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राजनांदगांव

प्रधानमंत्री और विधानसभा में दी गलत जानकारी, जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की हुई मांग

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राजनांदगांव। शिक्षा विभाग के द्वारा सत्र 2019-20 और 2020-21 में दो करोड़ चैतीस लाख रूपये का बर्तन खरीदी किया गया था। जिस फर्म से बर्तन खरीदी की गई थी उसने निर्धारित मानकों के अनुरूप बर्तन सप्लाई नहीं गई थी, जो बर्तन सप्लाई की गई थी वह गुणवत्ताहीन और कम वजन और कम संख्या की थी, जिसे वापस कर निर्धारित मानकों के अनुरूप बर्तन सप्लाई किया जाना था, जिसके लिए संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल के द्वारा प्रधानमंत्री से शिकायत कर कार्यवाही करने की मांग किया गया था, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने छग के मुख्य सचिव को मामले की जांच कर कार्यवाही करने के संबंध में दो बार आदेश दिया गया था।
संयुक्त कलेक्टर राजनांदगांव के द्वारा इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से तत्थात्मक प्रतिवेदन की मांग किया गया था, और दिनांक 31 जनवरी 2022 को तत्कालिक जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने संयुक्त कलेक्टर को तत्थात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। तत्कालिक डीईओ हेतराम सोम ने अपने तथ्यात्मक प्रतिवेदन दिनांक 31 जनवरी 2022 में संयुक्त कलेक्टर को यह जानकारी दिया गया है कि मेसर्स क्रिस्टल इंडिया, महासंमुद द्वारा सभी 9 विकासखंडों में आदेशित सामग्री माह मार्च 2020 को राईटस लिमिटेड मुंबई के द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र के आधार पर प्रदाय की गई थीए जबकि जिला शिक्षा अधिकारी ने स्वयं दिनांक 25 फरवरी 2021 को मेसर्स क्रिस्टल इंडिया, महासंमुद को कारण बताओं सूचना पत्र जारी कर यह पूछा गया था कि उनके द्वारा राईटस लिमिटेड मुंबई द्वारा जारी गुणवत्ता प्रमाण पत्र के आधार पर सामग्री प्रदाय क्यों नहीं की गई और संबंधित फर्म को 15 मार्च 2021 तक उत्तर भेजने को निर्देशित किया गया था, अन्यथा उनका नाम काली सूची में डालने की कार्यवाही करने की बात कही गई थी।
इतना ही नहीं श्री सोम ने दिनांक 25 फरवरी 2021 को राईटस लिमिटेड मुबंई को भी कारण बताओं नोटिस जारी कर दिनांक 15 मार्च 2021 तक जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, अन्यथा उक्त एजेंसी को भी काली सूची में डालने की कार्यवाही करने की बात कही गई थी।
श्री सोम ने संयुक्त कलेक्टर को यह भी जानकारी दिया है कि मेसर्स क्रिस्टल इंडिया, महासंमुद को 10 प्रतिशत की राशि काट कर दिनांक 23 फरवरी 2021 को काटी गई राशि चालान के माध्यम से शासन के मद में जमा किया गया है जब डीईओ ने संबंधित फर्म को दिनांक 15 मार्च 2021 तक कारण बताओं नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया था जो फिर निर्धारित तिथि के पूर्व यानि दिनांक 23 फरवरी 2021 को संबंधित फर्म को राशि काट कर भुगतान कैसे कर दिया गया?
श्री सोम ने संयुक्त कलेक्टर को यह भी जानकारी दिया गया है कि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव के माध्यम से संस्थाओं से प्राप्त जानकारी अनुसार किचन डिवाईस सामग्री गुणवत्तायुक्त एवं उपयोगी है, जबकि डीईओ ने स्वयं छग विधानसभा के शीतकालिन सत्र 2021 दिनांक 03.12.2021 को यह लिखित जानकारी दिया गया है कि विकासखंड राजनांदगांव में प्रदाय सामग्री के वजन में कमी तथा सामग्री की संख्या में कमी के कारण राशि में कटौती की गई।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने डिप्टी कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर यह बताया कि तत्कालिक जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने प्रधानमंत्री कार्यालय, विधानसभा और संयुक्त कलेक्टर को मिथ्या और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर गुमराह किया गया है। शासन को भारी आर्थिक क्षति पहंुचाया गया और संयुक्त कलेक्टर द्वारा इस तत्थात्मक प्रतिवेदन को अपने उच्च अधिकारी को भेजा गया और यह मिथ्या व भ्रामक जानकारी प्रधानमंत्री पीजीपोर्टल में भी अपलोड कर दिया गया, जो कि गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है, इसलिए अब श्री सोम के विरूद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराया जाना चाहिए।

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राजनांदगांव

प्रयास आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों ने लगाया फूड स्टॉल, व्यवहारिक शिक्षा व कौशल का दिया परिचय

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राजनांदगांव। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष फूड स्टॉल का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए, बल्कि सामग्री प्रबंधन से लेकर ग्राहकों के साथ संवाद तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाली।

छात्रों ने तैयार किए कई लजीज व्यंजन
फूड स्टॉल में विद्यार्थियों द्वारा अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए नींबू पानी, फिंगर चिप्स, स्वीट डिश, स्वीट कॉर्न, सूप, भेल, आलू गोलगप्पा और करोंदा चाट सहित कई प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए थे। स्टॉल के संचालन के दौरान सामग्री का प्रबंधन, लागत का हिसाब-किताब और आए हुए अतिथियों से संवाद स्थापित करने का पूरा प्रबंधन विद्यार्थियों ने स्वयं किया।

व्यवहारिक ज्ञान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाना उद्देश्य
विद्यालय प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों में जीवनोपयोगी कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, आत्मविश्वास, बेहतर संचार कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए समय-समय पर इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

अधिकारियों व अभिभावकों ने बढ़ाया उत्साह
आयोजित फूड स्टॉल में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर व्यंजनों का स्वाद चखा और विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

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अपराध

गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज

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राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।

निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।

छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।

पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।

पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

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राजनांदगांव

शांति भंग करने की आशंका पर दो असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

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राजनांदगांव। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिटी कोतवाली पुलिस ने दो असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों पर सार्वजनिक स्थान पर विवाद कर शांति भंग करने की आशंका के चलते बीएनएसएस की धाराओं के तहत कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को सूचना मिली थी कि शंकरपुर उड़िया मोहल्ला निवासी किशन सोनी (40) गंज चौक में तथा राहुल नगर लखोली निवासी भीमा मंडावी (28) आम लोगों से विवाद और झगड़ा कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उत्तेजित होकर विवाद करने लगे और समझाइश के बावजूद नहीं माने।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पर दोनों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके विरुद्ध धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। किशन सोनी के विरुद्ध चिखली पुलिस चौकी में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी का मामला दर्ज है, जबकि भीमा मंडावी के खिलाफ बसंतपुर थाना में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार शाह के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में उपनिरीक्षक रतन सिंह नेताम एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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