राजनांदगांव
ओवररेटिंग और अवैध उत्खनन के खिलाफ शमसुल आलम हुए मुखर, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
राजनांदगांव। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिले की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। आबकारी, खनिज, आरटीओ और ट्रैफिक विभाग से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर मोर्चा ने जिलाधीश के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है, साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जोगी युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम ने बताया कि बीते 11 जून 2026 को उड़नदस्ता की टीम ने मोहारा स्थित शराब दुकान में सेल्समैन को ओवररेटिंग करते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। आलम ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि मोहारा शराब दुकान के सुपरवाइजर के रिश्तेदार खुद आबकारी विभाग में निरीक्षक हैं। इसके अलावा प्लेसमेंट एजेंसी (आईएसआई) कंपनी के लोकेशन ऑफिसर जायसवाल की भूमिका भी संदेहास्पद है।
मोर्चा ने मांग की है कि शराब दुकान के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर सच सामने लाया जाए। एरिया इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित किया जाए। एसआईएस कंपनी के लोकेशन ऑफिसर, दुकान के सुपरवाइजर और सेल्समैन को ब्लैकलिस्टेड किया जाए।
शमसुल आलम ने कहा कि जब से यह निजी कंपनी आई है, पड़ोसी जिले खैरागढ़ और मोहला-मानपुर में भी अवैध शराब की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिन पर हाल ही में आबकारी आयुक्त द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए कई जिलों के एरिया इंस्पेक्टरों को सस्पेंड किया गया है।
ज्ञापन में शहर के भीतर चल रहे अवैध उत्खनन और खनिज माफियाओं पर भी निशाना साधा गया है। जोगी कांग्रेस ने मांग की है कि खनिज विभाग द्वारा जिले में जितने भी रेत, मुरुम और क्रेशर खदानों को अनुमति दी गई है, उनका नए सिरे से पुनः सीमांकन कराया जाए ताकि अवैध उत्खनन पर लगाम लग सके। इसके साथ ही, सड़कों पर दौड़ रही रेत और मुरुम से भरी ओवरलोड गाड़ियों और मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से डाला (बॉडी) बढ़ाकर चल रहे वाहनों पर आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाए।
मनगट्टा स्थित रिसॉर्ट और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जिलाधीश द्वारा की गई ऐतिहासिक कार्रवाई का जोगी कांग्रेस ने स्वागत किया और प्रशासन को बधाई दी। इसके साथ ही मांग की गई कि वहां पूर्व में बने हुए रिसॉर्ट और अन्य प्लॉटिंग की भी निष्पक्ष जांच कर उनका पुनः सीमांकन कराया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसीलदार ने जोगी युवा मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को तत्काल प्रभाव से कलेक्टर तक पहुंचाया जाएगा और इस पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बिलाल सोलिन खान, विधानसभा अध्यक्ष नमन पटेल, जिला महासचिव ऋषभ रामटेके, मुकेश साहू, ईश्वर देवांगन सहित बड़ी संख्या में जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव
विश्व रक्तदान दिवस पर जिले में 155 यूनिट रक्त संग्रह, समाजसेवियों और जवानों ने दिखाई सहभागिता
राजनांदगांव। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न ब्लड बैंकों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। रेडक्रॉस सोसायटी, समाजसेवी संस्थाओं और विभिन्न संगठनों के सहयोग से आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। जिलेभर में कुल 155 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि 14 जून को आयोजित रक्तदान शिविरों में मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में 27 यूनिट, जिला अस्पताल ब्लड बैंक में 20 यूनिट, नांदगांव ब्लड बैंक में 4 यूनिट, बालाजी ब्लड बैंक में 58 यूनिट, बिलासा ब्लड बैंक में 29 यूनिट तथा लाइफ लाइन ब्लड बैंक में 17 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस प्रकार जिले में कुल 155 यूनिट रक्त संग्रह हुआ।
रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पुलिस विभाग, आईटीबीपी के जवानों तथा समाजसेवियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.एल. तुलावी, सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं मेडिकल कॉलेज के मेडिकल ऑफिसर डॉ. इंदौरिया सहित अनेक लोगों ने रक्तदान कर दूसरों के जीवन बचाने में योगदान दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान साबित होता है। विश्व रक्तदान दिवस का उद्देश्य लोगों को नियमित रक्तदान के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
राजनांदगांव
सघन कुष्ठ खोज अभियान शुरू, 15 जुलाई तक घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य टीमें
राजनांदगांव। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न ने बताया कि जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य समुदाय स्तर पर छिपे हुए कुष्ठ रोगियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर रोग के प्रसार और उससे होने वाली विकलांगता को रोकना है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रोबैक्टेरियम लैप्रे नामक जीवाणु से होने वाला धीमी गति का संक्रामक रोग है, जिसकी समय पर पहचान और उपचार से पूर्ण नियंत्रण संभव है।
अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों तथा नगरीय निकायों के वार्डों में घर-घर सर्वे किया जाएगा। इसके लिए विशेष दलों का गठन किया गया है, जिनमें मितानिनों को भी शामिल किया गया है। टीम परिवार के प्रत्येक सदस्य की स्क्रीनिंग करेगी और संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच के लिए रेफर किया जाएगा। रोग की पुष्टि होने पर नि:शुल्क उपचार शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले का वर्तमान प्रीवैलेंस रेट 1.42 है, जो निर्धारित मानक से अधिक है। अभियान की निगरानी ब्लॉक एवं जिला स्तर पर की जाएगी। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया एवं तकनीकी प्रशिक्षण डीडीएम अखिलेश चोपड़ा द्वारा वर्चुअल माध्यम से स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अभियान में सहयोग करने तथा सर्वेक्षण टीमों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके।
राजनांदगांव
गायत्री मंत्र की अनिवार्यता पर ईसाई समाज मुखर, सचिव को पत्र सौंप जताई कड़ी आपत्ति
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में गायत्री मंत्र की अनिवार्यता के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा 16 जून से सभी शासकीय स्कूलों में सुबह और शाम की प्रार्थना के दौरान गायत्री मंत्र सहित विभिन्न मंत्रों के उच्चारण को अनिवार्य किए जाने के आदेश का ईसाई समाज ने कड़ा विरोध किया है। समाज ने इस नियम को अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों और शिक्षकों पर थोपने को गलत बताते हुए इसे स्वैच्छिक रखने की मांग की है।
इस संबंध में ईसाई समाज के अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने राज्य के मुख्य सचिव को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
संविधान के अनुच्छेदों का दिया हवाला
मुख्य सचिव को लिखे पत्र में ईसाई समाज के अध्यक्ष ने देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे और संवैधानिक अधिकारों की याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। संविधान का अनुच्छेद 25 और 28 साफ तौर पर यह प्रावधान करता है कि शासकीय या सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में किसी भी छात्र या शिक्षक को किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या प्रार्थना के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। सरकार का यह नया नियम सीधे तौर पर संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
धार्मिक आस्था और अंतःकरण की स्वतंत्रता पर चोट
श्री पॉल ने स्पष्ट किया कि गायत्री मंत्र हिंदू सनातन धर्म की आस्था और पवित्रता का एक अत्यंत आदरणीय प्रतीक है, और समाज इसका पूरा सम्मान करता है। लेकिन, ईसाई समुदाय के बच्चों और शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए इसका उच्चारण अनिवार्य करना उनकी अपनी धार्मिक मान्यताओं और अंतःकरण की स्वतंत्रता के विपरीत है। किसी पर भी उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई धार्मिक आचरण नहीं थोपा जाना चाहिए।
स्कूलों के समावेशी माहौल को खतरा
ईसाई समाज ने चिंता जताते हुए कहा कि स्कूलों का वातावरण हमेशा से सर्वधर्म समभाव और समावेशी रहा है, जहां हर वर्ग के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। किसी भी एक धार्मिक विचार या मंत्र को अनिवार्य करने से अल्पसंख्यक समुदाय के मासूम बच्चों में असहजता और अलगाव की भावना पैदा हो सकती है, जो उनके मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए कतई उचित नहीं है।
यह है प्रमुख मांग:
ईसाई समुदाय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए गायत्री मंत्र का उच्चारण पूरी तरह स्वैच्छिक किया जाए। उन्हें अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप इस प्रार्थना में सम्मिलित होने या न होने का अधिकार और संरक्षण दिया जाए।
ईसाई समाज ने उम्मीद जताई है कि सरकार लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और अल्पसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस नियम में तत्काल आवश्यक संशोधन करेगी।
-
छत्तीसगढ़3 years ago*अंतरराष्ट्रीय बास्केटबाॅल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव एशियन गेम्स में आब्सर्वर बनाये गये।*
-
छत्तीसगढ़3 years ago*अंतरराष्ट्रीय बास्केटबाॅल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव ने वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के रॉ टेलेंटेड बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया।*
-
राजनांदगांव3 years agoविषयवार हो शिक्षकों की भर्ती, हाईकोर्ट में याचिका दायर, छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन ने दर्ज की याचिका
-
राजनांदगांव4 years agoछत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन में सहायक विकास विस्तार अधिकारी संघ भी हुआ शामिल
-
छत्तीसगढ़3 years agoसरकारी स्कूलों को बंद करने की साजिश, राज्यपाल करें हस्ताक्षेप : क्रिष्टोफर पॉल
-
राजनांदगांव3 years agoहेडमास्टर बनाने में हद पार, पैसे दो और मनचाहे स्कूल में जाओ
-
राजनांदगांव1 month agoघुमका चुनाव के लिए कांग्रेस ने कसी कमर : ‘नगर पंचायत कांग्रेस ने बनाया, कांग्रेस ही संवारेगी’
-
राजनांदगांव4 years ago
ब्रेकिंग न्यूज़ राजनांदगांव। धारा 144 लागू किसी प्रकार के आयोजन, रैली, सामाजिक तथा अन्य आयोजन प्रतिन्धित
