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राजनांदगांव

कलेक्टर ने कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत आगामी दशहरा पर्व में रावण पुतला दहन के संबंध में निर्देश किए जारी

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राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तारन प्रकाश सिन्हा ने नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के दृष्टिगत तथा आगामी माह में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर श्री सिन्हा ने आगामी दशहरा पर्व में जिले में रावण पुतला दहन के संबंध में निर्देश प्रसारित किया है।
आदेश में कहा गया है कि पुतला दहन खुले स्थान पर किया जाए। पुतला दहन कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित स्थल की क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे। प्रत्येक समिति, आयोजक समय पूर्व सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम से यह जानकारी दें कि कोविड-19 कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम सीमित रूप से किया जाएगा। पुतला दहन में कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, भंडारा, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल, फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सेनेटाईजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार अनिवार्यतः बेरिकेटिंग कराया जाए। आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे धुमाल, बैंड पार्टी बजाने की अनुमति नहीं होगी। रावण पुतला दहन में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। समिति द्वारा सैनेटाईजर थर्मल स्कि्रनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति, आयोजकों की होगी। कार्यक्रम आयोजन के दौरान अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्यतः किया जाना होगा। आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पालन किया जाए। किसी प्रकार का यातायात बाधित न हो यह सुनिश्चित किया जाए। पार्किंग की व्यवस्था स्वयं के द्वारा की जाए। आयोजन के दौरान एनजीटी व शासन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिये निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम, भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना होगा। नियमों के उल्लंघन करने पर समिति, आयोजक जिम्मेदार होंगे। कंटेनमेंट जोन में पुतला दहन की अनुमति नहीं होगी। यदि पुतला दहन कार्यक्रम की अनुमति के पश्चात उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल कार्यक्रम निरस्त माना जाएगा एवं कंटेनमेंट जोन में सभी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
आयोजन के पूर्व स्थानीय थाना प्रभारी/संबंधित जोन कार्यालय को सूचित करना अनिवार्य होगा। आयोजन के दौरान किसी प्रकार के अस्त्र शस्त्र का प्रदर्शन न किया जाए। आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इस हेतु पर्याप्त वालेंटियर रखा जाए एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। यह आदेश राज्य शासन द्वारा जारी नियमों एवं निर्देशों के अधीन होगा। नियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश एवं आदेश का पालन अनिवार्य किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश में निहित शर्तों के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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