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राजनांदगांव

विवाद की जड़ गलत शासकीय भूमि उपलब्धता प्रमाण पत्र और एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारियों की तानाशाही रवैय्या

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राजनांदगांव। मुआवजा के लिए भटकते किसान, लगातार आंदोलनरत किसान और बड़े नेताओं की चुप्पी के बीच अधिकारियों की रहस्यमय ढंग से मुआवजा फाइल को दबाएं बैठने से सरकार की छबि पर विपरीत असर पड़ रहा है।
छुईखदान-दनिया सड़क निर्माण के लिए 16 जुलाई 2018 को छुईखदान के तत्कालीन तहसीलदार नमिता मारकोले, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक एवं 16 गांव के तब के हल्का पटवारी अनिल वर्मा, नारद, योगेश्वरी कोलिहारे, रवि नेताम आदि के हस्ताक्षर से जारी सड़क निर्माण के लिए भूमि उपलब्धता प्रमाण पत्र की वजह से विवाद चालू हुआ है। उक्त प्रमाण पत्र में छुईखदान से दनिया तक शासकीय भूमि उपल्ब्ध होने का जिक्र किया गया है, कहीं-कहीं पर 40 मीटर तक चौड़ाई में शासकीय जमीन होने का प्रमाण पत्र दिया गया है, जबकि वास्तिवकता में मौके पर आधा भी नहीं है, ऐसे लगभग पूरे सड़क में आने वाले सभी 16 गांवों में है।

सड़क निर्माण कार्य निजी भूमि में शुरू होने से मचा बवाल
राजस्व विभाग द्वारा जारी भूमि उपलब्धता सबंधित प्रमाण पत्र के अनुसार सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार के द्वारा मटेरियल डालना शुरू किया गया, तब किसानों को पता चला कि उनकी जमीन (खेत) और मकान की जमीन (भूमि स्वामी हक में धारित पट्टा भूमि) सड़क निर्माण के जद में आ रहा है। किसानों ने शुरु से विरोध किया, किसानों ने और ग्रामीणों ने पहले ठेकेदार के सुपर वाइसर और एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारियों को और सड़क निर्माण के लिए ले आउट देने वाले इंजीनियर फारूक को बताइए कि हमारी भूमि पर सड़क निर्माण किया जा रहा है, इसे रोके, पर किसी ने सुना तक नहीं और सड़क निर्माण जारी रखे रहें।

राजस्व विभाग लगातार शिकायत की करती रही अनदेखी
जब एडीबी प्रोजेक्ट के परियोजना प्रबंधक, एसडीओ एडी बंजारे, इंजीनियर फारूक और ठेकेदार ने किसानों और प्रभावितों की एक न सुनी तो किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई। कभी मौखिक निवेदन तो कभी लिखित आवेदन करते रहें, पर हर किसी ने एक नहीं सुनी। हर उस आवेदन को अनदेखी कर दिए, जिसमें किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि हमारी लगानी और भूमि स्वामी हक में धारित पट्टा भूमि सड़क निर्माण में जा रही है, हमें उचित मुआवजा दिया जाए।

पहले भी किसान बिना मुआवजा के गंवा चुके हैं जमीन
1982 में भी सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित निजी भूमि 300 किसानों को आज भी मुआवजा राशि नहीं मिल पाया है। इस संबंध में पेंडरवानी के राजस्व निरीक्षक ने बताया कि दनिया, उदान, तेंदुभाठा, जोम सहित अन्य गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण हुआ था। रिकार्ड दुरस्त भी हो चुका है, पर कुछ किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। इस संबंध में जोम, बुंदेली, पद्मावतीपुर, सिलपट्टी सहित अन्य और भी गांवों के किसानों का भी दावा है कि पुराने अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिला है।

लगातार अनदेखी से किसान हुए उग्र
पहले एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारियों की मनमानी, फिर ठेकेदार की दादागिरी और राजस्व विभाग की चुप्पी ने किसानों के आक्रोश को बढ़ाने का ही काम किया है। किसान अपनी खेत की जमीन और मकान की जमीन गवां कर शंकित है कि कहीं पुराने अधिग्रहण 1982 की तरह न हो जाए कि मुआवजा ही न मिले और सड़क बना कर एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारी गायब न हो जाए, इसलिए किसानों ने अपने हक की लड़ाई स्वयं लड़ने का मन बनाया स किसानों ने इसके लिए 4 माह पूर्व 18 अक्टूबर को किसान नेता खम्हन ताम्रकार के नेतृत्व में अधिकार पद यात्रा कर दनिया से छुईखदान 27 किलोमीटर पैदल पहुंचकर एसडीएम रेणुका रात्रे के कार्यालय में 7 बिंदु में ज्ञापन सौंप कर न्याय दिलाने की बात कहकर उग्र प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दिए।

