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राजनांदगांव

छग कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं रैली का सफल आयोजन

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राजनांदगांव। छग कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा राजनांदगांव अपने प्रांतीय संयुक्त मोर्चा के प्रमुख कमल वर्मा, संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, अनिल शुक्ला संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी महासंघ एवं महेन्द्र सिंह राजपूत छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा राजनांदगांव के जिला संयोजक, डॉ. केएल टांडेकर, जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी के नेतृत्व में राजनांदगॉव जिले में शासकीय सेवकगण अपनी डीए और गृहभाड़ा भत्ते सहित पांच सूत्रीय लंबित मांगों के समर्थन में एक दिवसीय प्रान्तव्यापी हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलनरत् हुए। तहसील-ब्लॉक-जिले के शासकीय सेवकगण अपने अपने मुख्यालय में इकट्ठा होकर धरना प्रदर्शन करते दिखाई दिए। इसी तारतम्य में विकासखंड राजनांदगांव में भी एकजुट होकर आंदोलन किए, उसके पश्चात रैली निकालकर अपने जायज मांगों के लिए हाथों में तख्ती लिए नारेबाजी करते हुए शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए जिला कार्यालय पहुंचे, जहां पर मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। खासकर महिला कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन एवं रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। डीए एवं गृह भाड़ा भत्ता सहित पांच सूत्रीय लंबित मांगों के समर्थन में शासकीय सेवकों का जन सैलाब दिखाई दिया। कलम बंद-काम बंद के नारे के साथ अपनी मांगों को लेकर यह आंदोलन 7 जुलाई की प्रातः लगभग 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरनास्थल जिला कार्यालय के सामने फ्लाई ओव्हर के नीचे संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के शासकीय सेवकगण एकत्रित होकर अपनी लंबित मांगों के लिये जोर-शोर से एकजुट होकर नारेबाजी करते एवं राज्य शासन के कर्मचारियों को केन्द्र शासन के समान देय तिथि अनुसार 42 प्रतिशत डीए एवं बकाया एरियर्स राशि सहित सांतवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता सहित पांच सूत्रीय मांग करते हुए वृहद स्तर पर हड़ताल, धरना प्रदर्शन एवं रैली निकालकर प्रदर्शन करते दिखाई दिये।
आंदोलन के विषय छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक डॉ. केएलटाण्डेकर, महासचिव सतीश ब्यौहरे, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश जैन ने बताया कि पूर्व में भी कर्मचारी संगठनों द्वारा शांतिपूर्ण चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से राज्य शासन को समय-समय पर अपनी जायज मांगों के निराकरण हेतु अनुरोध किया जाता रहा है, किन्तु राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों के हित में समाधानकारक निर्णय नहीं लेने के कारण प्रदेश के कर्मचारीगण-अधिकारीगण-पेंशनर्स प्रताड़ित हो रहे है। शासन द्वारा राज्य सेवा के कर्मचारियों के वेतन में लगातार कटौती की जा रही है, और उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है जिसके कारण शासकीय सेवकों में निराशा और आक्रोश व्याप्त है और वे अपने हक की लड़ाई के लिये लामबद्ध हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के सैंकड़ो कर्मचारीगण-अधिकारीगण सामूहिक रूप से अवकाश लेकर 7 जुलाई को जिले के सभी विकासखंड-तहसील के शासकीय सेवकगण अपने-अपने ब्लॉक एवं तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किए। विकासखंड राजनांदगांव में जिला कार्यालय के सामने, फ्लाईओवर के नीचे जीई रोड पर एक दिवसीय प्रांतव्यापी कलम बंद-काम बंद हड़ताल, धरना प्रदर्शन एवं रैली के माध्यम से शासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया है और इसमे काफी हद तक सफल भी रहे है, जिसके चलते आज ब्लाक, तहसील एवं जिला स्तर के शासकीय कार्यालयों एवं विभागों में दिनभर कामकाज ठप्प रहा है। जिले के कई अधिकारीगण भी कार्यालयों में अपनी सीट पर अनुपस्थित रहकर आज के इस आंदोलन एवं रैली को मौन समर्थन देते दिखे।
शासकीय सेवकों की केन्द्र शासन के समान देय तिथि से डीए एवं सॉतवे वेतनमान के अनुरूप गृहभाड़ा भत्ते सहित पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने के राजनांदगांव विकासखंड के इस आंदोलन में मुख्य रूप से विभिन्न संगठनों एवं संघों के अध्यक्षगण, पदाधिकारीगण, सदस्यगण सैकड़ों की तादाद में उपस्थित रहे, जिनमें में मुख्य रूप से प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ, छग अजाक्स संघ, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन, छग लघुवेतन चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, छग वाहनचालक कर्मचारी संघ, छग स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ, छग राजस्व पटवारी संघ, छग अनियमित कर्मचारी संघ, छग ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, छग प्रदेश शिक्षक फेडरेशन, छग शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस, छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ, संयुक्त शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, नवीन शिक्षक संघ, छग राज्य पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ संघ, कर्मचारी कल्याण संघ (क्षेत्रीय परिषद), छग प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, छग वन कर्मचारी संघ, छग लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ प्रदेश, छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ, छग डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोशियेशन, छग प्रदेश शिक्षक संघ, छग सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी संघ, छग राजस्व निरीक्षक संघ, छग सहायक शिक्षक फेडरेशन, छग आरएमए एसोशियेशन, छग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ, महाविद्यालय प्राध्यापक संघ, छत्तीसगढ़ पेंशनर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ छात्रावास अधीक्षक कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ महिला बाल विकास विभाग पर्यवेक्षक संघ, सहायक विकास विस्तार अधिकारी संघ, छग प्रदेश सचिव संघ, निगम मंडल महासंघ के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों में मुख्य रूप राजेश मालवे, एसके ओझा, डॉ. केएल टांडेकर, मनीष मिश्रा, सतीश ब्यौहरे, अभिषेक शर्मा, रफीक खान, पीआर झाड़े, उत्तम फंदियाल, रामनारायण बघेल, आदर्श वासनिक, संतोष चौहान, मनीष साहू, महेश सेजपाल, विजय यदु, अंबरीश प्रजापति, डॉ. बीपी चंद्राकर, भूपेन्द्र कान्डे, अरूण देवांगन, संजय तिवारी, कौशल कुमार शर्मा, अजीत दुबे, विनोद मिश्रा, राज्यशेखर मेश्राम, सुरेश जैन, यशवंत सिन्हा, महेश साहू, डीएल चौधरी, सिद्धार्थ चौरे, केदार शांडिल्य, पुरुषोत्तम धु्रव, कृतलाल साहू, संजय सिंह, परदेसी राम साहू, सुदेश यादव, मनोज मरकाम, मनोज चौबे, छन्नूलाल साहू, अजय कड़व, रमेश साहू, अनिल शर्मा, भूपेश जंघेल, जयंत बावने, मनीष साहू, एनएल देवांगन, उपेन्द्र रामटेके, हरीशचंद यादव, ईश्वर दास मेश्राम, रोशन साहू, निसार अहमद खान, सुधीर शेण्डे, सोहन निषाद, डॉ. ममता मेश्राम, दिलीप कुमार बारले, महेश्वर प्रसाद साहू, राजेन्द्र देवांगन, केपी सिंह, भोज साहू, नीलम साहू, वीरेंद्र रंगारी, अनिल शर्मा प्रमुख रहे।
आंदोलन के विषय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक डॉ. केएल टाण्डेकर, जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा, छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश जैन ने यह भी बताया कि राज्य के कर्मचारी-अधिकारी, शासन के उपेक्षापूर्ण रवैय्ये से क्षुब्ध एवं व्यथित होकर, इसके विरोध में प्रदेश के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना एवं आंदोलन किए हैं और इस आंदोलन को राज्य सेवा के विभिन्न 145 से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जो राज्य शासन से अपनी मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिये कमर कस चुके हैं, यदि शासन छग कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा की लंबित 5 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कोई समाधानकारक ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो इस आंदोलन के अगले चरण के रूप में 1 अगस्त 2023 से वृहद स्तर पर प्रान्तव्यापी अनिश्चित कालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन के रूप में परिणीत होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य शासन की होगी। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री पीआर झाड़े ने किया एवं अंत में आभार प्रदर्शन जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे द्वारा किया गया।

