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सोच को सकारात्मक बनाएं, हिमालय से भी ऊंचे बन जाओगे : राष्ट्रसंत ललितप्रभजी

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तुमड़ीबोड। राष्ट्रसंत श्री ललित प्रभ जी महाराज साहब ने कहा कि सोच को सकारात्मक बनाएं बाघ हिमालय से भी ऊंचे बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के विकास और सफलता के लिए जब दुनिया के सारे मंत्र निष्फल हो जाते हैं, तब एक मंत्र निकलकर आता है- सकारात्मक सोच। जो लोग कल तक जमीन पर भी नहीं चल पाते थे, उन्हें आकाश में यदि किसी ने उड़ाया है तो उसका बड़ा कारण है उनकी बड़ी सोच। वे लोग हिमालय से भी ज्यादा उुंचे हुआ करते हैं, जिनकी सोच बड़ी हुआ करती है। मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे, चर्च में भगवान अलग-अलग रूपों में रहते हैं पर जहां आदमी की सोच निर्मल हुआ करती है, वहां सारे भगवान रहा करते हैं। जिंदगी में सबसे बड़ी दौलत अगर कोई है तो वह है अच्छी सोच। बड़ी सोच रखने वाला इंसान के चोले में भगवान होता है।
संत प्रवर रविवार को सकल जैन श्री संघ द्वारा सार्वजनिक दुर्गा मंच में आयोजित प्रवचन के दौरान पॉजिटिव थिंकिंग से जीवन को कैसे स्वर्ग में विषय श्रद्धालु भाई बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टूटे संबंधों को जोड़ने, व्यापार का घाटा सहने, समाज में पड़ी दरारों को दूर करने, आपस में बनी दूरियों को कम करने इन सबका एक ही उपाय है आदमी की बड़ी सोच, उसकी पाॅजीट्वि सोच। क्योंकि बड़ी सोच का बड़ा परिणाम होता है। भगवान श्रीमहावीर ने हमें अनेकांतवाद का सिद्धांत है, वह हमें इसी ओर इंगित करता है कि अपनी सोच सदैव बड़ी रखें। जिस तरह लोहे को उसके भीतर लगा हुआ जंग ही उसे बरबाद कर देता है, उसी तरह आदमी को और कोई नहीं उसकी छोटी सोच ही उसे ले डूबती है। माना कि जिंदगी में समस्याएं बहुत खड़ी हैं पर जिंदगी की बाजी वही जीता करते हैं, जिनकी सोच बड़ी होती है। आज मैं झोली फैलाकर आप सबसे यही मांगता हूं कि हम यह संकल्प करें कि पूरी जिंदगीभर बड़ी सोच लेकर जीएंगे। और यह भी संकल्प लें कि अपनी छोटी सोच के कारण कभी भी बिखराव का वातावरण नहीं बनाएंगे।
बड़ी सोच वाले भाई-भाई कभी अलग नहीं होते
संतश्री ने कहा कि जहां बड़ी सोच होगी, वहां कभी भी समाज में विघटन, पड़ोसी से अनबन, परिवार में बिखराव, संबंधों में दूरी नहीं हो पाएगी। परिवार के बीच बड़ी सोच रखने वाले भाई-भाई कभी अलग नहीं होते। भाई-भाई अलग तब हो जाते हैं जब उनकी सोच छोटी हो जाती है। रावण ने श्रीराम से मरते वक्त यही कहा था कि मैंने जिंदगीभर नहीं सोचा था कि मैं इतना शक्तिशाली, वैभवशाली होकर भी कभी युद्ध हार जाउुंगा। तुम इसीलिए जीत गए कि तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ था और मेरा भाई मेरे नहीं तुम्हारे साथ था। ये है