौर श्री यादव ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि शक्तिधाम मंदिर के आलावा समाजसेवा के लिए भी प्रसिद्ध हैं। शक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति की जनसेवा कार्य एक अलग ही पहचान बना चुकी हैं। भीषण गर्मी में राहगीरों को पेयजल वितरण करना, शरह के मुक्तिधाम में सफाई अभियान चलाना, वृक्षारोपण करना जैसे कार्य जनमानस में प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लगातार हो रही बारिश के बावजूद रक्तवीरों का उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना शक्तिधाम की लोकप्रियता हैं।
इस अवसर पर श्री मुदलियार ने कहा कि शक्तिधाम के स्थापना दिवस पर रक्तदान जैसे पुण्य आयोजन जनसेवा के प्रति संवेदना को दर्शाती हैं। वास्तव में मंदिर के स्थापना दिवस पर स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, सामाजिक समरसता कार्यक्रम सराहनीय और समाज को संदेश देने वाली अनुकरणीय पहल हैं।
समाजसेवी एवं प्रसिद्ध डॉक्टर श्री चावड़ा ने कहा कि शक्तिधाम की समाजसेवी कार्य के साथ ही अध्यात्म और विज्ञान के सामंजस्य से रोगियों और दुखियों की सेवा अनूठी और अनोखी हैं। आज पूजा-पाठ यज्ञ हवन के नाम से जहां लूट मची हैं, लोगों में भ्रम व्याप्त हैं, ऐसे समय में शक्तिधाम की निःस्वार्थ और निःशुल्क सेवा सराहनीय और संदेशप्रद हैं।
विहिप के महामंत्री अनुप श्रीवास ने कहा कि आज विभिन्न समाज में भ्रांतिवश अलगाव बढ़ता जा रहा हैं, ऐसे में शक्तिधाम का सभी समाज को लेकर सामाजिक समरसता कार्यक्रम सभी समाज को एकजुट करने सराहनीय पहल है। श्री श्रीवास ने शक्तिधाम के सामाजिक एकजुटता के प्रत्येक कार्य में हरसंभव सहयोग करने की बात कही।
शक्तिधाम के संस्थापक ने बताया कि शक्तिधाम के इस आयोजन में ग्राम सहित आसपास ग्रामों के लगभग 100 से ज्यादा लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ लिया। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. प्रज्ञा सक्सेना एवं उनकी टीम द्वारा उचित परामर्श व निःशुल्क औषधि प्रदान किया गया।
मुखिया हरीश यादव ने बताया कि शक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति का मूल उद्देश्य सर्वजन हिताये सर्वजन सुखाए को ध्येय रखकर हमारी संस्था द्वारा इस तरह के जनसेवा का कार्य किया जाता रहा है। हमारी सेवा संस्था द्वारा ग्रीष्म में रेल यात्रियों को शीतल पानी पिलाना, वृद्धा आश्रम में भोजन सेवा, अभिलाषा मुकबधिर शाला में लेखनी सामग्री वितरण सहित स्टेशनों व फुटपाथ में रहने वालों को आवश्यक सामग्री भेंटकर सेवा किया जाता रहा है।
श्री यादव ने आमजन से इस जनसेवा के मुहिम में अधिक से अधिक सम्मिलित होकर इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर जनसेवा के कार्य में सहभागिता की अपील की है। शक्तिधाम महाकाली मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में दूर-दराज के मंदिर के भक्त व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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पीएम सूर्यघर योजना से रोशन हुआ शिक्षक प्रशांत यादव का घर, बिजली बिल हुआ शून्य

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। शहर की जीवन कॉलोनी निवासी शिक्षक प्रशांत यादव ने योजना का लाभ लेकर अपने घर में 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। इससे उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है और वे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।

प्रशांत यादव ने बताया कि अप्रैल 2026 से सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू हुआ। गर्मी के मौसम में प्रतिदिन करीब 20 यूनिट तक बिजली का उत्पादन हुआ, जिससे पहले 1500 रुपए से लेकर गर्मी में 3 से 4 हजार रुपए तक आने वाला मासिक बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया।

उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए बैंक से वित्तीय सहायता मिली तथा अधिकृत वेंडर के सहयोग से पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी हुई। केंद्र और राज्य शासन से कुल 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी मिलने से संयंत्र की लागत भी काफी कम हो गई।

प्रशांत यादव ने बताया कि नेट मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है। वहीं ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप के जरिए रोजाना बिजली उत्पादन और खपत की जानकारी भी आसानी से मिल जाती है। बादल छाए रहने पर भी सोलर प्लांट से संतोषजनक बिजली उत्पादन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है। उनके घर में लगे सोलर रूफटॉप को देखकर कई मित्र और सहकर्मी भी इस योजना से प्रेरित हुए हैं और अपने घरों में सोलर सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रशांत यादव ने नागरिकों से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह दीर्घकालीन आर्थिक बचत के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए केंद्र और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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कम पानी में ज्यादा मुनाफा : धान छोड़ उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़े किसान तामेश्वर साहू

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राजनांदगांव। अल्प वर्षा और जल संरक्षण की आवश्यकता के बीच जिले के ग्राम जंगलेसर के किसान तामेश्वर लाल साहू ने धान की पारंपरिक खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए फसल विविधीकरण की मिसाल पेश की है। कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी मिलने से वे अब अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

