राजनांदगांव
सर्वजनहित समिति ने उठाए जनहित के मुद्दे, निगम आयुक्त ने दिया समाधान का आश्वासन
राजनांदगांव। सर्वजनहित समिति के अध्यक्ष अशोक फड़नवीस ने राजनांदगांव शहर के अंबेडकर चौक (स्टेडियम चौक) से प्यारेलाल स्कूल चौक तक लगभग 30 वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा निर्मित पत्थर की नाली की जर्जर एवं अव्यवस्थित स्थिति तथा नेशनल हाईवे द्वारा स्थापित अधिकांश हाईमास्ट लाइटों के लंबे समय से बंद रहने का मुद्दा नगर निगम आयुक्त मरकाम के समक्ष प्रमुखता से उठाया।
उल्लेखनीय है कि वर्षों पुरानी इस नाली में मलबा जमा होने, ढाल (स्लोप) व्यवस्थित नहीं रहने तथा ओवरब्रिज निर्माण के दौरान नाली के ऊपर भारी.भरकम सीमेंट के स्थायी ढक्कन लगाए जाने से इसकी नियमित सफाई संभव नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित हो जाती है और तेज वर्षा में सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल यह क्षेत्र कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार से लगा हुआ है, जिससे जलभराव के कारण प्रतिदिन इस मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा यातायात भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है।
नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने माना कि वर्तमान नाली की संरचना के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही है। उन्होंने नई नाली के निर्माण हेतु आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ करने का आश्वासन दिया, ताकि भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान श्री फड़नवीस ने नेशनल हाईवे द्वारा स्थापित हाईमास्ट लाइटों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि अधिकांश हाईमास्ट लाइटें रात्रि में बंद रहने से प्रमुख मार्गों पर अंधेरा रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस पर निगम आयुक्त ने संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर हाईमास्ट लाइटों को शीघ्र चालू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर सर्वजनहित समिति के अनीस खान, सूरज शर्मा, दयावान देवांगन, नवीन जायसवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि नगर निगम प्रशासन अपने आश्वासन के अनुरूप शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करते हुए शहरवासियों को जलभराव और अंधेरे की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में प्रभावी पहल करेगा।
राजनांदगांव
भारत की हाइड्रोजन संचालित ट्रेन हरित भविष्य की ओर एक ऐतिहासिक कदम : ऋषिदेव चौधरी
राजनांदगांव। भारत पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार भी इस क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है । इसी दिशा में भारतीय रेल ने हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन विकसित करने की महत्वाकांक्षी पहल की है। यह परियोजना न केवल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का प्रतीक है, बल्कि देश को कार्बन उत्सर्जन कम करने और ऊर्जा के स्वदेशी एवं स्वच्छ स्रोतों की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
उक्त बातें एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री ऋषिदेव चौधरी ने कहीं । ऋषिदेव चौधरी ने आगे कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का पायलट संचालन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच लगभग 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर किया जा रहा है। इस मार्ग का चयन नई तकनीक की सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता का परीक्षण करने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन में डीज़ल इंजन के स्थान पर हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया जाता है। फ्यूल सेल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया से बिजली उत्पन्न होती है, जिससे ट्रेन चलती है। इस प्रक्रिया में केवल जलवाष्प और ऊष्मा निकलती है, इसलिए यह तकनीक लगभग प्रदूषण-मुक्त मानी जाती है।
ऋषिदेव चौधरी ने कहा कि भारत सरकार पर्यावरण और प्रदूषण रहित देश के मसले पर लगातार काम कर रही है और आज इस परियोजना से एक बार फिर साबित हो गया कि भाजपा सरकार प्रकृति के प्रति कितनी सजग है ।
भारतीय रेलवे का उद्देश्य भविष्य में विरासत और गैर-विद्युतीकृत रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन करना है। इससे डीज़ल पर निर्भरता कम होगी, ईंधन आयात का खर्च घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन तथा वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के अनुरूप है।
ऋषिदेव चौधरी ने सारे परिणामों का विस्तार से विवरण करते हुए कहा कि हालाँकि, इस तकनीक के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। हाइड्रोजन का उत्पादन, सुरक्षित भंडारण, परिवहन, रिफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित करना तथा प्रारंभिक लागत अपेक्षाकृत अधिक है। लेकिन तकनीकी प्रगति और बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ इन चुनौतियों को धीरे-धीरे कम किया जा सकता है।
