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राजनांदगांव

राजनांदगांव को विकास कार्यो के लिये दिया मुख्यमंत्री ने करोडो रूपये की सौगात, महापौर ने जताया आभार

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राजनांदगांव। विधानसभा राजनांदगांव में भेट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनांदगांव सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में नगर विकास के लिये करोडो रूपये की सौगात दिये है। संस्कारधानी में करोडों रूपये की सौगात देने पर महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने विकासशील मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न समाज व सामाजिक संगठनों द्वारा सामुदायिक भवन सहित अन्य कार्यो के लिये राशि की मांग मुख्यमंत्री से किये जाने महापौर श्रीमती देशमुख से मांग किये थे, मांग के अनुक्रम में महापौर ने सभी सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री से स्थानीय सर्किट हाउस में गत दिवस आयोजित भेट मुलाकात कार्यक्रम में मुलाकात कराये। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने सभी सामाजिक संगठनों से मुलाकात कर मांग अनुसार 2.30 करोड रूपये की राशि स्वीकृत किये। इसी कडी में महापौर श्रीमती देशमुख ने नगर विकास के लिये मुख्यमंत्री से राशि की मांग की जिसपर स्वीकृति देते हुये मुख्यमंत्री ने 7 करोड रूपये की राशि नगर सौदर्यीकरण एवं विकास के लिये स्वीकृत किये।
महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की मांग पर फरहद चौक में शहीद वीर नारायण सिंह की मूर्ति स्थापना की घोषणा के साथ ही चौक के सौंदर्यीकरण की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विभिन्न समाजों की मांग पर सामाजिक भवन और अन्य कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 35 लाख रूपए की मंजूरी प्रदान की। उन्होंने निषाद समाज को छात्रावास निर्माण के लिए 25 लाख रूपए, प्रजापति ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय लालबाग राजनांदगांव को 25 लाख रूपए, सामाजिक भवन निर्माण के लिए राजपूत क्षत्रिय समाज को 30 लाख रूपए, महाराष्ट्रीयन तेली समाज को 20 लाख रूपए, कायस्थ समाज को 20 लाख रूपए, मुस्लिम समाज को 20 लाख रूपए, कच्छ गुर्जर समाज को 20 लाख रूपए, मारवाड़ी समाज को 20 लाख रूपए, ठेठवार समाज को 20 लाख रूपए, चन्द्राकर समाज ग्राम जंगलेश्वर को 20 लाख रूपए देने की घोषणा की। इसी प्रकार गुजराती समाज को 15 लाख रूपए, स्वीकृत करने की घोषणा की। इसके अलावा मसीही समाज को कब्रिस्तान में बाउण्ड्रीवाल निर्माण की स्वीकृति प्रदान की।महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने बताया कि विकास कार्य के लिये दिल खोल कर राशि स्वीकृति प्रदान करने पर संस्कारधानी नगरी के सौदर्यीकरण एवं विकास कार्य के लिये भी राशि की मांग की गयी, जिसपर सहृदयता का परिचय देते हुये विकासशील मुख्यमंत्री ने शहर के चौक चौराहों का सौदर्यीकरण के लिये 4.00 करोड रूपये की स्वीकृति प्रदान किये, वही मोहारा पुन्नी मेला स्थल पहॅुच मार्ग एवं मेला स्थल सौदर्यीकरण के लिये 2.00 करोड रूपये की स्वीकृति दिये। साथ ही शहर के अंदर अन्य विकास कार्य के लिये 1.00 करोड रूपये की स्वीकृति प्रदान किये।
महापौर श्रीमती देशमुख ने बताया कि संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री बघेल जी ने किडनी के मरीजो की सुविधा के लिये जिला चिकित्सालय बसंतपुर में 5 डायलिसिस यूनिट का शुभारंभ किये जहॉ निःशुल्क डायलिसिस किया जायेगा। इससे पहले किडनी के मरीजों को भिलाई, रायपुर जाना पडता था, लेकिन इस सुविधा से अब वे राजनांदगांव मंे ही निःशुल्क डायलिसिस करा सकते है। इसी प्रकार उन्होंने मेडिकल कालेज में एम.आर.आई. एवं सिटी स्कैन मशीन क्रय करने की भी अनुमति प्रदान किये। उन्होंने बताया कि संवेदनशील मुख्यमंत्री सभी वर्गो के हितेशी है और उनकी सुविधा के लिये हर संभव प्रयास कर सुविधा उपलब्ध करा रहे है। राजनांदगांव संस्कारधानी में करोडों रूपये की सौगात देने पर मैं संस्कारधानी की जनता की ओर से माननीय मुख्यमंत्री श्री बघेल का हृदय से पुनः आभार व्यक्त करती हूूॅ।

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अवैध गिट्टी परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई, दो वाहन जब्त

