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राजनांदगांव

मलेरिया नियंत्रण की दिशा में राजनांदगांव में आया बेहतर परिणाम, संक्रमण की दर में बड़ी गिरावट

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राजनांदगांव। मलेरिया संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों के परिणाम स्वरूप मलेरिया के प्रकरणों में अब बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। लगभग 6 वर्ष पूर्व साल 2017 में जिले में जहां मलेरिया के 3,928 प्रकरण दर्ज किए गए थे, वहीं साल 2022 में इसकी संख्या घटकर 374 पर आ गई है, जो एक सुखद परिणाम माना जा रहा है।
केंद्र सरकार ने साल 2027 तक जहां भारत को मलेरिया से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, वहीं राज्य सरकार द्वारा इस लक्ष्य को साल 2025 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसीलिए जिले में मलेरिया पर नियंत्रण करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्क्रीनिंग के साथ ही जनसमुदाय, आदिवासी समुदाय वाले क्षेत्र, सीमावर्ती क्षेत्र तथा मलेरिया हेतु अतिसंवेदनशील क्षेत्र में विशेषकर प्रवासी, गर्भवती तथा 5 साल से कम उम्र के बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जिले में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं।
इस बारे में मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जिला सलाहकार संगीता पांडेय ने बतायाः कलेक्टर डोमन सिंह के निर्देशन व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार बंसोड़ के मार्गदर्शन में मलेरिया की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही मौसमी रोगों से बचाव हेतु सालभर प्रत्येक बुधवार को ग्रामीण व गुरुवार को शहरी क्षेत्र में ड्राई-डे भी मनाया जाता है, जिसमें सोर्स रिडक्शन गतिविधियां की जाती हैं। जन-जागरूकता के लिए गांवों में कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन द्वारा गृहभेंट कर समुदाय में मच्छरदानी बांटी गई है तथा इसके रख-रखाव, साफ सफाई एवं उपयोग से संबंधित जानकारी भी समुदाय को दी गई है, ताकि लोगों को मच्छर के काटने से बचाया जा सके।
वहीं इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉप्त अशोक स्रह्नद्गद्मद्भ बसोड़ ने बतायाः मलेरिया की रोकथाम व इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विविध जन-जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिला स्तर पर विशेष स्वास्थ्य दल गठित कर संवेदनशील क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। अस्पतालों में भी स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। मलेरिया के प्रकरण सामने आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, उल्टी, शरीर पर दाने, नाक से खून आना या उल्टी में खून आना जैसी कोई भी शिकायत होने पर तुरंत निकट के स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं, ताकि शीघ्र बेहतर उपचार किया जा सके। साथ ही हमेशा मच्छरदानी लगाकर सोने की आदत डालें। मच्छर न पनप सके, इसलिए घर के आसपास साफ सफाई रखें।

मलेरिया संक्रमण की दर में अब काफी गिरावट
वर्ष-प्रकरण
2017-3928
2018-1005
2019-841
2020-710
2021-796
2022-374

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राजनांदगांव

नीलगिरी पार्क में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का महापौर ने किया लोकार्पण, वार्डवासियों को मिली बड़ी सौगात

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राजनांदगांव। नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा स्टेडियम वार्ड क्रमांक-22 के नीलगिरी पार्क कॉलोनी में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का शुक्रवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। विधायक एवं सांसद निधि से 10 लाख रुपए की लागत से तैयार इस भवन का लोकार्पण महापौर मधुसूदन यादव ने वार्डवासियों की गरिमामयी उपस्थिति में फीता काटकर और पट्टिका का अनावरण कर किया।
इस अवसर पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु और वार्ड पार्षद श्रीमती प्रियंका कुरंजेकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि वार्डवासियों की लंबे समय से इस क्षेत्र में एक सर्वसुविधायुक्त भवन की मांग थी, जिसे देखते हुए इस सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है। इसके बन जाने से अब स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, धार्मिक, पारिवारिक एवं अन्य मांगलिक आयोजनों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें कॉलोनी में ही एक उचित स्थान मिल सकेगा।
महापौर ने विकास कार्यों का श्रेय देते हुए कहा कि हमारे पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक डॉ. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पांडेय के सतत सहयोग से शहर के सभी वार्डों में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने वार्डवासियों की ओर से विधायक और सांसद के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
सामुदायिक भवन के लोकार्पण से पूर्व वार्डवासियों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। पुष्प-गुच्छ से स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से आदित्य पराते, कृष्णा तिवारी, बीरबल दादा, श्रवण मिश्रा, रामजी गजबल्ला, श्रीमती सातोबाई साहू, सुधीर शेंडे, श्रीमती आभा श्रीवास्तव, महेश चौहान, कमलेश दास, चंदन सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, अनमोल विश्वास, संजीव वर्मा, हार्दिक चौहान और दक्ष साहू शामिल रहे।
इसके बाद मुख्य अतिथियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ भवन को जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम में पार्षद मनोहर यादव, सतीश साहू, सेवक उईके, पूर्व पार्षद अतुल रायजादा, विजय राय, पार्षद प्रतिनिधि पंकज कुरंजेकर, राजेश यादव, अभय पारख सहित निगम के उप अभियंता अनुप पाण्डे, मोनेन्द्र साठिया एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

अवैध गिट्टी परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई, दो वाहन जब्त

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राजनांदगांव। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण कर चूना पत्थर (गिट्टी) के अवैध परिवहन में संलिप्त दो वाहनों को जब्त किया है।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने बीजाभांठा, तुमड़ीबोड़, कोहका, मारगांव, दीवानभेड़ी, मचानपार, मटिया और डोंगरगांव क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कोहका क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के गिट्टी का परिवहन करते पाए जाने पर माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08-एएफ 0152 और हाईवा क्रमांक सीजी 08-एएन 8053 को जब्त किया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार माजदा वाहन ग्राम पटपर निवासी भोला देवदास के स्वामित्व का है, जिसे चालक मनोज चला रहा था। वहीं हाईवा वाहन चिचोला निवासी अशरफ अली के स्वामित्व का है, जिसे चालक भैयालाल संचालित कर रहा था। दोनों वाहनों से चूना पत्थर (गिट्टी) का अवैध परिवहन किया जा रहा था।
जब्त वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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राजनांदगांव

सड़क हादसे के 14 घायलों को मिला कैशलेस इलाज, पीएम-राहत योजना से 1.50 लाख तक की सुविधा

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राजनांदगांव। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (पीएम-राहत) योजना का जिले में लाभ मिलने लगा है। योजना के तहत अब तक 14 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम सात दिनों तक 1 लाख 50 हजार रुपए तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा जिले के पंजीकृत शासकीय और निजी अस्पतालों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि 14 लाभार्थियों में से 12 मरीजों का उपचार भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में तथा दो मरीजों का इलाज संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में किया गया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उचित उपचार मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से पीएम-राहत योजना में गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई है।
योजना के सफल संचालन के लिए जिले के 34 शासकीय और 38 निजी अस्पतालों के प्रभारियों एवं संचालकों को प्रशिक्षण देकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचकर योजना का लाभ लें।
पीएम-राहत योजना की विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त की जा सकती है।

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