त्रिपक्षीय बैठक के निर्णय पर राजस्व विभाग नहीं रहा कायम
बढ़ते जन आक्रोश और पदयात्रा कर मुआवजा के लिए अल्टीमेटम मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।। आनन-फानन में मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रेणुका रात्रे के अगुवाई में राजस्व अमला, एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारियों और किसानों के मध्य त्रिपक्षीय बैठक आयोजित किया गया। बैठक में पुनः सर्वे कराने का निर्णय हुआ, सर्वे के लिए टीम भी गठित कर दिया गया, किन्तु महीनों बीतने के बाद चढ़ावा की चाह में सर्वे टीम ने आज तक 5-6 गांव के सर्वे रिपोर्ट तक नहीं बनाए हैं। किसान हाथ-पैर जोड़ते रह गए, पर राजस्व और एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारियों के संयुक्त टीम ने आज तक नहीं सौंपे हैं सर्वे रिपोर्ट और न सर्वे के आदेश देने वाली एसडीएम भी पूरे मामले में चुप्पी साध कर बैठी हुई है।

148 किसानों के मुआवजा फाईल धूल खाते पड़ा है सयुंक्त कलेक्टर के टेबल पर
प्रथम चरण के सर्वे में जिन 9 गांव के 148 किसानों की लगानी भूमि का सड़क निर्माण के लिए भू-अर्जन होना है, उसकी फाइल खैरागढ़ जिला मुख्यालय में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर सुनील शर्मा के टेबल में धूल खाते महीनों से पड़ा है। प्रायः कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले श्री शर्मा कभी कार्यालय में मिल भी जाते हैं तो इस फाइल के बारे में चर्चा ही नहीं करते हैं, अगर कोई किसान उनसे कुछ पूछना भी चाहते हैं तो वो इस फाइल के संबंध में कुछ भी बताने को तैयार तक नहीं है और तो और सूचना के अधिकार में लगे दर्जनों आवेदन के समय सीमा निकल जाने के बाद भी जानकारी नहीं दे रहे हैं।

भूमि स्वामी हक में धारित पट्टा भूमि के लिए सर्वे टीम का गठन तक नहीं
इधर 6 गांव का सर्वे रिपोर्ट तक तैयार नहीं हुआ है, जिसके सर्वे के लिए टीम गठित किए महीनों बीत गया है सऔर इधर प्रशासन को यह भी नहीं पता की इस मार्ग निर्माण में कितने भूमि स्वामी हक में धारित पट्टाधारी ग्रामीणों की भूमि आ रही है। इसके लिए अब तक सर्वे टीम का गठन भी नहीं किया गया है।। इस संबंध में एसडीएम रेणुका रात्रे सहित राजस्व विभाग से संबद्ध अधिकारियों से जानने की कई बार कोशिश किया गया, किन्तु जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

किसान बड़े आंदोलन की तैयारी में
मुआवजा देने में की जा रही देरी से किसान और ग्रामीणों में अंदर खाने भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। किसान अपने हक की लड़ाई के लिए कमर कस कर तैयार हो चुकी है। न्याय के लिए सीधा रायपुर राजधानी पैदल यात्रा कर मुख्य मंत्री से मिलकर अपनी पीढ़ा बताएंगे। किसानों ने अपने संघर्ष को मजबूती देने के लिए एक संघर्ष समिति का गठन किए हैं, जिसके संरक्षक पूर्व विधायक गिरवर जंघेल, भवानी बहादुर सिंह और किसान नेता खम्हन ताम्रकार हैं।

नेताओं का प्रवेश प्रतिबंधित, लगे गांव-गांव में पोस्टर
मुआवजा के नाम पर किसानों को साथ नहीं देने वाले नेताओं के लिए किसानों ने अपने-अपने गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए एलान कर दिए हैं कि उन नेताओं का बहिष्कार किया जाएगा, जिन्हें किसानों की पीड़ा नहीं दिख रही है।