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चलती 108 संजीवनी एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी, ईएमटी और पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव

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राजनांदगांव। जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवा 108 संजीवनी एक्सप्रेस एक बार फिर गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु के लिए संकटमोचक बनकर उभरी है। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने पर 108 के स्टाफ ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया। जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खजरी निवासी सुदर्शन यादव ने अपनी पत्नी राधिका यादव को प्रसव पीड़ा होने पर शाम करीब 7.30 बजे घुमका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। अस्पताल में राधिका की प्रसव पीड़ा तेजी से बढ़ने लगी, जिसे देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
गर्भवती महिला को तुरंत 108 संजीवनी एक्सप्रेस से राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रवाना किया गया। एम्बुलेंस अभी ग्राम डूमरडीह के पास ही पहुंची थी कि महिला की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई। स्थिति को नाजुक भांपते हुए वाहन में मौजूद ईएमटी ललिता बघेल ने तत्परता दिखाई और पायलट छगन साहू को तुरंत गाड़ी सड़क के किनारे रोकने को कहा।
ईएमटी ललिता बघेल और पायलट छगन साहू ने अपनी सूझबूझ और मेडिकल ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हुए एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराने का निर्णय लिया। स्टाफ की कुशलता से राधिका यादव ने एक स्वस्थ पुत्री को जन्म दिया। सुरक्षित प्रसव के बाद परिजनों और एम्बुलेंस स्टाफ ने राहत की सांस ली।
इस सफल और सुरक्षित प्रसव के बाद एम्बुलेंस में मौजूद मितानिन और नवजात के पिता सुदर्शन यादव सहित अन्य परिजनों ने संजीवनी 108 एक्सप्रेस की त्वरित सेवा और कर्मचारियों की संवेदनशीलता के लिए उनका सहृदय धन्यवाद दिया। परिजनों ने कहा कि यदि सही समय पर कर्मचारियों ने सूझबूझ न दिखाई होती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