भाई-भाई के प्रेम की ताकत। जो बड़ी सोच के मालिक होते हैं वे बड़े से बड़ा नुकसान उठाकर भी अपने संबंधों को कभी खोते नहीं हैं। अगर आपको लगता है कि मैं जिंदगीभर के लिए अपनी सोच को बड़ा नहीं रख सकूंगा तो आप एक साल के लिए अपनी सोच बड़ी बनाए रख कर देखिए। यदि इतना भी नहीं कर सकते तो एक महीने के लिए, एक सप्ताह के लिए, एक दिन के लिए, एक घंटे अथवा एक मिनट के लिए अपनी सोच को बड़ा करके तो देखिए आपको तत्काल सकारात्मक परिणाम मिल जाएगा। जिस समय कोई माहौल बिगड़ा हुआ हो तब केवल 30 सेकंड के लिए अपनी सोच बड़ी बना लो, तुम जीवन की बाजी जीत जाओगे।
पाॅजीटिव थिंकिंग से खुलते हैं सफलता के द्वार
पाॅजीट्वि थिंकिंग का सिद्धांत असफल व्यक्ति के जीवन में भी सफलता के द्वार खोल देता है। इस कथन को दोहराते हुए संतश्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान कर कहा कि घर जाकर सुबह प्रार्थना करने बैठे तो ईश्वर से कहना कि हे ईश्वर जिससे मेरी अनबन है-झगड़ा चल रहा है, तू उसका भला कर, तू उसे अच्छी बुद्धि दे। आपकी यह बड़ी सोच, बड़ा नजरिया, आपकी यह पवित्र भावना कमाल जरूर करेगी। जब भी हम सकारात्मक सोच के मालिक बनते हैं, हमारे भीतर ईश्वर का वास होता है। लेकिन जहां सोच छोटी हो वहां क्रोध, ईष्र्या, चिंता, दुराग्रह, नकारात्मकता, संदेह, नकारात्मक नजरिया आदि सब पैदा होने लगते हैं। सोच ही यदि छोटी हो तो आपको 56 भोग भी फीके लगने लगते हैं। आज से हम इस मंत्र को अपने जीवन में जोड़ लें कि अपनी सोच को हम सदा बड़ा बनाए रखेंगे। अक्सर आदमी अपने दुख से नहीं पर दूसरों के सुख से ज्यादा दुखी हुआ करता है। जीवन के 95 परसेंट दुख हमें उुपर वाले ने नहीं दिए हैं, हमने उन्हें खुद पैदा किया है। पहले मकान छोटे हुआ करते थे और आदमी का दिल बड़ा हुआ करता था, आज लोगों के मकान बड़े हैं पर उन बड़े मकान में रहने वालों का दिल छोटा हो गया है। घर को स्वर्ग बनाने के लिए महंगे फर्निचर, महंगे लाइट्स, महंगे आभूषणों की नहीं केवल बड़ी सोच की जरूरत है।
पाॅजीट्वि थिंकिंग का मालिक बनने इन सिद्धांतों पर करें अमल
संतप्रवर ने कहा कि याद रखें कि विपरीत दिन सबकी जिंदगी में आते ही हैं, आज तक कोई भी ऐसा नहीं है, जिसके जीवन में समस्याएं न हों। समस्याओं से पार लगने जो अपनी पाॅजीट्वि थिंकिंग को बनाए रखता है जीवन में सफल वहीं होता है। बड़ी सोच का मालिक बनने के लिए पहला सिद्धांत है- अपने दिमाग को हमेशा ठंडा रखें। आपकी प्रगति में यदि कोई सबसे बड़ा बाधक है तो वह है आपका गर्म मिजाज। दूसरा सिद्धांत है- पानी से आधे भरे गिलास को हमेशा आधा खाली नहीं अपितु आधा भरा हुआ देखें। तुम्हें जो भी मिला है, वह तुम्हारे भाग्य से ज्यादा मिला है और जो जहां पहुंचा है, वहां वह अपनी किस्मत, अपने सत्कर्मों से पहुंचा है। तीसरा सिद्धांत है- विपरीत वातावरा आने पर भी धैर्य व शांति को बनाए रखें। चैथा