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राजनांदगांव

लोक निर्माण विभाग नहीं, भ्रष्टाचार निर्माण विभाग बन के रह गया है : नवीन अग्रवाल

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राजनांदगांव। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश महासचिव नवीन अग्रवाल ने बताया उनके द्वारा विगत 27 सितंबर को खुज्जी विधानसभा की गुंडरदेही-उमरवाही-गोडलवाही मटिया-करमरी सड़क जिसका अनुबंध क्रमांक 177 डीएल 2021-22 के बीटी पेंच रिपेयरिंग कार्य में हुए लाखों के घोटाले की शिकायत पर 7 दिन में जांच कर एसडीओ अहमद नवाज दानिश और ठेकेदार नंदनी कंट्रक्शन पर एफआईआर करवाने कार्यपालन अभियंता को एक ज्ञापन दिया गया था, मगर भ्रष्ट विभाग द्वारा जनता की आवाज को अनसुना कर दिया गया है, इसलिए आज दल बल सहित विभाग का घेराव किया गया है।
नवीन अग्रवाल ने आगे बताया कि विभाग द्वारा सूचना के अधिकार में दिए गए माप पुस्तिका के अनुसार पेंच कार्य जनवरी 2022 से शुरू होकर मई 2022 तक का है और 2 माह बाद बारिश में सड़क उखड़ जाती है। उक्त क्षेत्र की जनता घटिया सड़क से परेशान है और आपके अधिकारी और ठेकेदार लाखों का घोटाला करके मालामाल हो रहे हैं। गुंडरदेही-उमरवाही-गोडलवाही, मटिया-करमरी सड़क के मामले में उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि क्यों मौन है यह भी समझ से परे है, जहां पीडब्ल्यूडी की 3 मीटर चौड़ाई वाली सड़क है, जबकि माप पुस्तिका में कई जगह 3 मीटर से अधिक चौड़ाई का माप दर्ज है।
शहर जिलाध्यक्ष समशुल आलम ने कहा कि माप पुस्तिका के अनुसार पेज नंबर 1 से 6 तक एसओआर क्रमांक 5.2 टेक कोट का माप दर्ज है। जिसमे किमी 27/6, 25/4, 17/10 से 13/10 तक 1661.131 वर्ग मीटर का माप दर्ज है। इसी माप पुस्तिका के पेज नंबर 07 से 12 तक में एसओआर क्रमांक 5.19 लेवलिंग कोर्स का माप दर्ज है। शमशुल आलम ने आगे बताया कि जिसमें उक्त पेज में दर्ज सभी मापों की मोटाई-ऊंचाई के माप में कांट-छांट किया गया है एवं ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य लेवलिंग कोर्स के माप को बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज कर बड़ा घोटाला किया गया है।
उक्त कार्य का अनुबंध सबडिवीजन क्रमांक 2 के चिरचारी-जोब-भर्रीटोला एवं 3 अन्य सड़क कार्य के लिए हुआ था, किंतु माप पुस्तिका के पेज क्रमांक 37 से 53 तक में आरकेपी सड़क एवं मोतीपुर-ढाबा सड़क का माप दर्ज है जो कि सब डिवीजन क्रमांक 1 के अंतर्गत आता है, कृपया स्पष्ट करें जिस सड़क के नाम से उक्त कार्य का अनुबंध किया गया है, माप पुस्तिका में सड़क चिरचारी जोब भर्रीटोला सड़क का माप ही दर्ज नहीं है। उक्त सभी बिंदुओं पर 10 दिवस के भीतर जांच कर मिलीभगत कर घोटाला करने वाले एसडीओ दानिश और ठेकेदार नंदनी कंट्रक्शन के मालिक पर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए। अन्यथा जनता कांग्रेस जोगी को सड़क के लिए सड़क की लड़ाई लड़ना होगा और न्यायालय की शरण में जाना होगा, जिसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होगी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश महासचिव नवीन अग्रवाल, शहर जिलाध्यक्ष शमशुम आलम, युवा जिलाध्यक्ष टिंकू देवांगन, युवा शहर अध्यक्ष दीपक सोनी, शहर अध्यक्ष बिलाल सौलीन खान, करन साहू, विनोद पूराम, राजू साहू, भोला साहू, पोकेश चंद्रवंशी, त्रिपाशी वर्मा, हेमंत साहू, अभिषेक मरकांडे, खिलावन साहू, प्रशांत चंद्रवंशी, रोबिन सायमन, कृष्ण यादव, शैलेश यादव, सौरभ ठाकुर, सुमित सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

