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राजनांदगांव

जिला किसान कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित

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राजनांदगांव। जिला किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मदन साहू ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम, जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री रवि घोष एवं अमरजीत चावला, अरूण सिसोदिया सहित सुश्री सुमित्रा घृतलहरे की सहमति पश्चात प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष रामविलास साहू एवं जिलाध्यक्ष पदम कोठारी की अनुशंसा के बाद राजनांदगांव जिला किसान कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित कार्यकारिणी सूची जारी कर दी है। सूची में जिले के सभी क्षेत्रों से पदाधिकारी बनाये गए है। गौरतलब है किसान कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी बदलने के बाद पुनः मदन साहू को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है, जिसके बाद अब उन्होंने अपनी नई टीम की घोषणा की है।
जिला किसान कांग्रेस में संरक्षक के पद पर गुलाब वर्मा एवं सुरेन्द्र दास वैष्णव को लिया गया है, जबकि कोषाध्यक्ष के पद पर टीकम साहू, प्रभारी महामंत्री संगठन के पद पर योगेन्द्र दास वैष्णव, प्रभारी महामंत्री कार्या. के पद पर दिलीप चन्द्राकर, प्रवक्ता के पद पर रवि चंद्रवंशी को लिया गया है।
ब्लॉक अध्यक्ष के पद पर डोंगरगढ़ से जयचंद ठाकुर, डोंगरगॉव से चुम्मन साहू, राजनांदगांव से ओमप्रकाश साहू, छुरिया से महेन्द्रपाल, कुर्मदा से गिरधारी साहू, लालबहादुर नगर से उत्तम वर्मा, घुमका से दिनेश पुराणिक पदभार सौंपा गया है।
जिला उपाध्यक्ष पद पर प्रमोद वैष्णव, होमदत्त वर्मा, महेन्द्र साहू, मदन मोहन, कमल नारायण वैष्णव, नरेन्द्र दास वैष्णव, जीवन साहू, नूतन साहू, चन्द्रशेखर मंडलोई को काबिज किया गया है।
जिला महामंत्री के पद पर शिशुपाल भारती, रोहित सोनकर, राजेन्द्र साहू, दशरथ ठाकुर, भोजराम साहू, तुलदास साहू, आरिफ खान, पुरन साहू, रामदास चंद्रवंशी, कपिल वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह जिला संयुक्त महामंत्री के पद पर पूरन नेताम, श्रीमती टोमिन चंद्रवंशी, भुवाल साहू, पोखन साहू, नितिन चन्द्राकर, द्वारका सिन्हा, श्रीमति भुनेश्वरी साहू, अंगद वर्मा की नियुक्ति की गई है। जिला किसान कांग्रेस के मीडिया प्रभारी के पद पर पुरूषोत्तम साहू एवं गौतम वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है।
किसान कांग्रेस के जिला सचिव पद पर हेमशंकर चन्द्राकर, रामसाय उईके, रामबिलास कंवर, चतुरसिंग हरेन्द्र, दयाराम साहू, श्रीमति लता बंजारे, श्रीमति ललिता टार्जन साहू, श्रीमति दीपिका साहू, कमलेश्वर साहू, परमानंन्द साहू को पदस्थ किया गया है।
जिला किसान कांग्रेस कार्यकारणी सदस्य के तौर पर देवलाल कवर, ईश्वर साहू, दिनदयाल मारकंडे, जागेश्वर साहू, रिखि साहू, नारद साहू, मुन्नापाल केसला, श्रीमति दिव्या हिरवानी, जीवन साहू, केशव सेन को स्थान दिया गया है।
स्थायी आमंत्रित सदस्य में मार्गदर्शन हेतु भोलाराम साहू, पदम कोठारी, दलेश्वर साहू, श्रीमति छन्नी चंदू साहू, भुनेश्वर बघेल, महेन्द्र यादव, श्रीमति रामक्षत्री चंद्रवंशी, श्रीमती कांति भंडारी, श्रीमति प्रभा साहू, श्रीमति पुष्पा वर्मा, श्रीमति हर्षिता स्वामी बघेल, अंगेश्वर देशमुख को सम्मिलित किया गया है, जबकि विशेष आमंत्रित सदस्य में श्रीमति क्रांति बंजारे, श्रीमति चित्रलेखा वर्मा, सोमेश्वर वर्मा, श्रीमति विभा साहू, अलालीराम यादव को शामिल किया गया है।

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राजनांदगांव

गायत्री मंत्र की अनिवार्यता पर ईसाई समाज मुखर, सचिव को पत्र सौंप जताई कड़ी आपत्ति

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में गायत्री मंत्र की अनिवार्यता के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा 16 जून से सभी शासकीय स्कूलों में सुबह और शाम की प्रार्थना के दौरान गायत्री मंत्र सहित विभिन्न मंत्रों के उच्चारण को अनिवार्य किए जाने के आदेश का ईसाई समाज ने कड़ा विरोध किया है। समाज ने इस नियम को अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों और शिक्षकों पर थोपने को गलत बताते हुए इसे स्वैच्छिक रखने की मांग की है।

इस संबंध में ईसाई समाज के अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने राज्य के मुख्य सचिव को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

संविधान के अनुच्छेदों का दिया हवाला
मुख्य सचिव को लिखे पत्र में ईसाई समाज के अध्यक्ष ने देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे और संवैधानिक अधिकारों की याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। संविधान का अनुच्छेद 25 और 28 साफ तौर पर यह प्रावधान करता है कि शासकीय या सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में किसी भी छात्र या शिक्षक को किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या प्रार्थना के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। सरकार का यह नया नियम सीधे तौर पर संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

