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राजनांदगांव

नगर निगम की सामान्य सभा 23 को, 19 विषयों पर होगी चर्चा

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राजनांदगांव। नगर पालिक निगम की सामान्य सभा की बैठक 23 अक्टूबर शनिवार को पूर्वान्ह 10.55 बजे से नगर निगम के सभागृह में आहुत की गई है। बैठक में नगर विकास से संबंधित 19 विषयों पर विचार-विमर्श उपरांत निर्णय लिया जायेगा।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए निगम अध्यक्ष हरिनारायण पप्पू धकेता ने बताया कि सामान्य सभा की बैठक के प्रारंभ में लोक सेवा केन्द्र से आनलाईन प्राप्त सामाजिक सुरक्षा पेंशन के आवेदन की स्वीकृति एवं अनुमोदन के संबंध में चर्चा उपरांत निर्णय लिया जाएगा तथा शासकीय विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव का नामकरण स्व. कन्हैयालाल अग्रवाल के नाम पर किये जाने, नगर के किसी एक मार्ग का नामकरण अणुव्रत मार्ग किये जाने, आरके नगर चौक का नामकरण महाराणा प्रताप जी के नाम पर किये जाने, स्टेडियम रोड कमला कालेज तिराहा का नामकरण स्वामी विवेकानंद जी के नाम से किये जाने, वार्ड नं. 37 स्थित हाट बाजार का नामकरण शहीद संदीप यदू के नाम से किये जाने, वार्ड नं. 35 लखोली वार्ड का नामकरण भक्त माता कर्मा वार्ड लखोली किये जाने एवं वार्ड नं. 23 स्टेडियम वार्ड में नव निर्मित आनंद वाटिका का नामकरण भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री राजीव गांधी जी के नाम से किये जाने के संबंध में चर्चा उपरांत निर्णय लिया जायेगा।
निगम अध्यक्ष श्री धकेता ने बताया कि निगम स्वामित्व की नया बस स्टैण्ड जेल रोड के पास नव निर्मित दुकानों भूतल में 10 तथा प्रथम तल में 11 दुकानों का प्रीमियम व किराया निर्धारण, नया बस स्टैण्ड मोती तालाब के पास नव निर्मित दुकानों भूतल में 08 व प्रथम तल में 05 दुकानों का प्रीमियम व किराया निर्धारण के संबंध में चर्चा उपरंात निर्णय लिया जायेगा। साथ ही हाट बाजार के प्रथम तल की रिक्त दुकानों के प्रीमियम व किराया निर्धारण तथा सर्वेश्वर दास स्कूल महावीर चौक (इमाम चौक) स्थि्त नव निर्मित शॉपिंग काम्लेक्स की 12 दुकानों का आरक्षण, प्रीमियम एवं वार्षिक व मासिक किराया निर्धारण किये जाने चर्चा उपरांत निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि भैंसा कोठा स्थित व्यवसायिक परिसर के शेष दुकानों की नीलामी से प्राप्त उच्चतम बोली की स्वीकृति तथा दिल्ली दरवाजा (सुभाष द्वार) स्थित नव निर्मित दुकानों के सार्वजनिक घोष विक्रय द्वारा खुली नीलामी से प्राप्त उच्चतम दर पर विचार कर चर्चा उपरांत निर्णय लिया जावेगा।
अध्यक्ष श्री धकेता ने बताया कि हॉट बाजार व्यवसायिक परिसर स्थित प्रथम तल की दुकान क्रमांक 15 की प्राप्त उच्चतम बोली की स्वीकृति एवं शेष दो दुकान, दुकान क्रमांक 11 व 16 की पुनः निलामी कराये जाने की स्वीकृति तथा वार्ड नं. 23 में नव निर्मित आनंद वाटिका को जन समान्य के लिये खोला जाकर शुल्क लिये जाने रूचि की अभिव्यक्ति के माध्यम से संचालन हेतु दिये जाने एवं विद्युत अनापत्ति शुल्क निर्धारण के संबंध में पुनः विचार कर चर्चा उपरांत निर्णय लिया जावेंगा। उन्होंने बताया कि भूखण्ड/भवन की रजिस्ट्री करने हेतु संबंधित से नामांतरण शुल्क नही लेने एवं प्रकाशन शुल्क निर्धारित करने के संबंध में निर्णय लिया जावेगा। इसके अलावा जाति निवास प्रमाण पत्र बनाये जाने हेतु प्राप्त आवेदनों के संबंध में चर्चा उपरांत निर्णय लिया जायेगा।
उन्होंने सामान्य सभा की बैठक में महापौर सहित महापौर परिषद के प्रभारी सदस्यों, पार्षदों, नामांकित पार्षदों व पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों कर्मचारियों से उपस्थिति की अपील की है।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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