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राजनांदगांव

जिस तरह से कवर्धा और कबीरधाम दोनों ही नाम प्रचलित है, उसी तर्ज पर संस्कारधानी का नाम दिग्विजय नगर करने का हिन्दू युवा मंच ने दिया सुझाव

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राजनांदगांव। हिन्दू युवा मंच जिला इकाई ने राजनांदगांव जिले का नाम राजनांदगांव रियासत के राजा दिग्विजय दास जी के नाम पर दिग्विजय नगर करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जिलाधीश तारण प्रकाश सिन्हा से मांग की है।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मंच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी ने बताया कि, संस्कारधानी के नाम से जाने जाना वाला यह शहर यहां के दानवीर और उदार राजाओं की विलक्षण सोच का ही नतीजा है। यहां के बैरागी राजाओं ने इस शहर और शहर के नागरिकों के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर और समर्पित कर दिया। इस शहर की बसाहट यहां के विद्वान राजाओं की के तकनीकी ज्ञान और दूरगामी सोच एक शानदार और बेजोड़ नमूना है। राजनांदगांव में जो कुछ भी है। वह सब यहां के राजाओं की ही बदौलत है। यह कहने में जरा भी संकोच नहीं है कि, राजनांदगांव ने जो भी मुकाम हासिल किया स्वयं के बल पर किया है। नेशनल हाईवे से जुड़ा, मुंबई रेल मार्ग पर बसा यह शहर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के सबसे आधुनिक शहरों में गिना जाता रहा है। राजाओं की विवेकशीलता की अगर बात करें तो सदियों पहले भी इस तरह की सुनियोजित तरीके से बसाहट की योजना तैयार करना अपने आप मे आधुनिक सोच और दूरदृष्टि का एक उम्दा उदाहरण कही जा सकती है। सदियों पहले तैयार की गई बसाहट की योजना आज भी प्रासंगिक है, और 21वीं सदी के हिसाब से भी सौ फीसदी खरा उतर रही है। ऐसी आधुनिक सोच रखने वाले विद्वान राजाओं की योजना आज भी शहर की सुंदर बसाहट का शानदार नजारा प्रस्तुत करती है। यही नहीं राजाओं ने राजनांदगांव को इतना कुछ दिया है कि, अगर यहां की जनता अगर प्रत्येक पल भी कृतज्ञता प्रकट करती रहे तब भी कम है। सन 1868 में छत्तीसगढ़ में पहला उद्योग, छत्तीसगढ़ के सबसे पहले समाचार पत्रों में से एक प्रजा हितैषी का प्रकाशन, राजनांदगाँव शहर में महंत राजा बलराम दास के योगदान से 125 से भी ज्यादा पुराने ऐतिहासिक स्कूल की स्थापना, दिग्विजय कॉलेज की स्थापना, सुनियोजित तरीके से राजनांदगाँव शहर की सुव्यवस्थित बसाहट, राजनांदगाँव के नागरिकों को पेयजल की सुविधा, राजनांदगाँव को व्यापार केंद्र की स्थापना के महत्वाकांक्षी उद्देश्य को पूरा करने देश के अन्य प्रांत के व्यापारियों को व्यापार के लिए आमंत्रित करना, राजनांदगांव की खेल प्रतिभाओं को उभारने दिग्विजय स्टेडियम की स्थापना, आजादी के पूर्व से चली आ रही महंत राजा सर्वेश्वर दास स्मृति अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन, सन 1888 में छत्तीसगढ़ का पहला रेलखंड नागपुर-रायपुर, अगर यहाँ दयालु, उदार और दानवीर राजाओं ने रेलवे को सैकड़ों एकड़ जमीन में न दी होती तो रेल लाईन छत्तीसगढ़ में ही नही आ पाती। छत्तीसगढ़ का सबसे पहला उद्योग बंगाल नागपुर कॉटन मिल की स्थापना ने पूरे प्रदेश में उधोगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। दुर्ग जिला मुख्यालय में स्थापित हिन्दी भवन, रायपुर जिला मुख्यालय में स्थित महँत घासीदास स्मृति संग्रहालय भी राजनांदगाँव रियासत के दानवीर राजाओं की ही देन है। बेमेतरा जिले में सैकड़ों एकड़ जमीन राजगामी संपदा न्यास की है जो आज भी खेतिहर मजदूर वर्ग के काम आ रही है। अगर संपूर्ण जिले का नाम परिवर्तित करना संभव न हो तो जिस तरह से तहसील कवर्धा और जिला कबीरधाम दोनों ही नाम प्रचलित है, उसी तर्ज पर संस्कारधानी का नाम दिग्विजय नगर तो किया ही जा सकता है। इस शहर को आधुनिक पद्धति से बसाने वाले और इस शहर को अपना सब कुछ समर्पित करने वाले दानवीर राजाओं के सम्मान में इतना तो बनता है कि, यह नगर जिनकी खातिर बना और इस नगर को जिस नाम से जाना जाता है। उस शहर को उनके नाम के अलंकरण के साथ कृतार्थ किया जाए।
इसके दूसरे पहलू पर अगर बात करें तो राजनांदगाँव के पीछे जो प्रत्यय जुड़ा हुआ है वह राजनांदगांव की प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाला प्रतीत होता है। इसके पीछे लगे गाँव शब्द ही इसके विकास में रुकावट बनी हुई है और न चाहते हुए भी यह गांव रूपी बेड़ियाँ प्रगति के रास्ते पर इसे आने नहीं दे रही है, जो अनजान व्यक्ति राजनांदगाँव कभी आया ही नहीं पूर्वाग्रह से ग्रसित उस व्यक्ति को दूर से ही राजनांदगाँव का नाम सुनकर गाँव खेड़े जैसा होने की अनुभूति होगी। कॉर्पोरेट सेक्टर की बड़ी बड़ी कंपनियां और औद्योगिक घराने गांव नाम सुनकर ही इससे मुँह मोड़ लेते होंगे और कोई भी बड़ी योजना यहां आने से पहले ही दम तोड़ देती होगी। अगर हमें अपने शहर का उत्तरोत्तर विकास और प्रगति चाहिये तो इसके पीछे लगे गाँव शब्द को हटाना होगा। साथ ही जिन दानवीर राजाओं की बदौलत यह शहर आस्तित्व में आया और जिनके संरक्षण में यह विकास के नए आयाम को छूता रहा, उन दयालु और उदार राजाओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का इससे अच्छा अवसर कोई और नहीं हो सकता।