करीब तीन एकड़ भूमि के मालिक तामेश्वर साहू ने बताया कि पहले वे खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 15 हजार रुपए का लाभ होता था। बदलते मौसम और पानी की कमी को देखते हुए उन्होंने धान की जगह सब्जी एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू की। पिछले वर्ष आधा एकड़ में बैंगन की खेती से उन्हें करीब साढ़े तीन लाख रुपए का लाभ हुआ। बेहतर मुनाफे से उत्साहित होकर इस वर्ष उन्होंने उद्यानिकी फसलों का रकबा और बढ़ा दिया है।

उन्होंने बताया कि धान की तुलना में सब्जियों और अन्य वैकल्पिक फसलों में पानी की जरूरत कम होती है। इससे जल संरक्षण के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। लगातार धान की खेती से भूमि कठोर होती है, जबकि उद्यानिकी फसलों से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर रहती है और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होती है।

तामेश्वर साहू ने किसानों से मौसम और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए धान के साथ मक्का, मूंग, दलहन, तिलहन और उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने की अपील की। उनका कहना है कि इससे कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर आय हासिल की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा धान के स्थान पर अन्य फसलें लगाने वाले किसानों को 15 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इस योजना से किसानों में फसल विविधीकरण के प्रति रुचि बढ़ी है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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झमाझम बारिश से बेहाल राजनांदगांव, अमले के साथ सड़क पर उतरे महापौर व आयुक्त

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राजनांदगांव। शनिवार रात से शहर में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। बारिश के कारण शहर की निचली बस्तियों और झुग्गी इलाकों में पानी भर गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार सुबह से ही महापौर मधुसूदन यादव, निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह (पारस वर्मा) और स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य शैकी बग्गा खुद मैदान में उतरे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के इस संयुक्त दल ने शहर के आंतरिक व बाहरी क्षेत्रों का तूफानी दौरा कर राहत कार्य शुरू कराया। इस दौरान कलेक्टर जितेन्द्र यादव भी जिला मुख्यालय से स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे।

महापौर व आयुक्त ने चिखली, इंदिरा नगर, नंदई, बसंतपुर अस्पताल परिसर, मोहारा और लखोली जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। ममता नगर अंडरब्रिज में भारी पानी भर जाने के कारण तत्काल हैवी पंप लगाकर पानी की निकासी कराई गई, जिससे आवागमन बहाल हो सका।

मलबे और अतिक्रमण पर चली जेसीबी, खोदी गईं कच्ची नालियां
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि कई जगहों पर नागरिकों द्वारा नालियों के ऊपर अस्थाई निर्माण कर लेने और नाले में भारी कचरा फंसने के कारण पानी की निकासी रुद्ध हो गई थी। महापौर के निर्देश पर तत्काल जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया। अमले ने नालियों के ऊपर के अवरोधों को हटाया और फंसे हुए मलबे को साफ कराया।

जी.ई. रोड, बसंतपुर जिला अस्पताल, हाट बाजार, राजीव नगर, आर.के. नगर, मोतीपुर, कैलाश नगर और केशर नगर की झुग्गी बस्तियों में घरों के आसपास जमा पानी को निकालने के लिए आपातकालीन तौर पर कच्ची नालियां खुदवाई गईं। महापौर ने स्वास्थ्य अमले को हिदायत दी कि निचली बस्तियों में अल्प वर्षा में भी जलभराव हो जाता है, इसलिए मानसून के दौरान यहां नियमित रूप से बड़े नालों की गहरी सफाई सुनिश्चित की जाए।

नाला निर्माण से भविष्य में मिलेगी स्थाई राहत: महापौर
“जिस तरह जिला चिकित्सालय परिसर को ऊंचा करने से वहां पानी भरने की समस्या का स्थाई समाधान हो गया, ठीक उसी तरह शहर में चल रहे बड़े नाला निर्माण कार्यों से आने वाले वर्षों में नागरिकों को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान में शासन की स्वीकृति से ‘नार कन्हैया नाला’ (जो इंदिरा नगर, नंदई आदि क्षेत्रों से गुजरता है) के संकरे व कच्चे हिस्से को तोड़कर नया पक्का नाला बनाया जा रहा है। अभी लोहा बाड़ा क्षेत्र में काम चलने से थोड़ी असुविधा जरूर हो रही है। इसके साथ ही गोकुल नगर नाले के निर्माण की प्रक्रिया भी गति पर है। इनके पूरा होते ही स्थिति पूरी तरह सुधर जाएगी।”
— मधुसूदन यादव, महापौर

कमिश्नर के कड़े तेवर: लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने तकनीकी अधिकारियों और स्वास्थ्य अमले की बैठक लेकर दोटूक निर्देश दिए कि जलभराव और गड्ढों वाले स्थानों से पानी निकासी के काम में कोई ढिलाई न बरती जाए।

वार्ड प्रभारियों को निर्देश: सभी वार्ड प्रभारी और सफाई दरोगा अपने-अपने वार्डों के संवेदनशील और जलभराव वाले क्षेत्रों को तत्काल चिन्हांकित कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपें।

तीन शिफ्टों में अलर्ट: टाका घर स्थित मुख्य कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों को तीनों पालियों (24 घंटे) में मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संसाधनों की उपलब्धता: आपातकालीन स्थिति और बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण और संसाधन रेडी मोड पर रखने को कहा गया है, ताकि शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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