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छत्तीसगढ़

अपर कलेक्टर ने किया पीएचसी साल्हेवारा एवं खादी चेक पोस्ट का निरीक्षण

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अपर कलेक्टर ने किया पीएचसी साल्हेवारा एवं खादी चेक पोस्ट का निरीक्षण
छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बार्डर पर खादी चेक पोस्ट में यात्रियों का किया जा रहा कोविड-19  टेस्ट
राजनांदगांव 06 सितम्बर 2021। कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र साल्हेवारा और खादी चेक पोस्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के ओपीडी, आईपीडी सहित अन्य कक्षाओं का अवलोकन किया गया। इस दौरान केन्द्र में सभी कर्मचारियों का मुख्यालय में निवास करना पाया गया। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, अन्य व्यवस्था एवं कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बार्डर पर खादी चेक पोस्ट में यात्रियों का कोविड-19 सैम्पल लेकर लगातार टेस्ट किया जा रहा है। ड्यूटी के दौरान बार्डर चेक पोस्ट में दो पालियों में 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाई है। इस दौरान संबंधित अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे।

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छत्तीसगढ़

पहाड़ी गांवों में टूटी माहवारी पर चुप्पी, ‘आओ सहेली चुप्पी तोड़ें’ अभियान से जगी नई उम्मीद

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मोहला/मानपुर। वनांचल और पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी माहवारी (पीरियड्स) को लेकर समाज में एक अजीब सी झिझक और चुप्पी देखने को मिलती है। इसी रूढ़िवादिता और चुप्पी को तोड़ने के लिए विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर मानपुर विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्रामों में एक अनूठी और सराहनीय पहल की गई। जन कल्याण सामाजिक संस्थान एवं प्रोजेक्ट बाला के संयुक्त तत्वावधान में आओ सहेली चुप्पी तोड़ें अभियान के अंतर्गत ग्राम बुकमरका, कामखेड़ा, कोराचा एवं चावरगांव में विशेष जागरूकता, संवाद और सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हुए पहली बार पीरियड्स से गुजर रहीं किशोरी बालिकाओं का सम्मान किया गया, जिससे उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास जागा।
पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में बसे ग्राम बुकमरका में इतिहास में पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिला, जहां माहवारी जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर बात करने के लिए महिलाएं, पुरुष और किशोरी बालिकाएं एक साथ शामिल हुईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माहवारी को लेकर समाज में व्याप्त शर्म, भ्रांतियों और वर्जनाओं को खत्म कर स्वच्छता व स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना था।
संवाद के दौरान ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों ने अपनी जमीनी समस्याओं को खुलकर साझा किया। उन्होंने बताया कि गांवों में सेनेटरी पैड की उपलब्धता न होने के कारण मजबूरी में वे पुराने कपड़ों का इस्तेमाल करती थीं। पैड खरीदने के लिए उन्हें 10 से 12 किलोमीटर दूर तक का सफर तय करना पड़ता था, जिससे स्वास्थ्य संबंधी कई बीमारियां और असुविधाएं होती थीं।
ग्रामीण महिलाओं की इस बड़ी समस्या का समाधान करते हुए संस्था द्वारा कार्यक्रम में 120 किशोरी बालिकाओं को रीयूजेबल सेनेटरी पैड मुफ्त वितरित किए गए। पहली बार पर्यावरण के अनुकूल और बार-बार उपयोग में आने वाले पैड पाकर बालिकाओं के चेहरों पर खुशी और सुरक्षा का भाव साफ नजर आया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा माहवारी स्वच्छता, संक्रमण से बचाव और इन रीयूजेबल पैडों के सुरक्षित उपयोग व रख-रखाव की विस्तृत जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि माहवारी कोई बीमारी या शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के जीवन की एक बेहद सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसके प्रति पूरे समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में गांवों के पटेल, मितानिन दीदी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जन कल्याण सामाजिक संस्थान के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे ग्रामीण अंचलों में माहवारी स्वच्छता को लेकर अलख जगाते रहेंगे और किशोरियों को स्वास्थ्य संसाधन उपलब्ध कराने में लगातार सहयोग करेंगे। यह आयोजन केवल एक दिवसीय कार्यक्रम न बनकर पहाड़ी गांवों की महिलाओं के लिए सम्मान और सशक्तिकरण की एक नई सुबह साबित हुआ।

