Connect with us

राजनांदगांव

झमाझम बारिश से बेहाल राजनांदगांव, अमले के साथ सड़क पर उतरे महापौर व आयुक्त

Published

on

राजनांदगांव। शनिवार रात से शहर में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। बारिश के कारण शहर की निचली बस्तियों और झुग्गी इलाकों में पानी भर गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार सुबह से ही महापौर मधुसूदन यादव, निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह (पारस वर्मा) और स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य शैकी बग्गा खुद मैदान में उतरे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के इस संयुक्त दल ने शहर के आंतरिक व बाहरी क्षेत्रों का तूफानी दौरा कर राहत कार्य शुरू कराया। इस दौरान कलेक्टर जितेन्द्र यादव भी जिला मुख्यालय से स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे।

महापौर व आयुक्त ने चिखली, इंदिरा नगर, नंदई, बसंतपुर अस्पताल परिसर, मोहारा और लखोली जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। ममता नगर अंडरब्रिज में भारी पानी भर जाने के कारण तत्काल हैवी पंप लगाकर पानी की निकासी कराई गई, जिससे आवागमन बहाल हो सका।

मलबे और अतिक्रमण पर चली जेसीबी, खोदी गईं कच्ची नालियां
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि कई जगहों पर नागरिकों द्वारा नालियों के ऊपर अस्थाई निर्माण कर लेने और नाले में भारी कचरा फंसने के कारण पानी की निकासी रुद्ध हो गई थी। महापौर के निर्देश पर तत्काल जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया। अमले ने नालियों के ऊपर के अवरोधों को हटाया और फंसे हुए मलबे को साफ कराया।

जी.ई. रोड, बसंतपुर जिला अस्पताल, हाट बाजार, राजीव नगर, आर.के. नगर, मोतीपुर, कैलाश नगर और केशर नगर की झुग्गी बस्तियों में घरों के आसपास जमा पानी को निकालने के लिए आपातकालीन तौर पर कच्ची नालियां खुदवाई गईं। महापौर ने स्वास्थ्य अमले को हिदायत दी कि निचली बस्तियों में अल्प वर्षा में भी जलभराव हो जाता है, इसलिए मानसून के दौरान यहां नियमित रूप से बड़े नालों की गहरी सफाई सुनिश्चित की जाए।

नाला निर्माण से भविष्य में मिलेगी स्थाई राहत: महापौर
“जिस तरह जिला चिकित्सालय परिसर को ऊंचा करने से वहां पानी भरने की समस्या का स्थाई समाधान हो गया, ठीक उसी तरह शहर में चल रहे बड़े नाला निर्माण कार्यों से आने वाले वर्षों में नागरिकों को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान में शासन की स्वीकृति से ‘नार कन्हैया नाला’ (जो इंदिरा नगर, नंदई आदि क्षेत्रों से गुजरता है) के संकरे व कच्चे हिस्से को तोड़कर नया पक्का नाला बनाया जा रहा है। अभी लोहा बाड़ा क्षेत्र में काम चलने से थोड़ी असुविधा जरूर हो रही है। इसके साथ ही गोकुल नगर नाले के निर्माण की प्रक्रिया भी गति पर है। इनके पूरा होते ही स्थिति पूरी तरह सुधर जाएगी।”
— मधुसूदन यादव, महापौर

कमिश्नर के कड़े तेवर: लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने तकनीकी अधिकारियों और स्वास्थ्य अमले की बैठक लेकर दोटूक निर्देश दिए कि जलभराव और गड्ढों वाले स्थानों से पानी निकासी के काम में कोई ढिलाई न बरती जाए।

वार्ड प्रभारियों को निर्देश: सभी वार्ड प्रभारी और सफाई दरोगा अपने-अपने वार्डों के संवेदनशील और जलभराव वाले क्षेत्रों को तत्काल चिन्हांकित कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपें।

तीन शिफ्टों में अलर्ट: टाका घर स्थित मुख्य कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों को तीनों पालियों (24 घंटे) में मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संसाधनों की उपलब्धता: आपातकालीन स्थिति और बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण और संसाधन रेडी मोड पर रखने को कहा गया है, ताकि शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजनांदगांव

पीएम सूर्यघर योजना से रोशन हुआ शिक्षक प्रशांत यादव का घर, बिजली बिल हुआ शून्य

Published

on

राजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। शहर की जीवन कॉलोनी निवासी शिक्षक प्रशांत यादव ने योजना का लाभ लेकर अपने घर में 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। इससे उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है और वे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।

