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राजनांदगांव

सघन कुष्ठ खोज अभियान शुरू, 15 जुलाई तक घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य टीमें

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राजनांदगांव। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न ने बताया कि जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य समुदाय स्तर पर छिपे हुए कुष्ठ रोगियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर रोग के प्रसार और उससे होने वाली विकलांगता को रोकना है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रोबैक्टेरियम लैप्रे नामक जीवाणु से होने वाला धीमी गति का संक्रामक रोग है, जिसकी समय पर पहचान और उपचार से पूर्ण नियंत्रण संभव है।

अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों तथा नगरीय निकायों के वार्डों में घर-घर सर्वे किया जाएगा। इसके लिए विशेष दलों का गठन किया गया है, जिनमें मितानिनों को भी शामिल किया गया है। टीम परिवार के प्रत्येक सदस्य की स्क्रीनिंग करेगी और संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच के लिए रेफर किया जाएगा। रोग की पुष्टि होने पर नि:शुल्क उपचार शुरू किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले का वर्तमान प्रीवैलेंस रेट 1.42 है, जो निर्धारित मानक से अधिक है। अभियान की निगरानी ब्लॉक एवं जिला स्तर पर की जाएगी। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया एवं तकनीकी प्रशिक्षण डीडीएम अखिलेश चोपड़ा द्वारा वर्चुअल माध्यम से स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अभियान में सहयोग करने तथा सर्वेक्षण टीमों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके।

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राजनांदगांव

जनदर्शन में पहुंची फरियाद तो मिली राहत, कृषक की पैतृक जमीन अवैध कब्जे से मुक्त

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राजनांदगांव। कलेक्टर जनदर्शन में की गई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने लाल बहादुर नगर तहसील के ग्राम पीतेपानी निवासी कृषक टुकुनराम गोंड की पैतृक कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया। भूमि वापस मिलने से किसान परिवार को बड़ी राहत मिली है।

टुकुनराम गोंड ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर बताया था कि उनकी पैतृक कृषि भूमि पर गांव के ही एक व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। उन्होंने प्रशासन से भूमि को कब्जामुक्त कराने और अपने अधिकारों की रक्षा की मांग की थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद लाल बहादुर नगर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि पर तार फेंसिंग कर अवैध कब्जा किया गया था।

राजस्व विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जा हटाया और भूमि को मुक्त कराया। इसके बाद टुकुनराम गोंड को उनकी पैतृक कृषि भूमि पर पुन: वैधानिक अधिकार मिल गया।

भूमि वापस मिलने पर कृषक टुकुनराम गोंड ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनदर्शन के माध्यम से उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो सका।

जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। आम नागरिकों के राजस्व एवं अन्य समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।

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राजनांदगांव

खरीफ सीजन के लिए समितियों में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध, किसानों को नहीं होगी परेशानी

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन ने सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद और धान बीज का भंडारण कराया है, जिससे किसानों को खेती कार्य के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था सुचारू रखी जाए। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव से जुड़े राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी एवं कबीरधाम जिलों की सहकारी समितियों में अब तक 1 लाख 48 हजार 420 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 1 लाख 423 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 67.66 प्रतिशत है।

इसी अवधि में किसानों को 67 हजार 146 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है, जो कुल भंडारित खाद का 66.86 प्रतिशत है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रति एकड़ वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर उर्वरकों के उपयोग संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है और उसी के अनुरूप खाद का वितरण किया जा रहा है।

वर्तमान में सहकारी समितियों में 33 हजार 277 मीट्रिक टन रासायनिक खाद किसानों के वितरण के लिए उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा किसानों की मांग के अनुसार खाद भंडारण सुनिश्चित करने के लिए लगातार आरओ एवं डीडी जारी किए जा रहे हैं।

धान बीज की उपलब्धता के संबंध में बताया गया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 18 हजार 922.18 क्विंटल धान बीज का भंडारण किया गया है। इनमें से 9 हजार 107.84 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 9 हजार 814.34 क्विंटल धान बीज अभी भी समितियों में उपलब्ध है। किसानों की मांग के अनुसार इसका वितरण किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने दावा किया है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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राजनांदगांव

विश्व रक्तदान दिवस पर जिले में 155 यूनिट रक्त संग्रह, समाजसेवियों और जवानों ने दिखाई सहभागिता

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राजनांदगांव। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न ब्लड बैंकों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। रेडक्रॉस सोसायटी, समाजसेवी संस्थाओं और विभिन्न संगठनों के सहयोग से आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। जिलेभर में कुल 155 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि 14 जून को आयोजित रक्तदान शिविरों में मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में 27 यूनिट, जिला अस्पताल ब्लड बैंक में 20 यूनिट, नांदगांव ब्लड बैंक में 4 यूनिट, बालाजी ब्लड बैंक में 58 यूनिट, बिलासा ब्लड बैंक में 29 यूनिट तथा लाइफ लाइन ब्लड बैंक में 17 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस प्रकार जिले में कुल 155 यूनिट रक्त संग्रह हुआ।

रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पुलिस विभाग, आईटीबीपी के जवानों तथा समाजसेवियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.एल. तुलावी, सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं मेडिकल कॉलेज के मेडिकल ऑफिसर डॉ. इंदौरिया सहित अनेक लोगों ने रक्तदान कर दूसरों के जीवन बचाने में योगदान दिया।

स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान साबित होता है। विश्व रक्तदान दिवस का उद्देश्य लोगों को नियमित रक्तदान के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

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