किसानों ने मांगा था मुख्यमंत्री से मिलने समय कलेक्टर से, नहीं मिला समय
छुईखदान-दनिया मार्ग में अपनी लगानी और भूमि स्वामी हक में धारित पट्टा भूमि गवां चुके किसान खैरागढ़ प्रवास पर आ रहे प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल से मिलने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखकर समय दिलाने की मांग किए थे, पर किसानों को नहीं मिला समय। इस संबंध में सड़क संघर्ष समिति के सचिव पूनम देवांगन ने बताया कि समिति कि ओर से उन्होंने खैरागढ़ जिला कार्यालय जा कर लिखित में पत्र सौंप कर कलेक्टर से खैरागढ़ प्रवास में आ रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करवाने का निवेदन किया गया था, पर किसानों का दुर्भाग्य कि किसानों के हित में कार्य करने वाले प्रदेश के मुखिया से मुलाकत के लिए कलेक्टर खैरागढ़ डॉ. सोनकर ने समय नहीं दिला पाएं, हमें बहुत अफसोस है कि हमें अपने मुखिया से मिलने के लिए लिखित आवेदन देने के बाद भी समय नहीं मिल पाया।

किसानों के विरोध के बीच रात में चल रहा है सड़क निर्माण कार्य
इधर किसान का विरोध जैसा-जैसा बढ़ते जा रहा है, उधर एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारी ठेकेदार के माध्यम से उतने ही तेजी से सड़क का निर्माण करवाने लगे हैं। इस संबंध में सड़क संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष मनहरण जंघेल ने बताया कि पहले दिन में ही सड़क निर्माण कार्य हो रहा था, किन्तु जब से किसानों ने अपने जमीन की मुआवजा की मांग तेज किए हैं, तब से सड़क निर्माण कार्य में अप्रत्याशित रूप से तेजी देखने को मिल रही है। अब रात भर डामरीकरण सहित अन्य कार्य किया जाने लगा है।

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राजनांदगांव

राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे जय प्रकाश साहू

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राजनांदगांव। युवा कांग्रेस जिला महामंत्री जयप्रकाश साहू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में सुबह से ही बड़ी संख्या में नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंच रहे थे तथा पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना हुआ था।

जयप्रकाश साहू ने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ाने और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया है। शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर उनकी सक्रियता लगातार देखने को मिलती है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का मुख्य कारण उनका सरल स्वभाव और लोगों से सीधे जुड़ने की शैली है। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करना आज समय की आवश्यकता है।

राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में कई राज्यों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौजूदगी देखने को मिली। पूरे दिन शुभकामनाओं का सिलसिला जारी रहा और आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यकर्ताओं में अपने नेता के प्रति विशेष उत्साह और सम्मान देखने को मिला। इस अवसर पर जय प्रकाशसाहू ने राहुल गांधी के अच्छे स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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हल्बा समाज सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदाय : डॉ. रमन सिंह

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह की उपस्थिति में नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ लिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में समाज के लिए उपलब्ध भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना के नवजागरण का उत्सव है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी समाज के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की राष्ट्रीय महासभा की संगठनात्मक संरचना की सराहना की। यह संगठन आदिवासी समाज की सशक्त आवाज बनकर कार्य कर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आदिवासी हल्बा समाज की वीरता और बलिदान की अनेक गाथाएं हैं। आदिवासी समाज ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रत्येक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश आदिवासी समाज सदियों से अपने जीवन में उतारकर चल रहा है, जो आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को नई दिशा मिली है। बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार, वनधन विकास केंद्रों की स्थापना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाएं आदिवासी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से समाज के युवाओं को शिक्षा से जोड़ने, महिलाओं को सशक्त बनाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने कहा। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने में है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा मन्तूराम पवार, नवनियुक्त केन्द्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ गोविंद राम चुरेन्द्र, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ पीआर नाईक, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ आरएस नायक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा जीआर राना सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : योग स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग : डॉ. रमन सिंह