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कोंडागांव

खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ें, सालभर मिलेगी आय : विवेक ठाकुर

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रायपुर/कोंडागांव। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय को दोगुना करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलना होगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, बहुफसली खेती और बाजार आधारित उत्पादन प्रणाली को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह बात राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम के प्रतिनिधि विवेक ठाकुर ने किसानों से किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और किसान उत्पादक कंपनियों से जुड़कर सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान करते हुए कही।

श्री ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा छोटे और सीमांत किसानों का है। अकेले खेती करने के कारण इन किसानों को उन्नत बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई के साधन और सबसे बढ़कर उपज का उचित मूल्य (विपणन) पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यदि यही किसान एफपीओ या किसान उत्पादक कंपनी के रूप में संगठित होकर काम करें, तो उन्हें सरकारी योजनाओं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बड़े बाजारों तक पहुंच आसानी से मिल सकती है। इससे न सिर्फ खेती की लागत घटेगी, बल्कि उत्पादन और मुनाफे में भी बड़ी वृद्धि होगी।

सांसद प्रतिनिधि ने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को केवल एक ही फसल (धान) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, सब्जी, फल, मक्का और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मिलेट्स जैसे कोदो-कुटकी व अन्य नकदी फसलों की खेती की जानी चाहिए। बहुफसली खेती से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहती है, वहीं दूसरी ओर किसानों को साल के बार Belonging महीने आय के स्रोत मिलते रहते हैं। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने की भी वकालत की।

विवेक ठाकुर ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ FPO के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि किसान उत्पादक कंपनियां किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग करने और बिचौलियों से मुक्त कर बेहतर मूल्य दिलाने में सेतु का काम कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, प्रसंस्करण इकाइयां (प्रोसेसिंग यूनिट) और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियों को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होगा। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को भी कृषि आधारित स्टार्टअप और उद्यमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

श्री ठाकुर ने अंत में अपील की कि यदि छत्तीसगढ़ के किसान संगठित होकर आधुनिक कृषि मॉडल को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में हमारा प्रदेश कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश के भीतर एक नई और अनूठी पहचान स्थापित करेगा।

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छत्तीसगढ़

आयुक्त ने वार्डवार नोडल अधिकारी नियुक्त, निरीक्षण कर व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने शहर के सभी 51 वार्डों में नोडल अधिकारी और सहायक प्रभारी नियुक्त किए हैं। अधिकारियों को वार्डों में बिजली, पानी, सफाई, निर्माण कार्य और अन्य निगम सेवाओं का नियमित निरीक्षण कर सुधार के निर्देश पालन कराने का जिम्मा सौंपा गया है।

आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रातः अपने प्रभारित वार्ड में जाकर सड़क और नालियों की सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डोर टू डोर कचरा संग्रहण, सोर्स पर कचरा पृथक्करण, वेस्ट प्रोसेसिंग और वेस्ट टू कम्पोस्ट प्लांट कार्यों का निरीक्षण करें। साथ ही सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की आवश्यक सुविधाओं का सुनिश्चित करना और स्वच्छता अभियान के तहत किए गए कार्यों का अवलोकन भी नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

उन्होंने कहा कि पेयजल और विद्युत सेवाओं की निगरानी करना, गंदा या कम पानी आने की शिकायतों का निवारण करना, अनावश्यक बहते नलों को बंद करना और शहर में वृक्षारोपण कर उसका संरक्षण करना भी आवश्यक कार्य हैं। इसके अलावा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और हैंडपंप रिचार्जिंग कार्यों का निरीक्षण कर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।

आयुक्त ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के बीएलसी और एएचपी घटक में कार्य की गुणवत्ता, समय सीमा में पूर्णता और रिक्त आवासों का समय पर आबंटन सुनिश्चित करना, स्वीकृत और चल रहे निर्माण कार्य समय पर पूरा करना, निगम भवनों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और शहर के स्कूल/आंगनबाड़ी में बिजली, पानी व स्वच्छता की उचित व्यवस्था करना भी नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

आयुक्त ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रातः निरीक्षण कर वार्डों में व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करें।

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