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राजनांदगांव

अततः आरोपों से घिरे विवादित आरटीई नोडल अधिकारी आदित्य खरे को हटाया गया

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राजनांदगांव। गरीब बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए भारत सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून वर्ष 2009 में लाया गया और वर्ष 2010 में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया, लेकिन जिले में इसका समुचित लाभ गरीब बच्चों को नहीं मिल रहा था। प्रतिवर्ष हजारों सीटे रिक्त रह जाती है और जो गरीब बच्चें प्रवेश ले रहे है वह भी स्कूल छोड़ रहे है, जिसके लिए जिले के आरटीई नोडल अधिकारी को ही जिम्मेदार माना जा रहा था।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के द्वारा लगातार जिला प्रशासन को यह जानकारी दिया जा रहा था कि शिक्षा का अधिकार कानून को जिले में कड़ाई से पालन नहीं कराया जा रहा है। सुविधाहीन प्रायवेट स्कूलों क अनुमति मान्यता दिया जा रहा है और अवैघ रूप से संचालित प्रायवेट स्कूलों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, इस प्रकार प्रायवेट स्कूलों को अनुचित आर्थिक लाभ पहंुचाया जा रहा है।
कोरोना काल में लगभग 45 प्रायवेट स्कूल बंद हो गए इसमें लगभग एक हजार आरटीई के गरीब बच्चे अध्ययनरत् थे, जो आज कहां है, इसकी कोई जानकारी आरटीई नोडल अधिकारी के पास नहीं है, लेकिन दो बार छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह जानकारी दिया गया कि कोरोना काल में जितने भी प्रायवेट स्कूल बंद हुए उनमें अध्ययनरत् सभी बच्चों को दूसरे स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा चुका है, इसकी लिखित शिकायत पैरेंट्स एसोसियेशन ने की थी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की तो उच्च कार्यालय से आरटीई के गरीब बच्चों का सत्यापन कराया गया तो खुलासा हुआ कि आरटीई के लगभग चार हजार गरीब बच्चों ने प्रायवेट स्कूल छोड़ दिया।
रविन्द्र नाथ टैगोर स्कूल-खैरानर्मदा और उदयपुर, विकासखंड छुईखदान के सभी 132 आरटीई ने गरीब बच्चों को शालात्यागी बता दिया गया, जबकि इन स्कूलों को प्रतिवर्ष लाखों रूपया लगातार आरटीई प्रतिपूर्ति राशि हस्तांतरित किया जा रहा था। वैसे ही गौतम टेकनो स्कूल-मोहला में सिर्फ 6 आरटीई के बच्चों को सत्यापित किया गया, जबकि इस स्कूल को 21 बच्चों के हिसाब से एक लाख सैंतालित हजार रूपया हस्तांतरित किया गया था, अब इस मामले में राज्य ने संयुक्त संचालक दुर्ग संभाग को विस्तृत करने का आदेश दिया है और प्रकरण को शासन ने टीएल में रखा है, यानि किसी ना किसी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
पीड़ित पालकों के द्वारा लगातार लिखित शिकायत कर आदित्य खरे आरटीई नोडल अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की मांग कर रहे थे और राज्य सरकार ने भी डीईओ को आरटीई फीस स्कैम्प के संबंध में प्रतिवेदन भेजने का आदेश दिया है, जिसको लेकर अब डीईओ ने सख्त कदम उठाया और शनिवार को आरटीई नोडल अधिकारी आदित्य खरे को आरटीई के कार्य से हटा दिया गया, क्योंकि आरटीई फीस स्कैम्प मामले में जांच किया जा रहा है और शिकायत आदित्य खरे के विरूद्ध है, और शिकायतकर्ता जांच से आदित्य खरे को दूर रखने की मांग कर रहे है, वैसे भी आदित्य खरे का मूल पद प्राचार्य का है और उन्हें किसी स्कूल में अध्ययपन कार्य में होना चाहिए, लेकिन वे डीईओ कार्यालय में विगत 20 वर्षो से जमे हुए है।

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राजनांदगांव

नीलगिरी पार्क में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का महापौर ने किया लोकार्पण, वार्डवासियों को मिली बड़ी सौगात