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राजनांदगांव। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण कर चूना पत्थर (गिट्टी) के अवैध परिवहन में संलिप्त दो वाहनों को जब्त किया है।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने बीजाभांठा, तुमड़ीबोड़, कोहका, मारगांव, दीवानभेड़ी, मचानपार, मटिया और डोंगरगांव क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कोहका क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के गिट्टी का परिवहन करते पाए जाने पर माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08-एएफ 0152 और हाईवा क्रमांक सीजी 08-एएन 8053 को जब्त किया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार माजदा वाहन ग्राम पटपर निवासी भोला देवदास के स्वामित्व का है, जिसे चालक मनोज चला रहा था। वहीं हाईवा वाहन चिचोला निवासी अशरफ अली के स्वामित्व का है, जिसे चालक भैयालाल संचालित कर रहा था। दोनों वाहनों से चूना पत्थर (गिट्टी) का अवैध परिवहन किया जा रहा था।
जब्त वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सड़क हादसे के 14 घायलों को मिला कैशलेस इलाज, पीएम-राहत योजना से 1.50 लाख तक की सुविधा

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राजनांदगांव। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (पीएम-राहत) योजना का जिले में लाभ मिलने लगा है। योजना के तहत अब तक 14 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम सात दिनों तक 1 लाख 50 हजार रुपए तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा जिले के पंजीकृत शासकीय और निजी अस्पतालों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि 14 लाभार्थियों में से 12 मरीजों का उपचार भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में तथा दो मरीजों का इलाज संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में किया गया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उचित उपचार मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से पीएम-राहत योजना में गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई है।
योजना के सफल संचालन के लिए जिले के 34 शासकीय और 38 निजी अस्पतालों के प्रभारियों एवं संचालकों को प्रशिक्षण देकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचकर योजना का लाभ लें।
पीएम-राहत योजना की विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त की जा सकती है।

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बिजली को सेवा नहीं, कमाई का साधन बना चुकी है भाजपा सरकार : अनीस खान

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राजनांदगांव। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनीस खान ने छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा पुनः बिजली दरों में वृद्धि किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह निर्णय आम जनता, किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है। आज जनता महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और आर्थिक संकट से जूझ रही है, ऐसे समय में बिजली महंगी करना जनता के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।
अनीस खान ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है। बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक कोयला, जल संसाधन, भूमि और उत्पादन की आधारभूत संरचनाएं प्रदेश में उपलब्ध हैं तथा बिजली का उत्पादन भी यहीं हो रहा है, ऐसे में भाजपा सरकार को जनता को बताना चाहिए कि आखिर बार-बार बिजली दर बढ़ाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? जब संसाधन भी हमारे हैं, उत्पादन भी हमारा है और व्यवस्था भी स्थापित है, तो उसका लाभ जनता को सस्ती बिजली के रूप में मिलना चाहिए, न कि लगातार बढ़े हुए बिजली बिल के रूप में।
उन्होंने कहा कि क्या भाजपा सरकार ने अब जनता की मूलभूत आवश्यकता बिजली को भी कमाई और मुनाफाखोरी का माध्यम बना लिया है? संविधान की भावना एक लोककल्याणकारी सरकार की है, लेकिन भाजपा सरकार के फैसले लगातार जनविरोधी साबित हो रहे हैं।
अनीस खान ने कहा कि कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार के कार्यकाल की तुलना स्वयं भाजपा की असलियत उजागर कर देती है। कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने अपने पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल में केवल एक बार नाममात्र की बिजली दर वृद्धि की थी, जबकि भाजपा सरकार ने अपने मात्र ढाई वर्षों के कार्यकाल में 5 बार बिजली दरों में वृद्धि कर दी है। कांग्रेस सरकार ने हाफ बिजली बिल योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को राहत दी थी, जबकि भाजपा सरकार राहत देने के बजाय लगातार जनता की जेब पर बोझ बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर लाखों घरों में सौर ऊर्जा पैनल लगने और बिजली उत्पादन बढ़ने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर रही है। जब उत्पादन बढ़ रहा है, तो बिजली सस्ती होनी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय बिजली को कमाई का जरिया बना चुकी है।
स्मार्ट मीटरों के मुद्दे पर अनीस खान ने कहा कि प्रदेशभर से अधिक बिजली बिल आने, बैलेंस तेजी से समाप्त होने तथा उपभोक्ताओं पर जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। जबकि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री स्वयं लोकसभा में स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं हैं, बल्कि उपभोक्ता की पसंद पर आधारित हैं। इसके बावजूद प्रदेश में जनता की इच्छा के विरुद्ध स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच यह धारणा तेजी से बन रही है कि ये स्मार्ट मीटर सुविधा से अधिक वसूली का माध्यम बनते जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर अब जनता के लिए नहीं, बल्कि कंपनियों के लिए स्मार्ट पेटीएम साबित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से आम उपभोक्ताओं की जेब से लगातार पैसा निकाला जा रहा है।
अनीस खान ने मांग की कि बढ़ाई गई बिजली दरों को तत्काल वापस लिया जाए तथा स्मार्ट मीटर व्यवस्था को पूर्णतः स्वैच्छिक बनाया जाए, जो उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाना चाहता है उसे विकल्प दिया जाए, लेकिन किसी भी नागरिक पर उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रीपेड स्मार्ट मीटर न थोपा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाली अपनी जनविरोधी नीतियां वापस नहीं लीं तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

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