है- बुरा करने वाले का भी भला करें, पांचवा- कोई भी निर्णय व्यग्रता से नहीं शांति से करें, स्वयं के आवेश पर नियंत्रण रखें। छठवां- सामने वाले में कमियां नहीं बल्कि उसकी खूबियां देखें। सातवां- कभी भी टेढ़े मत बनें अर्थात् हमेशा विपरीत बात बोलने की वृत्ति का त्याग करें और पाॅजीट्वि थिंकिंग के मालिक बनने का आठवां सिद्धांत है- भगवान जो करता है सो अच्छा करता है। इस सत्य पर सदा विश्वास रखें।
जीवन के हर क्षण का करें सदुपयोगः डॉ. मुनि शांतिप्रियजी
दिव्य सत्संग के पूर्वार्ध में डॉ. मुनिश्री शांतिप्रिय सागरजी ने कहा कि यह अनमोल मनुष्य जिंदगी बार-बार नहीं मिलती। जीवन का हर क्षण अमूल्य है, इस जीवन को सफल बनाने हमें जीवन के हर क्षण का सदुपयोग करना ही चाहिए। पानी से तस्वीर नहीं बनती, ख्वाबों से तकदीर नहीं बनती। अपने जीवन में हमेशा शुभ कर्म करते रहना, क्योंकि ये जिंदगी भी बार-बार नहीं मिलती। भगवान श्रीमहावीर ने अपने परम शिष्य गौतम स्वामी से बारम्बार यही कहा कि हे गौतम तू क्षणभर का भी प्रमाद मत कर। इंसान की प्रगति के मार्ग का सबसे बड़ा दुश्मन यदि कोई है तो वह है- प्रमाद। क्योंकि बीता हुआ समय कभी वापस आता नहीं हैै। जीवन मिलना यह समय की बात है, मृत्यु आना भाग्य की बात है, मरने के बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा रहना यह हमारे सत्कर्मों की बात है। यदि आप अपने-आपसे प्यार करते हैं तो कृपया समय से भी प्यार करना सीखिए। जो समय की कद्र नहीं करता, याद रखना समय भी उसकी कद्र नहीं करता। जो अपने समय को व्यवस्थित करके चलता है, वह चैबीस घंटों में 25 घंटे का कार्य अवश्य कर लेता है।
इस अवसर पर विधायक दलेश्वर साहू ने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वागत किया। इससे पूर्व संतों के नगर आगमन पर बाजार चौक से विराट सत्संग शोभायात्रा का आयोजन हुआ जो जैन स्थानक पहुंची जहां पर जैन समाज और सकल समाज के हजारों श्रद्धालु भाई बहनों द्वारा संतों का धूमधाम के साथ अभिनंदन और स्वागत किया गया।
प्रवचन कार्यक्रम में दिलेश्वर साहू विधायक डोंगरगांव, टाइगर क्लब अध्यक्ष अजय जैन, जैन संघ अध्यक्ष अशोक जैन, सुरेश जैन, धर्म चंद जैन, ताराचंद जैन, शिवम जैन, नरेंद्र कुमार जैन, हेमचंद जैन, आशीष गोलछा, जीवन जैन, नयन जैन, राजेंद्र जैन, विजय पारख, लाल साहू, रौनक पटेल सरपंच, मोहित पटेल ग्राम प्रमुख, रोशन सेठ साहू, दुकान साहू, महेंद्र यादव जिला पंचायत सदस्य, गुलाब वर्मा, निवेदन साहू, आकाश लोढ़ा, खेलू राम साहू, गोपाल पटेल, सुदर्शन साहू, जय राम साहू, पितांबर साहू एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से अनेक लोग उपस्थित थे।
सोमवार को संत प्रवर पहुंचेंगे चिचोला
राष्ट्रसंतों का सोमवार को सुबह 8:00 बजे चिचोला राइस मिल पहुंचेंगे जहां पर श्रद्धालु भाई बहनों द्वारा सत्संग प्रवचन का आयोजन होगा।