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राजनांदगांव

सुशासन तिहार : राजनांदगांव जिले में उमड़ा जनसैलाब, सुशासन की अनगिनत यादों के साथ मिलीं करोड़ों के विकास कार्यों की सौगातें

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राजनांदगांव। जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयोजित ‘सुशासन तिहार’ राजनांदगांव जिलेवासियों के लिए खुशियों की नई बहार लेकर आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा आम जनता के हित में शुरू की गई इस अनूठी पहल का असर गांव से लेकर शहर तक एक उत्सव के रूप में देखने को मिला। भीषण ग्रीष्म ऋतु के बावजूद बड़ी संख्या में जनमानस ने इन जनसमस्या निवारण शिविरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ।

जिले में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में कुल 59 शिविरों का सफल आयोजन किया गया, जिसमें जिला प्रशासन ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए जनशिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया। इस तिहार के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने खुद विभिन्न शिविरों में पहुंचकर आम जनता के सुख-दुख को जाना।

मोतीपुर स्कूल शिविर में मुख्यमंत्री ने दीं बड़ी सौगातें, बनेगा 200 करोड़ का नया बाईपास
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह नगर पालिक निगम राजनांदगांव के मोतीपुर स्कूल में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं:

नवीन बाईपास: राजनांदगांव-खैरागढ़ राजमार्ग पर गठुला होते हुए 200 करोड़ रुपये की लागत से नया बाईपास बनेगा।

सड़कों का चौड़ीकरण: टेड़ेसरा-घुमका-बाकल मार्ग (35 किमी) के लिए 75 करोड़ रुपये तथा धनगांव-इंदामरा-बांकल मार्ग के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत।

शहरी एवं ग्रामीण विकास: नगर निगम के वार्ड क्रमांक 1, 2, 3 और 8 के विकास कार्यों के लिए प्रत्येक वार्ड को 25-25 लाख रुपये की राशि। इसके अलावा, डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी मंदिर के पास 15 कमरों का सर्किट हाउस और जनपद पंचायत राजनांदगांव के नए भवन हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।

खेल व महिला सशक्तिकरण: हॉकी प्रशिक्षण के लिए नए खेल मैदान की स्थापना की जाएगी और जिले की महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी टू ईट निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

मुड़पार और खुटेरी में करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मुड़पार शिविर में 4 करोड़ 50 लाख 59 हजार रुपये की लागत के 115 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा मुड़पार से खरखरा नदी तक 2 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की।