धार्मिक आस्था और अंतःकरण की स्वतंत्रता पर चोट
श्री पॉल ने स्पष्ट किया कि गायत्री मंत्र हिंदू सनातन धर्म की आस्था और पवित्रता का एक अत्यंत आदरणीय प्रतीक है, और समाज इसका पूरा सम्मान करता है। लेकिन, ईसाई समुदाय के बच्चों और शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए इसका उच्चारण अनिवार्य करना उनकी अपनी धार्मिक मान्यताओं और अंतःकरण की स्वतंत्रता के विपरीत है। किसी पर भी उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई धार्मिक आचरण नहीं थोपा जाना चाहिए।

स्कूलों के समावेशी माहौल को खतरा
ईसाई समाज ने चिंता जताते हुए कहा कि स्कूलों का वातावरण हमेशा से सर्वधर्म समभाव और समावेशी रहा है, जहां हर वर्ग के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। किसी भी एक धार्मिक विचार या मंत्र को अनिवार्य करने से अल्पसंख्यक समुदाय के मासूम बच्चों में असहजता और अलगाव की भावना पैदा हो सकती है, जो उनके मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए कतई उचित नहीं है।

यह है प्रमुख मांग:
ईसाई समुदाय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए गायत्री मंत्र का उच्चारण पूरी तरह स्वैच्छिक किया जाए। उन्हें अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप इस प्रार्थना में सम्मिलित होने या न होने का अधिकार और संरक्षण दिया जाए।

ईसाई समाज ने उम्मीद जताई है कि सरकार लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और अल्पसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस नियम में तत्काल आवश्यक संशोधन करेगी।

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अपराध

घर में अकेली पाकर नाबालिग से दुष्कर्म, तुमडीबोड़ पुलिस ने चंद घंटों में आरोपी को दबोचा

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राजनांदगांव। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत तुमडीबोड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। घर में अकेली पाकर 17 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

सूने मकान का आरोपी ने उठाया फायदा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला तुमडीबोड़ चौकी क्षेत्र के ग्राम धौराभाठा का है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में महिला और बालकों से जुड़े अपराधों पर पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में 14 जून को पीड़िता की मां ने तुमडीबोड़ चौकी पहुंचकर आपबीती सुनाई और लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत के मुताबिक, रविवार को प्रार्थिया अपने पति के साथ किसी काम से राजनांदगांव गई हुई थी। घर पर उनकी 17 वर्षीय बेटी अकेली थी। इसी दौरान सूनेपन का फायदा उठाकर पड़ोस में रहने वाला आरोपी कुणाल जोशी (20 वर्ष) उनके घर में जबरन दाखिल हो गया।

पड़ोसियों ने दी सूचना, कूलर के पीछे छिपा मिला आरोपी
दोपहर करीब 1:00 बजे जब पड़ोसियों को कुछ आहट हुई और घर में किसी अज्ञात व्यक्ति के घुसने का शक हुआ, तो उन्होंने तत्काल फोन पर इसकी सूचना पीड़िता के माता-पिता को दी। सूचना मिलते ही दंपती दोपहर करीब 2:00 बजे आनन-फानन में अपने घर वापस लौटे।

दरवाजा खुलते ही भागा आरोपी
जब माता-पिता घर पहुंचे तो अंदर का दरवाजा बंद था। काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद जब दरवाजा खुला, तो भीतर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। संदेह के आधार पर जब घर की तलाशी ली गई, तो आरोपी कुणाल जोशी कमरे में रखे कूलर के पीछे छिपा हुआ पाया गया। जैसे ही माता-पिता ने शोर मचाकर पड़ोसियों को एकत्र किया, आरोपी मौका पाकर वहां से भाग निकला। इसके बाद जब मां ने डरी-सहमी बेटी से पूछताछ की, तो पीड़िता ने रोते हुए आपबीती सुनाई और बताया कि आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती अनाचार किया है।

बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तुमडीबोड़ चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धनीराम नारंगे ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तत्काल टीम गठित की। पुलिस ने आरोपी कुणाल जोशी के खिलाफ अपराध क्रमांक 258/26, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 64 तथा धारा 04 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस की मुस्तैदी के कारण घेराबंदी कर आरोपी को चंद घंटों के भीतर ही उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। वैधानिक कार्रवाई पूरी होने के बाद सोमवार को आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे जेल दाखिल कर दिया गया है।

सराहनीय भूमिका: इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धनीराम नारंगे, सहायक उपनिरीक्षक चुन्नीलाल साहू, आरक्षक लोकेश कुमार साहू, महिला आरक्षक रानी साहू, महिला आरक्षक पूनम बैस तथा तुमडीबोड़ चौकी स्टाफ की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।

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राजनांदगांव

नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा की तैयारियां तेज, 21 जून को होगी परीक्षा, 6 केंद्रों में 1982 परीक्षार्थी शामिल होंगे

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राजनांदगांव। जिले में नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में केंद्राध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर परीक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में बताया गया कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक संपन्न होगी, जबकि परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। जिले में कुल 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 1982 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

परीक्षा की तैयारियों को परखने के लिए 20 जून को सभी परीक्षा केंद्रों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसमें प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी व्यवस्थाओं और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी प्रोटोकॉल का परीक्षण किया जाएगा।

अधिकारियों ने केंद्राध्यक्षों को एनटीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा की गोपनीयता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। परीक्षा सामग्री के सुरक्षित संधारण, पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।

बैठक में सभी केंद्राध्यक्षों से आपसी समन्वय के साथ परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की गई। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।

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