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राजनांदगांव

विधानसभा अध्यक्ष ने 252 दिव्यांगजनों को 73 लाख 53 हजार रूपए की लागत के 326 निःशुल्क सहायक उपकरण का किया वितरण

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी), भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिव्यांजन सहायक उपकरण वितरण समारोह में शिरकत की। यह वक्त दिव्यांगजनों के खुशियों का साक्षी बना जब विधानसभा अध्यक्ष ने 252 दिव्यांगजनों को 73 लाख 53 हजार रूपए की लागत के 326 निःशुल्क सहायक उपकरण का वितरण किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव, डोंगरगांव, छुरिया के दूररराज क्षेत्रों से दिव्यांगजन आए हैं। भारत सरकार की एडिप योजना, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी), भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर के सहयोग से 252 दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि 10 मार्च से 13 मार्च 2026 तक शिविर लगाकर दिव्यांजनों का चिन्हांकन किया गया था। कार्यक्रम में 113 मोट्राराइज्ड ट्रायसाईकिल, 69 ट्रायसाईकिल, 49 व्हील चेयर, 28 बैसाखी, 38 वाकिंग स्टिक, 2 स्मार्ट फोन, 5 सुगम्य केन, 12 टीएलएम किट, 2 सिलिकॉन कुशन, 8 सीपी चेयर का दिव्यांगजनों को निःशुल्क वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव पहला जिला है, जहां 40 प्रतिशत वाले दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदाय किया जा रहा है और सर्वाधिक उपकरण भी राजनांदगांव जिले के दिव्यांगजनों को प्रदाय किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला प्रदेश का पहला जिला है, जहां 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 100 हितग्राहियों को भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है। पहले यह सुविधा केवल 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वालों को मिलती थी। जिला प्रशासन द्वारा एक जीवंत, सजग एवं संवेदनशील पहल की गई है। ऐसे दिव्यंागजन जो शेष रह गए हैं, उनके लिए शिविर आयोजित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सीआरसी ठाकुरटोला जाने के लिए पहुंच मार्ग सड़क निर्माण हेतु डीएएमएफ अंतर्गत राशि की स्वीकृति की जाएगी। ऐसे दिव्यांगजन जिन्हें पेंशन प्राप्त नहीं होता, उन्हें वीबीरामजी के तहत कार्ड प्रदान किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने दिव्यांगजनों से कहा कि अपनी क्षमता का उपयोग रोजगार सृजन के लिए करेंगे। आत्मनिर्भर बनते हुए अपने परिवार की मदद करें। उन्होंने दिव्यांगजनों को बैंक से ऋण लेकर विभिन्न कार्यों के लिए सहायता करने के लिए भी कहा।
सांसद संतोष पाण्डेय ने स्वामी विवेकानंद के उद्धरण नर सेवा ही नारायण सेवा है का स्मरण करते हुए कहा कि दूरदराज से आज यहां दिव्यांगजन आए हैं। उन्होंने एलिम्को एवं अन्य सभी सहयोगी संस्थानों को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजनों की चिंता करते है। जिले में शेष रह गए दिव्यांगजनों को आगामी शिविर में सहायक उपकरण प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के लिए संयुक्त क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) ठाकुरटोला स्थित है, जहां दिव्यांगजनों के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि सेवा कार्य के तहत आज 113 दिव्यांगजनों को निःशुल्क मोट्राइज्ड ट्रायसाईकिल दी गई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का चिन्हांकन करते हुए उनके लिए सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उनका ब्लू प्रिंट तैयार कर उनकी आवश्यकता के संबंध में जानकारी रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार दिव्यांगजनों को सहयोग मिलेगा।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 12 हजार 673 दिव्यांगजन चिन्हांकित हैं। अब तक 11 हजार 726 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बन गया है। यूडीआईडी कार्ड ही वह आधार है, जिससे शासन की सभी योजनाओं का लाभ सीधे दिव्यांगजनों को मिलता है। जिले में 5442 दिव्यांगजनों को मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। 137 दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजन वित्त विकास निगम के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत पिछले वर्ष 14 दिव्यांग दम्पत्तियों को 50 हजार रूपए की राशि दी गई, ताकि वे सम्मान के साथ गृहस्थ जीवन शुरू कर सकें। जिला स्तरीय कार्य योजना 2026-27 तैयार है और क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इस योजना का फोकस सिर्फ उपकरण देना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में राजनांदगांव जिले ने सीआरसी केन्द्र की वजह से पूरे राज्य में दिव्यांग पुनर्वास के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी को आगे ले जाते हुए अब जिला प्रशासन का प्रयास होगा कि राजनांदगांव जिले को सुगम्य भारत अभियान के तहत दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाया जाये। पिछले 10 माह में हजार से अधिक सहायक उपकरण ट्राईसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर विभिन्न शिविरों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित किए हैं। इसका सीधा लाभ यह हुआ कि वृद्ध और दिव्यांगजनों का जीवन सुगम और सम्मानजनक बना है। राजनांदगांव जिला प्रदेश का पहला जिला है जहां 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 100 हितग्राहियों को भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है। पहले यह सुविधा केवल 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वालों को मिलती थी। आज 113 को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और शेष 138 को अन्य ट्रायसाईकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी आदि आवश्यक उपकरण दिए जाएंगे। सीएसआर और एडीआईपी योजना के तहत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (एआईसी) एवं एलिम्को के माध्यम से कुल 73.53 लाख रूपए के उपकरण वितरित हो रहे हैं। इस अवसर पर संतोष अग्रवाल, शिव वर्मा, गोलू सूर्यवंशी, वर्षा सिन्हा, राजेश श्यामकर, भावेश बैद, उत्तम साहू, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी, बड़ी संख्या दिव्यांगजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दिलीप श्रीवास्तव ने किया।