इसके साथ ही, उन्होंने ग्राम पंचायत खुटेरी में सीसी रोड निर्माण के लिए 15 लाख रुपये और पूर्व माध्यमिक शाला मैदान समतलीकरण हेतु 5 लाख रुपये स्वीकृत किए। क्षेत्र के किसानों के लिए चांदो नहर शिवनाथ डायवर्सन लाइनिंग कार्य 114 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिससे 34 ग्राम पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, सोमनी से खुटेरी तक 68 करोड़ रुपये की लागत से सर्विस लेन का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होगा।

डिलापहरी में 242 करोड़ की लमती फीडर परियोजना स्वीकृत
ग्राम डिलापहरी में आयोजित शिविर में डॉ. रमन सिंह ने 3 करोड़ 77 लाख 36 हजार रुपये की लागत के 89 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने यहाँ उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण और स्कूलों में शौचालय निर्माण के लिए डीएमएफ (DMF) मद से 1 करोड़ 50 लाख रुपये की घोषणा की।

सिंचाई और बिजली में सुधार: क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए 63 केवी के ट्रांसफार्मर को बढ़ाकर 100 केवी करने की घोषणा की गई। सबसे बड़ी सौगात के रूप में 242.77 करोड़ रुपये की ‘लमती फीडर लघु जलाशय एवं नहर परियोजना’ को स्वीकृति दी गई, जिससे सुकुलदैहान, बम्हनी, धनगांव, गातापार और डिलापहरी सहित 36 गांवों की 1840 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान
सुशासन तिहार के इन शिविरों में जिला प्रशासन की सक्रियता से आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट निराकरण किया गया। राजस्व मामलों जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरणों का त्वरित निपटारा हुआ। शिविर में पहुंचे नागरिकों को किसान किताब, लर्निंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ तुरंत मिला। किसानों को उन्नत बीज और आधुनिक कृषि उपकरण बांटे गए, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता फैलाई गई। इन शिविरों से जनता का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।

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अपराध

48 पौवा देशी शराब के साथ युवक गिरफ्तार, बसंतपुर पुलिस की कार्रवाई

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राजनांदगांव। अवैध शराब बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बसंतपुर पुलिस ने मोहारा बायपास रोड पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को 48 पौवा देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3,840 रुपए कीमत की शराब जब्त कर उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बुधवार को मोहारा बायपास रोड के पास दबिश दी।

शराब बेचते हुए पकड़ा गया आरोपी
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध रूप से शराब बिक्री कर रहा है। मौके पर पहुंची टीम ने अटल आवास पेंड्री निवासी 27 वर्षीय रोहित कुमार मंडावी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 48 पौवा देशी प्लेन शेरा शराब बरामद हुई।

पुलिस ने कुल 8.640 बल्क लीटर शराब, जिसकी कीमत 3,840 रुपए बताई गई है, जब्त कर ली। आरोपी के खिलाफ थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 276/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) में मामला दर्ज किया गया।

जेल भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अवैध शराब बिक्री और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, प्रधान आरक्षक सीमा जैन, आरक्षक राजेश्वर बंदेश्वर, कुश बघेल एवं रूपेंद्र वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राजनांदगांव

कार में 4 किलो गांजा लेकर जा रहे 3 युवक गिरफ्तार, 7.66 लाख का माल जब्त

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राजनांदगांव। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमनी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 किलो गांजा के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा, नकदी और परिवहन में प्रयुक्त कार सहित कुल 7 लाख 66 हजार 500 रुपए का माल जब्त किया है।

पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में ठाकुरटोला टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान दुर्ग से राजनांदगांव की ओर आ रही कार क्रमांक सीजी 08 बीई 0156 को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार तीन युवकों से पूछताछ करने पर उनकी पहचान फैजल अंसारी (24), नील गिडवानी (24) और अतुल गोस्वामी (26) निवासी राजनांदगांव के रूप में हुई।

कार की तलाशी में मिला गांजा
पुलिस ने कार की जांच की तो उसमें रखे चार पैकेटों से कुल 4 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा 12 हजार 500 रुपए नकद भी मिले। बरामद गांजे की कीमत 54 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने गांजा, नकदी और करीब 7 लाख रुपए कीमत की कार जब्त कर ली।

एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में तीनों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किसे की जानी थी।

टीम की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पटेल, उप निरीक्षक बलदाऊ चंद्राकर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक संजीत जायसवाल, पूनम साहू, प्रधान आरक्षक डुलेश्वर साहू समेत थाना सोमनी और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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