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सुपोषण के लिए अब हर परिवार को किया जाएगा जागरुक, जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के प्रयास तेज

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राजनांदगांव। सुपोषण लाने के लिए जिले में संचालित गतिविधियों में अपेक्षाकृत तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। आगामी 15 अगस्त तक जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को कई आवश्यक दिशा.निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा, जिले में 16 मई से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है जिसका अभी तक अपेक्षित परिणाम मिला है, लेकिन आगामी 15 अगस्त तक जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए और अधिक सार्थकतापूर्वक अभियान चलाने तथा गंभीर कुपोषित बच्चों के साथ ही एनिमिक महिला और किशोरियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस दिशा में शासकीय प्रयास के साथ ही सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी और जन-जागरूकता की विशेष आवश्यकता है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण हेतु हर परिवार को जागरुक करने का लक्ष्य लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। दोनों विभाग से संबंधित कर्मचारियों की टीमें टीम गांव-गांव जाएंगी। गांवों में परिवार के सदस्यों के साथ बच्चे को कैसे स्वस्थ्य रखा जाए, इस संबंध में चर्चा कर सुझाव लिए जाएंगे। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सलाह दी जाएगी। इसी तरह उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव हेतु फॉलोअप एवं उपचार पर जोर दिया जाएगा। किशोरी बालिका में हीमोग्लोबिन की जांच की जाएगी।
सुपोषण अभियान के बारे में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बतायाः गंभीर कुपोषित बच्चे और एनिमिक समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अब एक्शन प्लान के तहत कार्य किए जाएंगे। इसके अंतर्गत विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में ग्राम प्रमुख, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से किशोरियां केंद्र बिंदु हैं। अगर किशोरियां स्वस्थ होंगी तो वह भविष्य में स्वस्थ शिशु को जन्म देगी। इसीलिए अभियान में हर परिवार और बच्चे की मां को बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी जाएगी।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बतायाः कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के दिशा-निर्देश पर स्वाथ्य सुरक्षा को जिले में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में सुपोषण के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। अभियान का उद्देश्य केवल बच्चे को सुपोषित करने तक सीमित नहीं है बल्कि बच्चे को जीवन भर के लिए स्वस्थ जीवन हेतु उचित माहौल देना है। बच्चे के लिए दूध, गुड़, चना, मूंगफली बहुत ही पौष्टिक आहार होता है। इसे खिलाने से बच्चे पूर्ण रूप से स्वस्थ रहते हैं। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को अपने दिन की शुरूआत फूड मॉर्निंग के साथ करना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सुदृढ़ रहे।

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जिले में टीईटी परीक्षा का शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। परीक्षा का आयोजन जिले के कुल 45 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में किया गया। प्रथम पाली में कुल 8071 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7022 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इसी प्रकार द्वितीय पाली में 13179 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 11823 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक, उड़नदस्ता दल एवं सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। साथ ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अनुचित गतिविधि की सूचना प्राप्त नहीं हुई। परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

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रायपुर साहित्य महोत्सव में गूंजता रहा राजनांदगांव जिले का नाम, राजनांदगांव के रचनाकारों ने की रेखांकनीय भागीदारी