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राजनांदगांव। नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा स्टेडियम वार्ड क्रमांक-22 के नीलगिरी पार्क कॉलोनी में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का शुक्रवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। विधायक एवं सांसद निधि से 10 लाख रुपए की लागत से तैयार इस भवन का लोकार्पण महापौर मधुसूदन यादव ने वार्डवासियों की गरिमामयी उपस्थिति में फीता काटकर और पट्टिका का अनावरण कर किया।
इस अवसर पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु और वार्ड पार्षद श्रीमती प्रियंका कुरंजेकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि वार्डवासियों की लंबे समय से इस क्षेत्र में एक सर्वसुविधायुक्त भवन की मांग थी, जिसे देखते हुए इस सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है। इसके बन जाने से अब स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, धार्मिक, पारिवारिक एवं अन्य मांगलिक आयोजनों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें कॉलोनी में ही एक उचित स्थान मिल सकेगा।
महापौर ने विकास कार्यों का श्रेय देते हुए कहा कि हमारे पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक डॉ. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पांडेय के सतत सहयोग से शहर के सभी वार्डों में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने वार्डवासियों की ओर से विधायक और सांसद के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
सामुदायिक भवन के लोकार्पण से पूर्व वार्डवासियों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। पुष्प-गुच्छ से स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से आदित्य पराते, कृष्णा तिवारी, बीरबल दादा, श्रवण मिश्रा, रामजी गजबल्ला, श्रीमती सातोबाई साहू, सुधीर शेंडे, श्रीमती आभा श्रीवास्तव, महेश चौहान, कमलेश दास, चंदन सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, अनमोल विश्वास, संजीव वर्मा, हार्दिक चौहान और दक्ष साहू शामिल रहे।
इसके बाद मुख्य अतिथियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ भवन को जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम में पार्षद मनोहर यादव, सतीश साहू, सेवक उईके, पूर्व पार्षद अतुल रायजादा, विजय राय, पार्षद प्रतिनिधि पंकज कुरंजेकर, राजेश यादव, अभय पारख सहित निगम के उप अभियंता अनुप पाण्डे, मोनेन्द्र साठिया एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।

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अवैध गिट्टी परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई, दो वाहन जब्त

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राजनांदगांव। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण कर चूना पत्थर (गिट्टी) के अवैध परिवहन में संलिप्त दो वाहनों को जब्त किया है।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने बीजाभांठा, तुमड़ीबोड़, कोहका, मारगांव, दीवानभेड़ी, मचानपार, मटिया और डोंगरगांव क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कोहका क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के गिट्टी का परिवहन करते पाए जाने पर माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08-एएफ 0152 और हाईवा क्रमांक सीजी 08-एएन 8053 को जब्त किया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार माजदा वाहन ग्राम पटपर निवासी भोला देवदास के स्वामित्व का है, जिसे चालक मनोज चला रहा था। वहीं हाईवा वाहन चिचोला निवासी अशरफ अली के स्वामित्व का है, जिसे चालक भैयालाल संचालित कर रहा था। दोनों वाहनों से चूना पत्थर (गिट्टी) का अवैध परिवहन किया जा रहा था।
जब्त वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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राजनांदगांव

सड़क हादसे के 14 घायलों को मिला कैशलेस इलाज, पीएम-राहत योजना से 1.50 लाख तक की सुविधा

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राजनांदगांव। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (पीएम-राहत) योजना का जिले में लाभ मिलने लगा है। योजना के तहत अब तक 14 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम सात दिनों तक 1 लाख 50 हजार रुपए तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा जिले के पंजीकृत शासकीय और निजी अस्पतालों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि 14 लाभार्थियों में से 12 मरीजों का उपचार भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में तथा दो मरीजों का इलाज संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में किया गया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उचित उपचार मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से पीएम-राहत योजना में गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई है।
योजना के सफल संचालन के लिए जिले के 34 शासकीय और 38 निजी अस्पतालों के प्रभारियों एवं संचालकों को प्रशिक्षण देकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचकर योजना का लाभ लें।
पीएम-राहत योजना की विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त की जा सकती है।

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