यदि यह परियोजना सफल होती है, तो भारत एशिया में स्वच्छ और हरित रेल परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल हो जाएगा। हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक नई तकनीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में भारत की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है।
राजनांदगांव
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए तीसरे व अंतिम चरण का शेड्यूल जारी
राजनांदगांव। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों की रिक्त सीटों पर गरीब और जरूरतमंद बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीसरे और अंतिम चरण की समय-सारणी (शेड्यूल) जारी कर दी है। इसके माध्यम से निजी विद्यालयों की कक्षा पहली में आरटीई की बची हुई सीटों को पात्र बच्चों से भरा जाएगा।
5 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
जारी समय-सारणी के अनुसार, 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक जिला स्तर पर शालावार आरटीई की रिक्त सीटों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और इसका प्रचार-प्रसार होगा। इसके बाद, 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक पात्र आवेदक और पालक आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। इस दौरान पूर्व में किए गए आवेदनों में संशोधन (सुधार) करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
10 अगस्त से निकलेगी ऑनलाइन लॉटरी
पालकों से आवेदन मिलने के बाद, 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक नोडल प्राचार्यों द्वारा प्राप्त आवेदनों का सूक्ष्मता से परीक्षण व सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पात्र और अपात्र आवेदनों की प्रविष्टि पोर्टल पर की जाएगी। 10 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन लॉटरी और काउंसलिंग के माध्यम से चयनित बच्चों की सूची व स्कूल आबंटन जारी किया जाएगा।
17 अगस्त से स्कूलों में दाखिला
ऑनलाइन लॉटरी में चयनित बच्चों को 17 अगस्त से 25 अगस्त 2026 के बीच संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश (दाखिला) लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद, 20 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक स्कूलों के प्राचार्यों द्वारा आरटीई पोर्टल पर प्रवेशित बच्चों की अंतिम प्रविष्टि दर्ज कर प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।
राजनांदगांव
सीएम हेल्पलाइन से ग्राम सलोनी के केवल साहू को तत्काल मिली मदद, मिला गैस सिलेंडर
राजनांदगांव। राज्य शासन द्वारा शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से न सिर्फ शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों की पहुंच सीधे शासन तक आसान हुई है। ऐसा ही एक मामला राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सलोनी में सामने आया है, जहां एक ग्रामीण को शिकायत के तुरंत बाद राहत मिली है।
लंबी कतारों से मिली मुक्ति
ग्राम सलोनी निवासी केवल साहू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण उन्हें लंबे समय से रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। गैस एजेंसी के चक्कर काटने और लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था। परेशान होकर उन्होंने शासन की हेल्पलाइन नंबर 1076 पर अपनी समस्या दर्ज कराई।
शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई
केवल साहू के मुताबिक, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होते ही प्रशासन हरकत में आया और मामले का त्वरित निराकरण करते हुए उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया। गैस सिलेंडर मिलने पर उन्होंने खुशी जाहिर की है।
उन्होंने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार द्वारा नागरिकों की जमीनी समस्याओं को दूर करने की दिशा में उठाया गया एक बेहतरीन कदम है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।
-
छत्तीसगढ़3 years ago*अंतरराष्ट्रीय बास्केटबाॅल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव एशियन गेम्स में आब्सर्वर बनाये गये।*
-
छत्तीसगढ़3 years ago*अंतरराष्ट्रीय बास्केटबाॅल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव ने वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के रॉ टेलेंटेड बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया।*
-
राजनांदगांव3 years agoविषयवार हो शिक्षकों की भर्ती, हाईकोर्ट में याचिका दायर, छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन ने दर्ज की याचिका
-
राजनांदगांव4 years agoछत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन में सहायक विकास विस्तार अधिकारी संघ भी हुआ शामिल
-
छत्तीसगढ़3 years agoसरकारी स्कूलों को बंद करने की साजिश, राज्यपाल करें हस्ताक्षेप : क्रिष्टोफर पॉल
-
राजनांदगांव3 years agoहेडमास्टर बनाने में हद पार, पैसे दो और मनचाहे स्कूल में जाओ
-
राजनांदगांव2 months agoघुमका चुनाव के लिए कांग्रेस ने कसी कमर : ‘नगर पंचायत कांग्रेस ने बनाया, कांग्रेस ही संवारेगी’
-
राजनांदगांव5 years ago
ब्रेकिंग न्यूज़ राजनांदगांव। धारा 144 लागू किसी प्रकार के आयोजन, रैली, सामाजिक तथा अन्य आयोजन प्रतिन्धित
