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राजनांदगांव

सुनने की समस्या का समाधान करने के लिए विशेषज्ञों ने बताए उपाय

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राजनांदगांव। कंपोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) राजनांदगांव में श्रवण बाधित प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय कंटीन्यूइंग रिहबिलिटेशन एजुकेशन (सीआरई) कार्यक्रम का ऑनलाइन आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों के लगभग 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को संबंधित कार्यक्षेत्र में उपलब्ध सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगता सशक्तिकरण संस्थान के अधीन संचालित समेकित क्षेत्रीय केंद्र राजनांदगांव के द्वारा सीआरसी में यह कार्यक्रम भारतीय पुनर्वास परिषद, नई दिल्ली के नियमानुसार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक प्राध्यापक वाक् एवं श्रवण विभाग सीआरसी राजनांदगांव स्मिता महोबिया ने किया।
सीआरई कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया एवं अपने-अपने कार्य क्षेत्र में होने वाली सहायता के बारे में बताया गया। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को स्मिता महोबिया के साथ ही वाक् एवं श्रवण चिकित्सक गजेन्द्र कुमार साहू, वाक् एवं श्रवण चिकित्सक पूनम, व्यावसायिक प्रशिक्षण सौम्या रंजन मोहंती, वाक् एवं श्रवण चिकित्सक (एम्स रायपुर) शशांक नेमा, वाक् एवं श्रवण चिकित्सक (पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर) इमरान अंसारी और सहायक प्राध्यापक विशेष शिक्षा विभाग (नेहरू ग्राम भारती विश्व विद्यालय उत्तरप्रदेश) डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी के द्वारा श्रवण बाधा के विषय में विस्तृत चर्चा की गई। अतिथि उद्बोधन में श्रवण बाधा क्या है, श्रवण बाधा के लक्षण, जांच के प्रकार व श्रवण यंत्र की उपयोगिता की जानकारी दी गई। वहीं विशेष स्कूलों के बच्चों के सहायतार्थ श्रवण उपकरण बांटे गए।
इस मौके पर स्मिता महोबिया ने श्रवण बाधित बच्चों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, श्रवण बाधा की शीघ्र पहचान एवं शीघ्र हस्तक्षेप से होने वाले लाभ के बारे में बताया। उन्होंने कहा, श्रवण बाधा की शीघ्र पहचान व हस्तक्षेप से श्रवण बाधा की समस्या पर नियंत्रण किया जा सकता है। श्रवण बाधा से पीड़ित बच्चों की सहायता के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष विद्यालय में विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा सुनने की विशेष विधि का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि पीड़ित को श्रवण बाधा की समस्या से मुक्त किया जा सके।
सीआरसी में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिदिन 4 कक्षाएं लगाई गईं तथा सभी कक्षाओं के बाद आरसीआई नई दिल्ली की गाइड लाइन के अनुसार परीक्षा भी ली गई। साथ ही एमएचआरएच टोल फ्री नंबर-18005990019 के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन सदस्य प्रदीप्ता पात्रा एवं स्थिर प्रज्ञान बिस्वाल ने किया।

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राजनांदगांव

145 पथ विक्रेताओं ने कराया पंजीयन, स्वनिधि महोत्सव में बांटे गए ऋण स्वीकृति पत्र

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पथ विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को नगर निगम द्वारा टाउन हॉल में स्वनिधि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 145 स्ट्रीट वेंडर्स ने ऋण प्राप्त करने के लिए पंजीयन कराया। महापौर मधुसूदन यादव ने विभिन्न बैंकों से स्वीकृत ऋण प्रकरणों के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के 16 पात्र हितग्राहियों को आवास आबंटन पत्र भी सौंपे गए।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना से पथ विक्रेताओं और छोटे व्यवसायियों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हो रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रहे हैं। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों से योजना का लाभ लेने की अपील की।
नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि योजना के तहत पहले चरण में 15 हजार, दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपए तक का ऋण दिया जाता है। नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को ब्याज में 7 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ भी मिलता है।
महोत्सव में कुल 145 वेंडर्स ने पंजीयन कराया, जिनमें 90 नए आवेदन शामिल रहे, जबकि 55 लंबित प्रकरणों के हितग्राही भी उपस्थित हुए। महापौर ने निगम अध्यक्ष टोपेंद्र सिंह पारस वर्मा, एमआईसी सदस्यों और पार्षदों की मौजूदगी में हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम में लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योजना से प्राप्त ऋण ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महोत्सव में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और वेंडर्स के ऋण संबंधी पंजीयन किए।
इस अवसर पर निगम के कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता गरिमा वर्मा, सुषमा साहू सहित निगम अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

अतिक्रमण व गंदगी पर निगम सख्त : फल दुकान का सामान जब्त कर लगाया जुर्माना, 10 दुकानें सील

