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रायपुर

भाजपा समर्थित महिलाओं ने किया जोरदार जनसंपर्क

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रायपुर। नारी शक्ति समन्वितः यानी नारी शक्ति का स्वरूप है। शक्ति का यही स्वरूप मंगलवार को रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में देखा गया। क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा के पक्ष में भाजपा समर्थित महिलाओं ने जोरदार जनसंपर्क किया। वहीं कई जगहों पर सम्मान के सम्मान में उन्होंने चाय पी और महिलाओं संग बैठ दुख-दर्द बांटकर रायपुर उत्तर में कमल खिलाने की अपील की।
चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे चुनाव प्रचार के नए-नए रंग भी खिलते जा रहे हैं। उत्तर विधानसभा क्षेत्र में महिलाएं जब पुरंदर मिश्रा के पक्ष में चुनाव प्रचार की भागीदारी निभाने निकलीं तो देखने वाले उन्हें देखते ही रह गए। लोग कहते सुने गए कि नारी शक्ति को नमन। इस बीच भाजपा मंडल शंकर नगर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस वार्ड अंतर्गत पार्वती नगर में भाजपा प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा की धर्मपत्नी श्रीमती सरस्वती मिश्रा के साथ भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक घर घर जाकर प्रचार प्रसार किया। इनमें प्रमुख रुप से अर्चना शुक्ला, ज्योति शुक्ला, संतोषी यादव, कपिला सिंह, माधुरी पंडा, ममता षडंगी, रश्मि देवता, निर्मला मिश्रा, कविता मिश्रा, पिंकी मिश्रा, अनुपमा प्रधान, बबीता भुवनेश्वर, रिया देवता, भूमि मिश्रा, शिवली देवता, नूपुर देवता, आकृति देवता, आद्या मिश्रा, नम्रता मिश्रा और स्वयंप्रभा मिश्रा सहित अन्य शामिल थीं।
दौरा और जनसंपर्क के दौरान पार्वती नगर की महिलाओं ने चुनाव प्रचार पर निकली महिलाओं के साथ अपने दुख-दर्द भी बांटे। समस्याओं रखते हुए उन्होंने कहा- मुहल्ले में सफाई का बुरा हाल है। नशेड़ी तत्वों की असहज हरकतों के कारण दहशत का माहौल बना रहता है। रात में भी जगह-जगह असामाजिक तत्वों का डेरा रहता है, इसके बावजूद पुलिस की कार्यशैली सुस्त है। महिलाएं असुरक्षित हैं। समस्याएं सुनकर सरस्वती मिश्रा ने बस्ती की महिलाओं को आश्वस्त किया कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पुरंदर मिश्रा सबसे पहले जनहित से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं की दिशा में काम करेंगे और यही उनकी प्राथमिकता भी है। नशाखोरी रोकने, युवाओं के लिए बेहतर रोजगार की व्यवस्था करने और सख्त कानून-व्यवस्था बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

दिल की अमीर दुरपती ने पिलाई चाय
जनसंपर्क पर निकला महिलाओं का यह कारवां आगे बढ़ते-बढ़ते पार्वती नगर पहुंचा। इस बीच कचना रेलवे फाटक के पास पटरी किनारे रहने वाली दुरपती साहू से मुलाकात हुई। पता लगा, दुरपती लोगों के घरों में बर्तन साफ कर अपना परिवार चलाती है, लेकिन दिल की वह बहुत अमीर हैं। तभी दुरपती ने घर आई अतिथियों का न सिर्फ हाथ जोड़कर अभिनंदन किया बल्कि सभी को उन्होंने पानी और चाय भी पिलाई।

दुरपती ने इस तरह बांटे दुख-दर्द
दुरपती ने बताया प्रशासन ने उसे घर तोड़ने का नोटिस दिया हुआ है। इस आधार पर कि रेलवे पटरी पर फ्लाईओवर प्रस्तावित होने से लगभग 50 घरों को विस्थापित किया जाएगा। इस तरह दुरपती का दर्द छलक उठा। इस पर श्रीमती सरस्वती मिश्रा ने कहा कि विस्थापित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और इस दिशा में वह पूरा प्रयास करेंगी।

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छत्तीसगढ़

बिरसा मुंडा जयंती पर युवाओं को मिला समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

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रायपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मंगलवार को ऑल वॉलंटरी एसोसिएशन फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और आदिवासी समाज से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाकर समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू ने की। शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, युवा एवं विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

डॉ. साहू ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और आत्मविश्वास के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि वह सही दिशा में आगे बढ़े तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में जागरूकता फैलाने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके नेतृत्व में चला जनआंदोलन आज भी सामाजिक न्याय और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।

इस दौरान संस्था के सदस्यों ने आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के कौशल विकास और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संस्था ने भविष्य में भी भगवान बिरसा मुंडा के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान और संगोष्ठियों के आयोजन की घोषणा की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ ली। साथ ही उनके विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।

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कोंडागांव

खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ें, सालभर मिलेगी आय : विवेक ठाकुर

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रायपुर/कोंडागांव। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय को दोगुना करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलना होगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, बहुफसली खेती और बाजार आधारित उत्पादन प्रणाली को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह बात राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम के प्रतिनिधि विवेक ठाकुर ने किसानों से किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और किसान उत्पादक कंपनियों से जुड़कर सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान करते हुए कही।

श्री ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा छोटे और सीमांत किसानों का है। अकेले खेती करने के कारण इन किसानों को उन्नत बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई के साधन और सबसे बढ़कर उपज का उचित मूल्य (विपणन) पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यदि यही किसान एफपीओ या किसान उत्पादक कंपनी के रूप में संगठित होकर काम करें, तो उन्हें सरकारी योजनाओं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बड़े बाजारों तक पहुंच आसानी से मिल सकती है। इससे न सिर्फ खेती की लागत घटेगी, बल्कि उत्पादन और मुनाफे में भी बड़ी वृद्धि होगी।

सांसद प्रतिनिधि ने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को केवल एक ही फसल (धान) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, सब्जी, फल, मक्का और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मिलेट्स जैसे कोदो-कुटकी व अन्य नकदी फसलों की खेती की जानी चाहिए। बहुफसली खेती से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहती है, वहीं दूसरी ओर किसानों को साल के बार Belonging महीने आय के स्रोत मिलते रहते हैं। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने की भी वकालत की।

विवेक ठाकुर ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ FPO के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि किसान उत्पादक कंपनियां किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग करने और बिचौलियों से मुक्त कर बेहतर मूल्य दिलाने में सेतु का काम कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, प्रसंस्करण इकाइयां (प्रोसेसिंग यूनिट) और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियों को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होगा। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को भी कृषि आधारित स्टार्टअप और उद्यमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

श्री ठाकुर ने अंत में अपील की कि यदि छत्तीसगढ़ के किसान संगठित होकर आधुनिक कृषि मॉडल को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में हमारा प्रदेश कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश के भीतर एक नई और अनूठी पहचान स्थापित करेगा।

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रायपुर

मदर्स डे पर सौगात : रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ

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रायपुर। आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है।

अपनों से दूरी होगी कम

वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।

हुनर को मिला सम्मान

निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से श्री हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्री विजय छबलानी (प्रतिनिधि, ठैछस्), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

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