ओवररेटिंग और अवैध उत्खनन के खिलाफ शमसुल आलम हुए मुखर, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिले की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। आबकारी, खनिज, आरटीओ और ट्रैफिक विभाग से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर मोर्चा ने जिलाधीश के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है, साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जोगी युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम ने बताया कि बीते 11 जून 2026 को उड़नदस्ता की टीम ने मोहारा स्थित शराब दुकान में सेल्समैन को ओवररेटिंग करते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। आलम ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि मोहारा शराब दुकान के सुपरवाइजर के रिश्तेदार खुद आबकारी विभाग में निरीक्षक हैं। इसके अलावा प्लेसमेंट एजेंसी (आईएसआई) कंपनी के लोकेशन ऑफिसर जायसवाल की भूमिका भी संदेहास्पद है।
मोर्चा ने मांग की है कि शराब दुकान के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर सच सामने लाया जाए। एरिया इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित किया जाए। एसआईएस कंपनी के लोकेशन ऑफिसर, दुकान के सुपरवाइजर और सेल्समैन को ब्लैकलिस्टेड किया जाए।
शमसुल आलम ने कहा कि जब से यह निजी कंपनी आई है, पड़ोसी जिले खैरागढ़ और मोहला-मानपुर में भी अवैध शराब की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिन पर हाल ही में आबकारी आयुक्त द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए कई जिलों के एरिया इंस्पेक्टरों को सस्पेंड किया गया है।
ज्ञापन में शहर के भीतर चल रहे अवैध उत्खनन और खनिज माफियाओं पर भी निशाना साधा गया है। जोगी कांग्रेस ने मांग की है कि खनिज विभाग द्वारा जिले में जितने भी रेत, मुरुम और क्रेशर खदानों को अनुमति दी गई है, उनका नए सिरे से पुनः सीमांकन कराया जाए ताकि अवैध उत्खनन पर लगाम लग सके। इसके साथ ही, सड़कों पर दौड़ रही रेत और मुरुम से भरी ओवरलोड गाड़ियों और मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से डाला (बॉडी) बढ़ाकर चल रहे वाहनों पर आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाए।
मनगट्टा स्थित रिसॉर्ट और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जिलाधीश द्वारा की गई ऐतिहासिक कार्रवाई का जोगी कांग्रेस ने स्वागत किया और प्रशासन को बधाई दी। इसके साथ ही मांग की गई कि वहां पूर्व में बने हुए रिसॉर्ट और अन्य प्लॉटिंग की भी निष्पक्ष जांच कर उनका पुनः सीमांकन कराया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसीलदार ने जोगी युवा मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को तत्काल प्रभाव से कलेक्टर तक पहुंचाया जाएगा और इस पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बिलाल सोलिन खान, विधानसभा अध्यक्ष नमन पटेल, जिला महासचिव ऋषभ रामटेके, मुकेश साहू, ईश्वर देवांगन सहित बड़ी संख्या में जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

गायत्री मंत्र की अनिवार्यता पर ईसाई समाज मुखर, सचिव को पत्र सौंप जताई कड़ी आपत्ति

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में गायत्री मंत्र की अनिवार्यता के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा 16 जून से सभी शासकीय स्कूलों में सुबह और शाम की प्रार्थना के दौरान गायत्री मंत्र सहित विभिन्न मंत्रों के उच्चारण को अनिवार्य किए जाने के आदेश का ईसाई समाज ने कड़ा विरोध किया है। समाज ने इस नियम को अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों और शिक्षकों पर थोपने को गलत बताते हुए इसे स्वैच्छिक रखने की मांग की है।

इस संबंध में ईसाई समाज के अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने राज्य के मुख्य सचिव को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

संविधान के अनुच्छेदों का दिया हवाला
मुख्य सचिव को लिखे पत्र में ईसाई समाज के अध्यक्ष ने देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे और संवैधानिक अधिकारों की याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। संविधान का अनुच्छेद 25 और 28 साफ तौर पर यह प्रावधान करता है कि शासकीय या सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में किसी भी छात्र या शिक्षक को किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या प्रार्थना के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। सरकार का यह नया नियम सीधे तौर पर संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