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राजनांदगांव। शहर को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर पालिक निगम ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। निगम के अमले ने गुरुवार को जीई रोड और मोहारा फ्लाई ओवर के पास बड़ी कार्रवाई की। जीई रोड पर मुंदड़ा कुंज के पास सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान लगाने और गंदगी फैलाने वाले एक फल विक्रेता का सामान जब्त कर 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, मोहारा फ्लाई ओवर के नीचे मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत बनी 10 दुकानों से अवैध कब्जा हटाकर उन्हें सील कर दिया गया।
शहर में स्वच्छ वातावरण निर्मित करने और सड़कों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि यातायात बाधित कर ठेला-खोमचा लगाने, नाली व सड़क पर कब्जा करने और गंदगी फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राजस्व और स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए हैं कि जहां भी अतिक्रमण या सड़क पर मलबा-गंदगी दिखे, तुरंत सख्त कार्रवाई करें।
निगम से मिली जानकारी के अनुसार, मोहारा फ्लाई ओवर के नीचे मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत निर्मित कई दुकानों में लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर अपना सामान भर दिया था। अमले ने ऐसे 10 दुकानों के भीतर रखा सामान जब्त कर उन्हें पूरी तरह सील कर दिया। निगम अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र की अन्य दुकानों की भी जांच की जा रही है, जहां भी गड़बड़ी मिलेगी वहां सीलबंदी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आयुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिन दुकानदारों ने अनुबंध नहीं कराया है या किराया जमा नहीं कर रहे हैंए उन्हें नोटिस थमाकर दुकानें सील की जाएं।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रमुख रूप से प्रभारी राजस्व अधिकारी हितेश ठाकुर, राजस्व उप निरीक्षक रविन्द्र ठाकुर, श्रीमती द्रोपती हरिहारनो, सहायक उद्यान प्रभारी दिलीप गिरी, समयपाल चिराग मेश्राम, प्रभारी पटवारी मिलिन्द रेड्डी व गणेश झा सहित निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता और स्वास्थ्य अमला मौजूद था।

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बेहतर काम करने वाली पंचायतों को मिलेंगे 60 लाख, कर संग्रहण व सोलर विलेज पर कलेक्टर ने दिया जोर

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राजनांदगांव। डोंगरगांव जनपद पंचायत के सभाकक्ष में कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में जिला पंचायत की सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस दौरान कलेक्टर ने मनरेगा, स्वच्छता अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, फसल चक्र परिवर्तन और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। कलेक्टर ने घोषणा की कि जो ग्राम पंचायतें शासकीय योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी, उन्हें मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये तक की विकास राशि स्वीकृत की जाएगी।

स्कूलों के शौचालयों की मरम्मत और नाली निर्माण प्राथमिकता में
कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं पर सरपंचों से सीधे सुझाव और प्रतिक्रिया ली। उन्होंने गांवों में नाली निर्माण, स्कूलों में निर्मित शौचालयों की मरम्मत और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता अभियान के अंतर्गत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने की हिदायत दी।

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें पंचायतें, टैक्स वसूली बढ़ाएं
पंचायतों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायतें टैक्स संग्रहण बढ़ाएं। इसके अलावा सामुदायिक भवनों और व्यावसायिक परिसरों का निर्माण कराएं, ताकि उनसे मिलने वाला किराया पंचायतों की नियमित आय का जरिया बन सके। समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर मांग जनरेट करने में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायत कोकपुर और अर्जुनी के सरपंच-सचिवों की उन्होंने सराहना की।

‘सोलर विलेज’ के रूप में विकसित होंगे गांव
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत गांवों को ‘सोलर विलेज’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि ग्राम पंचायत अर्जुनी में सबसे अधिक 43 सोलर कनेक्शन स्थापित किए गए हैं। इस शानदार उपलब्धि पर कलेक्टर ने अर्जुनी की सरपंच श्रीमती ललिता साहू को सम्मानित किया। इसके साथ ही खुज्जी, तुमड़ीबोड़ और दीवानभेड़ी पंचायत के प्रयासों की भी सराहना की गई।

फसल चक्र परिवर्तन: ग्रीष्मकालीन धान का रकबा किया शून्य
खेती-किसानी की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने धान के बदले दलहन, तिलहन और अन्य लाभकारी फसलों को बढ़ावा देने की बात कही। इस दिशा में मिसाल पेश करने वाले ग्राम पंचायत खुज्जी के सरपंच श्री अजय कुमार पंसारी और ग्राम पंचायत बड़गांव चारभांठा की सरपंच श्रीमती ज्योति साहू को सम्मानित किया गया। इन दोनों पंचायतों ने किसानों को प्रेरित कर ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को पिछले वर्ष की तुलना में पूरी तरह ‘शून्य’ कर दिया है और अन्य फसलों की बुआई सुनिश्चित की है।

इस अवसर पर डोंगरगांव जनपद पंचायत की सीईओ श्रीमती रोशनी भगत सहित क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव उपस्थित थे।

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