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राजनांदगांव

सुशासन तिहार : गोपालपुर शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 15 पंचायतों के ग्रामीणों ने दिए 1092 आवेदन

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राजनांदगांव। ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत गोपालपुर में एक वृहद जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जनपद पंचायत राजनांदगांव के अध्यक्ष संजय सिन्हा और कलेक्टर जितेंद्र यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्टर ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को बेहद संजीदगी से सुना तथा मौके पर मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण के कड़े निर्देश दिए।

मांगों के आवेदनों की रही भरमार, मौके पर हुआ निपटारा
गोपालपुर में आयोजित इस महाशिविर में क्षेत्र की कुल 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। इनमें मुख्य रूप से भर्रीटोला आंको, बूचाटोला, गोपालपुर, केशोटोला, खोभा, लाममेटा, पाटेकोहरा, पेंड्रीडीह, रानीतलाब, सड़कचिरचारी एवं तेलिनबांधा के ग्रामीण शामिल हुए।

शिविर में जिला प्रशासन को कुल 1092 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मांगों की संख्या सबसे अधिक रही:

मांग संबंधी आवेदन: 1079

शिकायत संबंधी आवेदन: 13

अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए शिविर में प्राप्त आवेदनों में से उन मामलों का तत्काल (ऑन द स्पॉट) निराकरण किया, जो मौके पर सुलझाए जा सकते थे। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को ट्रांसफर कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

योजनाओं से महके हितग्राही, मिला योजनाओं का सीधा लाभ
शिविर के माध्यम से शासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित किया गया।

इन सामग्रियों का हुआ वितरण:

पीएम आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के स्वीकृत हितग्राहियों को ‘अभिनंदन पत्र’ सौंपे गए।

राशन व पेंशन: जरूरतमंदों को नवीन राशन कार्ड और पात्र बुजुर्गों व महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई।

समूहों को संबल: महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंक ऋण के चेक वितरित किए गए।

अन्य प्रोत्साहन: ग्रामीणों को स्वच्छता सामग्री किट और स्कूल के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक रूप से गर्भवती महिलाओं का गोद भराई संस्कार संपन्न कराया गया और माताओं को कुपोषण निवारण किट प्रदान की गई। शिविर में पंचायत, राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य समेत सभी प्रमुख विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।

जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
इस वृहद शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिरम मण्डावी, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत प्रशांत ठाकुर, जनपद सदस्य भेष भाई साहू, श्रीमती सुनीता कंवर, श्रीमती भान बाई मण्डावी, श्रीमती उत्तरा निषाद, उभेराम राम मण्डावी, श्रीमती राधिका चंद्रवंशी, एमडी ठाकुर, चन्द्रिका प्रसाद डड़सेना, रविंद्र वैष्णव, कांता साहू उपस्थित थे।