धार्मिक आस्था और अंतःकरण की स्वतंत्रता पर चोट
श्री पॉल ने स्पष्ट किया कि गायत्री मंत्र हिंदू सनातन धर्म की आस्था और पवित्रता का एक अत्यंत आदरणीय प्रतीक है, और समाज इसका पूरा सम्मान करता है। लेकिन, ईसाई समुदाय के बच्चों और शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए इसका उच्चारण अनिवार्य करना उनकी अपनी धार्मिक मान्यताओं और अंतःकरण की स्वतंत्रता के विपरीत है। किसी पर भी उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई धार्मिक आचरण नहीं थोपा जाना चाहिए।

स्कूलों के समावेशी माहौल को खतरा
ईसाई समाज ने चिंता जताते हुए कहा कि स्कूलों का वातावरण हमेशा से सर्वधर्म समभाव और समावेशी रहा है, जहां हर वर्ग के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। किसी भी एक धार्मिक विचार या मंत्र को अनिवार्य करने से अल्पसंख्यक समुदाय के मासूम बच्चों में असहजता और अलगाव की भावना पैदा हो सकती है, जो उनके मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए कतई उचित नहीं है।

यह है प्रमुख मांग:
ईसाई समुदाय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए गायत्री मंत्र का उच्चारण पूरी तरह स्वैच्छिक किया जाए। उन्हें अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप इस प्रार्थना में सम्मिलित होने या न होने का अधिकार और संरक्षण दिया जाए।

ईसाई समाज ने उम्मीद जताई है कि सरकार लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और अल्पसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस नियम में तत्काल आवश्यक संशोधन करेगी।

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अपराध

घर में अकेली पाकर नाबालिग से दुष्कर्म, तुमडीबोड़ पुलिस ने चंद घंटों में आरोपी को दबोचा

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राजनांदगांव। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत तुमडीबोड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। घर में अकेली पाकर 17 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

सूने मकान का आरोपी ने उठाया फायदा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला तुमडीबोड़ चौकी क्षेत्र के ग्राम धौराभाठा का है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में महिला और बालकों से जुड़े अपराधों पर पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में 14 जून को पीड़िता की मां ने तुमडीबोड़ चौकी पहुंचकर आपबीती सुनाई और लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत के मुताबिक, रविवार को प्रार्थिया अपने पति के साथ किसी काम से राजनांदगांव गई हुई थी। घर पर उनकी 17 वर्षीय बेटी अकेली थी। इसी दौरान सूनेपन का फायदा उठाकर पड़ोस में रहने वाला आरोपी कुणाल जोशी (20 वर्ष) उनके घर में जबरन दाखिल हो गया।

पड़ोसियों ने दी सूचना, कूलर के पीछे छिपा मिला आरोपी
दोपहर करीब 1:00 बजे जब पड़ोसियों को कुछ आहट हुई और घर में किसी अज्ञात व्यक्ति के घुसने का शक हुआ, तो उन्होंने तत्काल फोन पर इसकी सूचना पीड़िता के माता-पिता को दी। सूचना मिलते ही दंपती दोपहर करीब 2:00 बजे आनन-फानन में अपने घर वापस लौटे।

दरवाजा खुलते ही भागा आरोपी
जब माता-पिता घर पहुंचे तो अंदर का दरवाजा बंद था। काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद जब दरवाजा खुला, तो भीतर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। संदेह के आधार पर जब घर की तलाशी ली गई, तो आरोपी कुणाल जोशी कमरे में रखे कूलर के पीछे छिपा हुआ पाया गया। जैसे ही माता-पिता ने शोर मचाकर पड़ोसियों को एकत्र किया, आरोपी मौका पाकर वहां से भाग निकला। इसके बाद जब मां ने डरी-सहमी बेटी से पूछताछ की, तो पीड़िता ने रोते हुए आपबीती सुनाई और बताया कि आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती अनाचार किया है।

बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तुमडीबोड़ चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धनीराम नारंगे ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तत्काल टीम गठित की। पुलिस ने आरोपी कुणाल जोशी के खिलाफ अपराध क्रमांक 258/26, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 64 तथा धारा 04 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस की मुस्तैदी के कारण घेराबंदी कर आरोपी को चंद घंटों के भीतर ही उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। वैधानिक कार्रवाई पूरी होने के बाद सोमवार को आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे जेल दाखिल कर दिया गया है।

सराहनीय भूमिका: इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धनीराम नारंगे, सहायक उपनिरीक्षक चुन्नीलाल साहू, आरक्षक लोकेश कुमार साहू, महिला आरक्षक रानी साहू, महिला आरक्षक पूनम बैस तथा तुमडीबोड़ चौकी स्टाफ की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।

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