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आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय : चिंटू सोनकर

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राजनांदगांव। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष चिंटू सोनकर ने 25 जून 1975 को देश में लागू किए गए आपातकाल की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय करार देते हुए कहा कि इस दिन देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान, अभिव्यक्ति की आजादी और नागरिक अधिकारों का बेरहमी से गला घोंटा गया था।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने तत्कालीन सरकार के फैसलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान देश के हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख राजनेताओं को बिना किसी कसूर के जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। यही नहीं, मीडिया की आवाज को दबाने के लिए प्रेस की स्वतंत्रता पर भी पूरी तरह अंकुश लगा दिया गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था का नाम नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा में बसा है। आपातकाल की यह दर्दनाक और दमनकारी घटनाएँ हमें हमेशा यह याद दिलाती रहेंगी कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमें हर पल सजग और समर्पित रहना होगा।
चिंटू सोनकर ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से देश के युवाओं का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के युवा संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रहित के मूल्यों को सर्वोपरि रखें। एक सशक्त, समृद्ध और सजग लोकतांत्रिक भारत के निर्माण में युवाओं को अपनी सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी निभानी होगी, ताकि भविष्य में कभी भी देश को ऐसे काले दौर से न गुजरना पड़े।
बयान के अंत में भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने आपातकाल के उस क्रूर दौर में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष करने वाले वीर सेनानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को बचाने के लिए जिन सेनानियों ने लाठियां खाई, जेल गए और अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, उनके साहस, त्याग और अद्वितीय बलिदान को भारतीय जनता युवा मोर्चा और पूरा देश श्रद्धापूर्वक नमन करता है।

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शक्तिधाम के स्थापना दिवस पर विशाल रक्तदान एवं निःशुल्क आयुर्वेदिक परीक्षण शिविर

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राजनांदगांव। शहर के वार्ड नंबर 1 स्थित शक्तिधाम महाकाली मंदिर 5 जुलाई को अपना 6वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर शक्तिधाम महाकाली मंदिर के प्रधान संस्थापक व मुख्य पुजारी गुरुदेव हरीश यादव के मार्गदर्शन में विशाल रक्तदान के साथ ही वृक्षारोपण व निःशुल्क आयुर्वेदिक परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी भी अपनी सेवा देंगे। साथ ही सामाजिक समरसता का संदेश देने सभी समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान किया जायेगा।
ज्ञात हो कि शहर के वार्ड नंबर 1 बाबुटोला स्थित प्रसिद्ध शक्तिधाम मां महाकाली मंदिर का 6वां स्थापना दिवस 5 जुलाई को मनाया जा रहा है। शक्तिधाम के संस्थापक हरीश यादव ने बताया कि मंदिर के स्थापना दिवस पर प्रत्येक वर्ष हमारी जनसेवा संस्था शक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति द्वारा कुछ न कुछ जनसेवा के कार्य आयोजित करती आयी है। हमारी संस्था का मूल उद्देश्य सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाए के चरितार्थ पिछले वर्षो में भी रक्तदान, वृक्षारोपण का आयोजन किया गया,ए जहां प्रदेश के दूसरे जिले से भी बड़ी संख्या में भक्तगण रक्तदान करने पहुंचे थे। हमारी सेवा संस्था द्वारा ग्रीष्म में रेल यात्रियों को शीतल पानी पिलाना, वृद्धा आश्रम में भोजन सेवा, अभिलाषा मुकबधिर शाला में लेखनी सामग्री वितरण सहित स्टेशनों व फुटपाथ में रहने वालों को आवश्यक सामग्री भेंट कर सेवा किया जाता रहा है।
श्री यादव ने बताया कि इस वर्ष 5 जुलाई को शक्तिधाम के स्थापना दिवस पर विशाल रक्तदान का आयोजन किया जा रहा है वहीं वृक्षारोपण भी किया जायेगा। इस वर्ष मंदिर के दर्शनार्थियों की अपील पर निःशुल्क आयुर्वेदिक परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है, जहां आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी भी सेवा देंगे। मंदिर समिति ने अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सम्मिलित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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