प्रशासनिक टीम से एडीएम सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम श्रीकांत कोराम, तहसीलदार श्रीमती आकांक्षा साहू, जनपद सीईओ होरी लाल साहू सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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पल्स पोलियो अभियान : राजनांदगांव जिले में 90 हजार से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक, कलेक्टर ने ली बैठक

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राजनांदगांव। जिले में आगामी 28 जून से 30 जून 2026 तक तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल और शत-प्रतिशत संचालन को लेकर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर जितेंद्र यादव की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंद्ध विभागों के अधिकारियों को जिले में अभियान को पूरी गंभीरता और मुस्तैदी से संचालित करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा पल्स पोलियो अभियान को लेकर अब तक की गई तैयारियों और रूट चार्ट की विस्तृत समीक्षा की।

360 बूथों पर तैनात रहेंगी 720 टीमें, 77 सुपरवाइजर करेंगे मॉनिटरिंग
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नेतराम नवरतन ने बैठक में तैयारियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि इस वर्ष पल्स पोलियो अभियान के तहत जिले में शून्य से 5 वर्ष तक के कुल 90,036 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस वृहद लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले भर में व्यापक तैयारियां की गई हैं:

कुल बूथ: जिले में कुल 360 पोलियो बूथ बनाए गए हैं।

टीमें: बूथों पर बच्चों को दवा पिलाने के लिए 720 टीमों का गठन किया गया है।

निरीक्षण व्यवस्था: पूरे कार्यक्रम की बारीकी से मॉनिटरिंग करने के लिए 77 सुपरवाइजर तैनात रहेंगे। इसके साथ ही विकासखंड स्तर पर भी जिला स्तरीय मॉनिटरिंग टीम विशेष नजर रखेगी।

छूटे बच्चों के लिए दो दिन चलेगा ‘घर-घर दस्तक’ अभियान
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी ने बताया कि अभियान के पहले दिन यानी 28 जून 2026 को निर्धारित सभी बूथों पर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। जो बच्चे किसी कारणवश पहले दिन बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए 29 और 30 जून को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर ‘द दस्तक’ अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

ईंट भट्ठों और रेलवे स्टेशनों पर भी रहेगी नजर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मैदानी अमले को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आम नागरिकों के अलावा संवेदनशील क्षेत्रों जैसे ईंट भट्ठा, मदरसा, छात्रावास, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले बच्चों के लिए ‘ट्रांजिट टीमें’ मुस्तैद रहेंगी, ताकि कोई भी बच्चा दवा पीने से वंचित न रहे।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ एम भार्गव, एसडीएम राजनांदगांव गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोराम सहित स्वास्थ्य विभाग और जिला स्तर के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

कृषक उन्नति योजना अंतर्गत किसानों को फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए करें प्रोत्साहित : कलेक्टर

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि शासन ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना अंतर्गत फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने किसानों को धान के बदले दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने कहा। इस योजना अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने सभी ग्रामों में कृषि चौपाल का आयोजन कर अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आशा योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत दलहन तिलहन, कोदो, कुटकी सहित अन्य फसलों को बढ़ावा देने के लिए कहा। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय की मरम्मत एवं अधोसंरचना की मजबूती के लिए विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गई घोषणा को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवायसी की स्थिति एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत लाभान्वितों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे हितग्राही जो इन योजनाओं के तहत लाभान्वित हो रहे है, उन्हें श्रम विभाग में पंजीयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में कुपोषण को ध्यान में रखते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार देने की दिशा में विशेष तौर पर कार्य करें। आंगनबाड़ी मरम्मत कार्य के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने एलिम्को के सहयोग से दिव्यांगजनों के लिए आयोजित कार्यक्रम हेतु समाज कल्याण विभाग की टीम की प्रशंसा की। कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा, पीजीएन, पीजी पोर्टल एवं जनदर्शन के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की।
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन के लिए जनसामान्य को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें। शासन की यह योजना बिजली बिल शून्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस योजना के लिए कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने भूमि अर्जन एवं मुआवजा के प्रकरणों, सुशासन तिहार, सीएम हेल्पलाईन सहित शासन की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। कार्यपालन अभियंता लोक सेवा यांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण होने पर संबंधितों को भुगतान की कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अंतर्गत छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम एवं छात्रावासों में बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत लंबित प्रकरणों का निराकरण सभी विभाग शीघ्रता से करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाईन के संबंध में सभी को अच्छी तरह से प्रशिक्षण लेने के लिए कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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