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नीलगिरी पार्क में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का महापौर ने किया लोकार्पण, वार्डवासियों को मिली बड़ी सौगात

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राजनांदगांव। नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा स्टेडियम वार्ड क्रमांक-22 के नीलगिरी पार्क कॉलोनी में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का शुक्रवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। विधायक एवं सांसद निधि से 10 लाख रुपए की लागत से तैयार इस भवन का लोकार्पण महापौर मधुसूदन यादव ने वार्डवासियों की गरिमामयी उपस्थिति में फीता काटकर और पट्टिका का अनावरण कर किया।
इस अवसर पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु और वार्ड पार्षद श्रीमती प्रियंका कुरंजेकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि वार्डवासियों की लंबे समय से इस क्षेत्र में एक सर्वसुविधायुक्त भवन की मांग थी, जिसे देखते हुए इस सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है। इसके बन जाने से अब स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, धार्मिक, पारिवारिक एवं अन्य मांगलिक आयोजनों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें कॉलोनी में ही एक उचित स्थान मिल सकेगा।
महापौर ने विकास कार्यों का श्रेय देते हुए कहा कि हमारे पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक डॉ. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पांडेय के सतत सहयोग से शहर के सभी वार्डों में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने वार्डवासियों की ओर से विधायक और सांसद के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
सामुदायिक भवन के लोकार्पण से पूर्व वार्डवासियों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। पुष्प-गुच्छ से स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से आदित्य पराते, कृष्णा तिवारी, बीरबल दादा, श्रवण मिश्रा, रामजी गजबल्ला, श्रीमती सातोबाई साहू, सुधीर शेंडे, श्रीमती आभा श्रीवास्तव, महेश चौहान, कमलेश दास, चंदन सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, अनमोल विश्वास, संजीव वर्मा, हार्दिक चौहान और दक्ष साहू शामिल रहे।
इसके बाद मुख्य अतिथियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ भवन को जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम में पार्षद मनोहर यादव, सतीश साहू, सेवक उईके, पूर्व पार्षद अतुल रायजादा, विजय राय, पार्षद प्रतिनिधि पंकज कुरंजेकर, राजेश यादव, अभय पारख सहित निगम के उप अभियंता अनुप पाण्डे, मोनेन्द्र साठिया एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।

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अवैध गिट्टी परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई, दो वाहन जब्त

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राजनांदगांव। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण कर चूना पत्थर (गिट्टी) के अवैध परिवहन में संलिप्त दो वाहनों को जब्त किया है।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने बीजाभांठा, तुमड़ीबोड़, कोहका, मारगांव, दीवानभेड़ी, मचानपार, मटिया और डोंगरगांव क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कोहका क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के गिट्टी का परिवहन करते पाए जाने पर माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08-एएफ 0152 और हाईवा क्रमांक सीजी 08-एएन 8053 को जब्त किया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार माजदा वाहन ग्राम पटपर निवासी भोला देवदास के स्वामित्व का है, जिसे चालक मनोज चला रहा था। वहीं हाईवा वाहन चिचोला निवासी अशरफ अली के स्वामित्व का है, जिसे चालक भैयालाल संचालित कर रहा था। दोनों वाहनों से चूना पत्थर (गिट्टी) का अवैध परिवहन किया जा रहा था।
जब्त वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सड़क हादसे के 14 घायलों को मिला कैशलेस इलाज, पीएम-राहत योजना से 1.50 लाख तक की सुविधा

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राजनांदगांव। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (पीएम-राहत) योजना का जिले में लाभ मिलने लगा है। योजना के तहत अब तक 14 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम सात दिनों तक 1 लाख 50 हजार रुपए तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा जिले के पंजीकृत शासकीय और निजी अस्पतालों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि 14 लाभार्थियों में से 12 मरीजों का उपचार भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में तथा दो मरीजों का इलाज संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में किया गया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उचित उपचार मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से पीएम-राहत योजना में गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई है।
योजना के सफल संचालन के लिए जिले के 34 शासकीय और 38 निजी अस्पतालों के प्रभारियों एवं संचालकों को प्रशिक्षण देकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचकर योजना का लाभ लें।
पीएम-राहत योजना की विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त की जा सकती है।

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