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राजनांदगांव। राजधानी रायपुर में जनसंपर्क विभाग एवं साहित्य अकादमी-रायपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव के बहुरंगी विमर्शमयी वातावरण में राजनांदगांव जिले ने भी रेखांकनीय भागीदारी निभाकर यहां कि सृजनधर्मी परम्पराओं का सफल निर्वाहन किया। 23 से 25 जनवरी 2026 तक अटल नगर नया रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित इस साहित्योत्सव में एक ओर विशाल पंडालों में अलग अलग विषयों पर ख्यातिनाम लेखकों, साहित्यकारों, कवियों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा विमर्श होते रहे, तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ लोकसंस्कृति, पुस्तक प्रदर्शनी, ओपन माइक, पारम्परिक व्यंजन के स्टॉल जनमानस के आकर्षण का केन्द्र रहे। संस्कारधानी राजनांदगांव के रचनाकारों ने इसमें शिरकत कर उत्सव का न केवल आनंद उठाया बल्कि संस्कारधानी का प्रतिनिधित्व भी किया।
राजनांदगांव की साहित्यिक विरासत के प्रकाश स्तंभ त्रिवेणी परिसर स्थित मुक्तिबोध स्मारक व संग्रहालय पर केंद्रित विशाल झांकी पूरे उत्सव में आकर्षण का केंद्र रही। जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाई गई यह कृति प्रवेश द्वार पर राजनांदगांव के साहित्य वैभव के साथ स्वागत-बिंदु थी। एक विशाल किताब के आकार में बनी इस झांकी के एक भाग में चित्रित मुक्तिबोध संग्रहालय और उसके दूसरे भाग में लिखे विवरण ने हजारों आने वाले को प्रेरित किया।
साहित्य उत्सव के प्रथम दिन राजनांदगांव के प्रख्यात इतिहासकार व साहित्यकार डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा को छत्तीसगढ़ के साहित्यिक अवदान पर केन्दि्रत एक महत्वपूर्ण सत्र में अभिभाषण हेतु आमंत्रित किया गया था। डॉ. शर्मा ने हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र विषय पर श्याम लाल चतुर्वेदी पंडाल में अपना वक्तव्य दिया। इस सत्र में उन्होंने सूत्रधार की महती भूमिका भी निभाई। सत्र में कहानीकार डॉ. सरला शर्मा, कवि माणिक विश्वकर्मा, आलोचक डॉ. मनिकेतन प्रधान व छंद विशेषज्ञ अरूण कुमार निगम ने सहभागिता की। संस्कारधानी के डॉ. चंद्र शेखर शर्मा ने अपने वक्तव्य में राजनांदगांव के साहित्यिक योगदान के अलावा यहां के साहित्य सेवियों पर चर्चा कर पूरे पंडाल के समक्ष राजनांदगांव की मजबूत नींव का रहस्य बताया। अपने प्रवर्तन विषय हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी भाषाओं के प्रति उदार रही है। छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ हिंदी भाषा और साहित्य में छतीसगढ़ और उसमें भी राजनांदगांव का योगदान उल्लेखनीय है। राजनांदगांव साहित्य की तीन अलग-अलग धाराओं के संगम के कारण हिंदी साहित्य की त्रिवेणी है। यह डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, गजानन माधव मुक्तिबोध एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की प्रिय कर्मस्थली रही। गजानन माधव मुक्तिबोध ने अपने जीवन का स्वर्णिम सृजन राजनांदगांव में ही कर पाए, क्योंकि यहां उनको उनके अनुकूल परिस्थितियां मिलीं। इसी प्रकार बिलासपुर में लोचन प्रसाद पाण्डेय ने छायावाद का प्रवर्तन किया। वे छायावाद के प्रवर्तक हैं। इसी श्रृंखला में हिंदी की पहली कहानी लिखने की प्रेरणा भी इसी धरती से माधवराव सप्रे को मिली। छतीसगढ़ का योगदान हिंदी साहित्य में विशेष उल्लेखनीय है।
दूसरे दिन राजनांदगांव जिले के आमंत्रित कवियों ने सुरजीत नवदीप मंडप के मंच पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कवियों हेतु सरस काव्य पाठ कर प्रशंसा बटोरी। इस कवि सम्मेलन का संयोजन डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने किया था। संस्कारधानी राजनांदगांव के साहित्यकारों की सक्रिय भागीदारी रही। डॉ. चंद्रशेखर शर्मा के मंच संचालन में राजनांदगांव के दर्जनभर कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मुग्ध किया। काव्य पाठ करने वालो में डॉ. शंकर मुनि राय, अब्दुस्सलाम कौसर, प्रभात तिवारी, शत्रुघ्न सिंह राजपूत, नीलम तिवारी, डा. चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. नीलम तिवारी, वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, अनुराग सक्सेना, ओमप्रकाश साहू अंकुर, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, राज कुमार चौधरी रौना, डॉ. इकबाल खान, डी.आर.सिन्हा, फक¸ीर साहू शामिल थे। इस महती आयोजन में राजनांदगांव से अखिलेश तिवारी, डॉ. प्रवीण साव, सचिन निषाद, जितेंद्र कुमार पटेल, फकीर प्रसाद साहू फक्कड़, हेमलाल सहारे, लखन लाल कलामे, जसवंत मंडावी, चंचल साहू, लीलाधर सिन्हा सम्मिलित हुए।
सम्मेलन के तीसरे दिन भी नगर के रचनाकारों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दिन आत्माराम कोसा, अखिलेश मिश्रा, मैन सिंह मौलिक, प्रभास गुप्ता आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई। राजनांदगांव जिले की भागीदारी पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त कर आयोजन को सफल करने हेतु सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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शादी का झांसा देकर महिला का दैहिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

आरोपी गोपी श्रीवास (27 वर्ष), पिता परशुराम श्रीवास, निवासी हनुमान मंदिर के पास, तुमड़ीबोड़, थाना लालबाग, जिला राजनांदगांव है।

दिनांक 23 जनवरी 2026 को महिला ने थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि जून 2025 में उसकी तबियत खराब थी, तब उसने गोपी श्रीवास के बारे में सुना था। गोपी एक झाड़-फूंक बैगा और सेलून नाई का काम करता था। महिला ने बताया कि गोपी ने उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे यह पता चला कि गोपी शादीशुदा है, जिसके बाद वह उसे नजरअंदाज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा।

रिपोर्ट पर पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर, और नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेण्डर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी गोपी श्रीवास को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया और आज उसे न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आरोपी को जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया है।

इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, प्र0आर0 शम्भूनाथ द्विवेदी, आरक्षक प्रयंश सिंह, और लिलेन्द्र पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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