प्रशांत यादव ने बताया कि अप्रैल 2026 से सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू हुआ। गर्मी के मौसम में प्रतिदिन करीब 20 यूनिट तक बिजली का उत्पादन हुआ, जिससे पहले 1500 रुपए से लेकर गर्मी में 3 से 4 हजार रुपए तक आने वाला मासिक बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया।

उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए बैंक से वित्तीय सहायता मिली तथा अधिकृत वेंडर के सहयोग से पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी हुई। केंद्र और राज्य शासन से कुल 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी मिलने से संयंत्र की लागत भी काफी कम हो गई।

प्रशांत यादव ने बताया कि नेट मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है। वहीं ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप के जरिए रोजाना बिजली उत्पादन और खपत की जानकारी भी आसानी से मिल जाती है। बादल छाए रहने पर भी सोलर प्लांट से संतोषजनक बिजली उत्पादन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है। उनके घर में लगे सोलर रूफटॉप को देखकर कई मित्र और सहकर्मी भी इस योजना से प्रेरित हुए हैं और अपने घरों में सोलर सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रशांत यादव ने नागरिकों से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह दीर्घकालीन आर्थिक बचत के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए केंद्र और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

Continue Reading

राजनांदगांव

कम पानी में ज्यादा मुनाफा : धान छोड़ उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़े किसान तामेश्वर साहू

Published

on

राजनांदगांव। अल्प वर्षा और जल संरक्षण की आवश्यकता के बीच जिले के ग्राम जंगलेसर के किसान तामेश्वर लाल साहू ने धान की पारंपरिक खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए फसल विविधीकरण की मिसाल पेश की है। कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी मिलने से वे अब अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

करीब तीन एकड़ भूमि के मालिक तामेश्वर साहू ने बताया कि पहले वे खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 15 हजार रुपए का लाभ होता था। बदलते मौसम और पानी की कमी को देखते हुए उन्होंने धान की जगह सब्जी एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू की। पिछले वर्ष आधा एकड़ में बैंगन की खेती से उन्हें करीब साढ़े तीन लाख रुपए का लाभ हुआ। बेहतर मुनाफे से उत्साहित होकर इस वर्ष उन्होंने उद्यानिकी फसलों का रकबा और बढ़ा दिया है।

उन्होंने बताया कि धान की तुलना में सब्जियों और अन्य वैकल्पिक फसलों में पानी की जरूरत कम होती है। इससे जल संरक्षण के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। लगातार धान की खेती से भूमि कठोर होती है, जबकि उद्यानिकी फसलों से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर रहती है और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होती है।

तामेश्वर साहू ने किसानों से मौसम और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए धान के साथ मक्का, मूंग, दलहन, तिलहन और उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने की अपील की। उनका कहना है कि इससे कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर आय हासिल की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा धान के स्थान पर अन्य फसलें लगाने वाले किसानों को 15 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इस योजना से किसानों में फसल विविधीकरण के प्रति रुचि बढ़ी है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

Continue Reading

राजनांदगांव

तेज बारिश से राजनांदगांव में अलर्ट : कलेक्टर ने दिए बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों की सतत निगरानी के निर्देश

Published

on

राजनांदगांव। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ एवं जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि लगातार हो रही वर्षा से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित दौरा करने को कहा है। इसके साथ ही प्रशासन ने नदी के तटीय इलाकों में मुनादी (ढिंढोरा) पिटवाकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। कलेक्टर ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों के पास जाने से बचें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, संवेदनशील इलाकों का लिया जायजा
कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन में आ गया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों ने मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया:

राजनांदगांव शहर: नगर निगम आयुक्त ने शहर के जलभराव संभावित इलाकों जैसे टिम्बर मार्केट, जिला अस्पताल परिसर, राजीव नगर, ममता नगर, डीएफओ बंगले के पीछे और नंदई चौक का निरीक्षण किया। इस दौरान जल निकासी में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों और अवरोधकों को तुरंत हटाया गया, जिससे पानी का बहाव सुचारू हो सका। फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य है।

डोंगरगढ़: एसडीएम डोंगरगढ़ ने केदारबाड़ी और वार्ड क्रमांक 3 का दौरा कर मातहत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

डोंगरगांव: एसडीएम डोंगरगांव ने ग्राम बगदई, रूदगांव और कोहका सहित कई बाढ़ संभावित क्षेत्रों का मुआयना किया। उन्होंने ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर न जाने की अपील की।

छुरिया: जनपद पंचायत सीईओ ने भी संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों को अलर्ट रहने तथा गांवों में लगातार मुनादी कराकर मुनासिब सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की अपील: तेज बारिश के दौरान नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।

Continue Reading

Trending