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राजनांदगांव। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अभूतपूर्व उमंग एवं उल्लास के माहौल में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन आज सुबह दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के स्वस्थ और निरोग जीवन की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी नागरिकों से इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि योग केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं तथा हाल ही में हुई सर्जरी के कारण कार्यक्रम में योगाभ्यास नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से वे शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अगले वर्ष योगाभ्यास में शामिल होंगे। उन्होंने अबूझमाड़ से आए बच्चों द्वारा प्रस्तुत मल्लखंब प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों ने अद्भुत संतुलन और कौशल का परिचय दिया है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्वेच्छानुदान मद से 51 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि योग में केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है। योग मन को स्थिर करता है और सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए प्रस्ताव के बाद आज योग विश्व के 177 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारत की उस परंपरा का प्रतीक है जो पूरी दुनिया को एक साथ जोड़ने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा का समन्वय है। योग व्यक्ति को प्रकृति, समाज और ईश्वर से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से केवल 21 जून को ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से योग करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं को समझने, आत्मचिंतन करने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देता है। आज के समय में जब लोग बाहरी दुनिया और परिस्थितियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, योग हमें अपने भीतर झांकने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है। कलेक्टर ने कहा कि स्वयं की सेवा और आत्मविकास ही समाज सेवा की मजबूत आधारशिला है, क्योंकि जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होता है, तभी वह दूसरों की बेहतर सेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि योग जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सभी नागरिकों से इसे नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
मंगलाचरण वंदन प्रार्थना के साथ योग सत्र प्रारंभ किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग-प्राणायाम ध्यान की त्रिवेणी है। योग प्रशिक्षक ने बताया कि योग शरीर को तथा प्राणायाम मन एवं बुद्धि को मजबूत बनाते हैं। योग अंतर्गत शिथलीकरण की प्रक्रिया, कड़ी संचालन, गर्दन के लिए योगाभ्यास सिखाया गया। जो सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस की बीमारी के लिए फायदेमंद है। नागरिकों को ताड़ासन कराया गया। ताड़ासन मानसिक तनाव दूर करने में उपयोगी है। ताड़ासन से शरीर का संतुलन बना रहता है। वृक्ष की तरह प्रणाम की मुद्रा में आसन करना होता है। त्रिकोणासन कराया गया। साथ ही यह जानकारी दी गई की यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। भद्रासन से पैरों की मांसपेशियां तथा घुटने मजबूत बनते हैं। वज्रासन से पेट की तकलीफ, मानसिक तनाव दूर होता है। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि वज्रासन स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए कार्य करता है। वक्रासन डायबिटीज की बीमारी के लिए उपयोगी है। इस अवसर पर मकरासन, सेतुबंध आसन, पवनमुक्तासन, शवासन किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि ज्ञानमुद्रा से जोड़ों का दर्द दूर होता है। कपालभाति प्राणायाम मास्टर प्राणायाम है, जिससे 99 प्रतिशत बीमारियां दूर होती है। कपालभाति प्राणायाम से शरीर की प्रत्येक कोशिका में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। इस आसन से तनाव दूर होता है तथा स्वस्थ होने की अनुभूति होती है। योग करने से शरीर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। इससे शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां दूर होती हैं। मास्टर प्राणायाम अनुलोम-विलोम प्राणायाम से शरीर में शक्ति जाग्रत होती है और विभिन्न तरह की व्याधियां दूर होती हैं। इसके साथ ही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। इस प्राणायाम से एकाग्रता एवं जीवन शक्ति बढ़ती है तथा तनाव कम होता है। शीतलीकरण प्राणायाम से मस्तिष्क को शीतलता मिलती है तथा इससे रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सामूहिक योगाभ्यास के पश्चात अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों द्वारा विशेष मल्लखंब योग प्रदर्शन एवं योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग से निरोग रहने के लिए तथा नियमित योग अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया।
आयुष विभाग राजनांदगांव की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों को रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा का वितरण किया गया। इस दौरान अंकुरित मंूग, चना, मूंगफल्ली एवं केला का नाश्ता दिया गया। कार्यक्रम में पतंजलि, उदयाचल एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं की भी सहभागिता रही। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल नीलू शर्मा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्याय श्रीमती पूर्णिमा साहू, पूर्व विधायक रामजी भारती, खूबचंद पारख, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, आईजी बालाजी राव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम गौतम पाटिल सहित अन्य पार्षद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे, खिलाड़ी, नागरिकगण उपस्थित थे।

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