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राजनांदगांव

महापौर व आयुक्त ने संभाला मोर्चा, चिखली दीनदयाल नगर में जलभराव की समस्या का जायजा लिया

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राजनांदगांव। शहर में दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते निचली बस्तियों में जलभराव का संकट गहराने लगा है। चिखली दीनदयाल नगर क्षेत्र में पानी भराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए बुधवार सुबह महापौर मधुसूदन यादव और निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम ने निगम अमले के साथ प्रभावित क्षेत्रों का धरातलीय निरीक्षण किया।

तनाला रेस्टोरेंट के पीछे नाला आगे न बना होने के कारण पानी सीधे बस्ती की ओर रुख कर रहा है। समस्या की गंभीरता को समझते हुए महापौर और आयुक्त ने अधिकारियों के साथ पूरे इलाके का पैदल भ्रमण किया और पानी निकासी के स्थायी समाधान के लिए नाला निर्माण का खाका तैयार करने को कहा।

सीमांकन कराकर जल्द कराएं नाला निर्माण : महापौर
महापौर मधुसूदन यादव ने मौके पर मौजूद तकनीकी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

प्रभारी सहायक अभियंता सुषमा साहू और उप अभियंता आयुषी सिंह तत्काल पानी निकासी के लिए जमीन का सीमांकन कराएं।

नाला निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए।

तात्कालिक राहत के लिए प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी राजेश मिश्रा को कच्ची नाली खोदकर पानी बाहर निकालने और क्षेत्र में रोगाणुरोधक सफाई व्यवस्था के निर्देश दिए।

निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम ने कहा कि बारिश के दौरान निचली बस्तियों में पानी का भराव रोकने के लिए शहर के सभी नालों से अवरोध हटाना अनिवार्य है। स्वास्थ्य अमले को मुस्तैद रहकर सभी बंद नालियों को खोलने के आदेश दिए गए हैं।

आयुष क्लीनिक में होगा पौधरोपण, शहर में 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
निरीक्षण के बाद महापौर ने चिखली स्थित आयुष क्लीनिक का जायजा लिया। उन्होंने परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए पौधरोपण करने के निर्देश दिए। महापौर ने बताया कि इस वर्ष नगर निगम सीमा क्षेत्र में 10,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ऐसे सुरक्षित स्थलों का चयन किया जा रहा है, ताकि पौधों की सुरक्षा के साथ-साथ शहर में स्वच्छ और सुरम्य वातावरण निर्मित किया जा सके।

स्थल निरीक्षण के दौरान निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह (पारस वर्मा), जल विभाग प्रभारी व वार्ड पार्षद सुनील साहू सहित तकनीकी व स्वास्थ्य विभाग का अमला उपस्थित रहा।

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राजनांदगांव

जनदर्शन की शिकायत पर एक्शन : पटेवा में शासकीय जमीन से हटाया अतिक्रमण, किसान के खेत तक पहुंच का रास्ता खुला

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर घुमका तहसील के ग्राम पटेवा में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। जनदर्शन में शिकायत मिलने के बाद राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जिससे आवेदक के खेत तक आवागमन का मार्ग सुगम हो गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम पटेवा निवासी ऐमन कुमार ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर बताया था कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे के कारण उनके खेत तक पहुंचने और कृषि कार्य करने में परेशानी हो रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद एसडीएम गौतम कुमार पाटिल के नेतृत्व में तहसीलदार मुकेश ठाकुर, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम ने अतिक्रमणकर्ता जगदीश साहू द्वारा शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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बोरतलाव हादसे की जांच तेज : अधिकारियों ने घटनास्थल का किया संयुक्त निरीक्षण, उत्खनन क्षेत्र का कराया सीमांकन

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राजनांदगांव। ग्राम बोरतलाव में तीन बच्चों की डूबने से हुई मौत के मामले में प्रशासनिक जांच तेज कर दी गई है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की।

निरीक्षण दल में अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय, डिप्टी कलेक्टर श्रीकांत कोराम, एसडीएम विश्वास कुमार, डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदार अमीय श्रीवास्तव, थाना प्रभारी अवनीश श्रीवास, खनिज निरीक्षक भरत बंजारे तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा शामिल रहे। अधिकारियों ने ग्राम पंचायत के सरपंच, मृतक बच्चों के परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में घटनास्थल का जायजा लिया।

जलभराव, सुरक्षा व्यवस्था और उत्खनन की जांच
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान उत्खनन स्थल, जलभराव की स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और अन्य परिस्थितियों का बारीकी से परीक्षण किया। साथ ही ठेकेदार द्वारा किए गए उत्खनन क्षेत्र का सीमांकन कर आवश्यक तथ्य और साक्ष्य एकत्र किए गए।

रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने बताया कि संबंधित विभागों से आवश्यक प्रतिवेदन और अभिलेख मंगाए जा रहे हैं। सभी तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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फसल परिवर्तन योजना से बदली गांतापार के किसान की तकदीर : पानी की किल्लत के बीच राकेश ने अपनाई अरहर की खेती

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राजनांदगांव। पानी की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए राज्य सरकार की ‘फसल परिवर्तन योजना’ वरदान साबित हो रही है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम गांतापार के किसान राकेश कुमार यादव ने इस योजना का लाभ उठाते हुए पारंपरिक धान की खेती छोड़ अरहर (रहर) की खेती अपनाई है। कम पानी में बेहतर फसल की उम्मीद और शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि ने उनकी राह आसान कर दी है।

किसान राकेश यादव के पास कुल 5 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि उनकी अधिकांश जमीन असिंचित होने के कारण धान की खेती में पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था, जिससे हर साल अच्छी उपज नहीं मिलती थी। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने इस वर्ष 3 एकड़ भूमि में अरहर और केवल 2 एकड़ में धान की फसल लगाई है।

15 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि से मिला प्रोत्साहन
किसान राकेश यादव ने बताया कि शासन द्वारा फसल परिवर्तन (क्रॉप डायवर्सिफिकेशन) अपनाने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस आर्थिक मदद से किसानों को नई और वैकल्पिक फसलें अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।

उन्होंने कहा, “पानी की कमी को देखते हुए धान के बजाय अरहर की खेती करना बेहद उपयुक्त है। यह योजना हम जैसे असिंचित क्षेत्र के किसानों के लिए एक बहुत अच्छी और दूरगामी पहल है।”

दूसरे किसानों से भी की वैकल्पिक खेती की अपील
कम लागत और कम पानी में बेहतर आय की उम्मीद जताते हुए राकेश कुमार यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी भूमि की स्थिति और पानी की उपलब्धता के अनुसार धान के मोह से बाहर निकलकर अरहर जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करें और शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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